संधि हिन्दी व्याकरण का एक अति महत्वपूर्ण अध्याय है जिसमें दो वर्णों के मेल से उत्पन्न परिवर्तन का अध्ययन किया जाता है। SSC, बैंक, रेलवे, CTET, राज्य PSC और शिक्षक-भर्ती परीक्षाओं में संधि-विच्छेद के 2–4 प्रश्न अवश्य आते हैं।
SSC CHSL/CGL की हिन्दी अनुभाग में 2–3 अंक संधि से, UPPSC/RPSC/BPSC में संधि-विच्छेद बहुत बार पूछा जाता है। सटीकता आसान है यदि नियम याद हों।
दो वर्णों के परस्पर मेल से जो विकार (परिवर्तन) उत्पन्न होता है, उसे 'संधि' कहते हैं।
जब दो स्वर मिलते हैं और उनसे एक नया रूप बनता है — उसे स्वर संधि कहते हैं।
व्यंजन के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से होने वाले परिवर्तन को व्यंजन संधि कहते हैं।
विसर्ग (ः) का स्वर या व्यंजन से मेल होने पर जो परिवर्तन होता है, उसे विसर्ग संधि कहते हैं।