वर्ण विचार हिन्दी व्याकरण की पहली और सबसे आधारभूत इकाई है। SSC, RRB Group D, NTPC, बैंकिंग और राज्य-स्तरीय परीक्षाओं में 2–4 अंक सीधे वर्णमाला, स्वर–व्यंजन के भेद और उच्चारण-स्थान से आते हैं। यह अध्याय आगे की हर इकाई — संधि, शब्द, वाक्य —…
SSC CGL/CHSL की हिन्दी, बिहार/UP/MP/राजस्थान/उत्तराखंड जैसे राज्यों के पटवारी, CTET, REET और शिक्षक-भर्ती परीक्षाओं में वर्ण-विचार से सीधा प्रश्न पूछा जाता है।
वर्ण वह छोटी-से-छोटी ध्वनि-इकाई है जिसके और टुकड़े नहीं किए जा सकते। हिन्दी वर्णमाला में कुल 52 वर्ण हैं — 11 स्वर और 41 व्यंजन (देवनागरी मानक के अनुसार)।
जिन वर्णों का उच्चारण बिना किसी अन्य वर्ण की सहायता के होता है, उन्हें 'स्वर' कहते हैं।
जिन वर्णों का उच्चारण स्वरों की सहायता से होता है, उन्हें 'व्यंजन' कहते हैं।
दो या अधिक व्यंजनों के मेल से बने वर्ण 'संयुक्त व्यंजन' कहलाते हैं। जो ध्वनियाँ न तो शुद्ध स्वर हैं और न शुद्ध व्यंजन — वे 'अयोगवाह' कहलाती हैं।