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भारत ने 8 जून, 2026 को नई दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय शिखर सम्मेलन में 'डिजिटल सेतु' नामक एक महत्वाकांक्षी वैश्विक डिजिटल शासन फ्रेमवर्क पहल का अनावरण किया। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) के सुरक्षित, समावेशी और अंतर-संचालनीय उपयोग को बढ़ावा देना है, जिससे विकासशील देशों को डिजिटल परिवर्तन में मदद मिल सके। यह भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान डिजिटल अर्थव्यवस्था कार्य समूह के निष्कर्षों पर आधारित है।
भारत के पहले निजी तौर पर विकसित डीप-सी माइनिंग रोबोट 'समुद्रयान-1' का 8 जून 2026 को बंगाल की खाड़ी में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। यह रोबोट 6,000 मीटर की गहराई तक जाकर पॉलीमेटेलिक नोड्यूल्स जैसे मूल्यवान खनिजों की खोज और संग्रह करने में सक्षम है। इस उपलब्धि से भारत को गहरे समुद्र में खनन प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने और 'ब्लू इकोनॉमी' को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
8 जून 2026 को नई दिल्ली में संपन्न हुई G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में 'जलवायु परिवर्तन शमन पर नई दिल्ली घोषणापत्र' को अपनाया गया। इस घोषणापत्र में सदस्य देशों ने 2050 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और नवीकरणीय ऊर्जा, चक्रीय अर्थव्यवस्था तथा जैव विविधता संरक्षण में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। बैठक में विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्त की उपलब्धता पर भी जोर दिया गया।
भारत सरकार ने 8 जून 2026 को नई औद्योगिक नीति 2026 का अनावरण किया, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। यह नीति नवाचार, प्रौद्योगिकी अपनाने और सतत विकास पर केंद्रित है, जिसमें MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसका लक्ष्य भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करना है।
भारतीय रेलवे ने 8 जून 2026 को अपने महत्वाकांक्षी 'मिशन रफ्तार' के दूसरे चरण ('मिशन रफ्तार' 2.0) की शुरुआत की घोषणा की है। इस चरण का मुख्य उद्देश्य प्रमुख रेल मार्गों पर यात्री ट्रेनों की औसत गति को बढ़ाना और माल ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करना है। यह पहल रेलवे के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, सिग्नलिंग प्रणालियों के उन्नयन और समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के विस्तार पर केंद्रित है, जिससे देश की आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी।
भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत उच्च शिक्षा में क्रेडिट हस्तांतरण और बहु-प्रवेश/निकास प्रणाली के व्यापक विस्तार की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को अपनी पढ़ाई में अधिक लचीलापन प्रदान करना और विभिन्न पाठ्यक्रमों तथा संस्थानों के बीच सहज आवाजाही सुनिश्चित करना है। यह कदम छात्रों को अपनी गति और रुचि के अनुसार शिक्षा प्राप्त करने में सशक्त करेगा, जिससे ड्रॉपआउट दर में कमी आने की उम्मीद है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 8 जून, 2026 को अपने महत्वाकांक्षी चंद्रयान-4 मिशन की लॉन्चिंग की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर एक रोवर और एक स्थायी बेस स्टेशन स्थापित करना है। यह मिशन भारत की चंद्र अन्वेषण क्षमताओं को और आगे बढ़ाएगा और भविष्य के मानवयुक्त चंद्र मिशनों के लिए महत्वपूर्ण डेटा और अनुभव प्रदान करेगा। लॉन्चिंग 2027 के अंत तक होने की उम्मीद है।
भारत और यूरोपीय संघ ने 8 जून, 2026 को ब्रुसेल्स में आयोजित अपनी नवीनतम वार्ता के बाद एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की घोषणा की है। दोनों पक्षों ने कई प्रमुख क्षेत्रों, विशेषकर टैरिफ कटौती, सेवा व्यापार और निवेश संरक्षण पर सहमति व्यक्त की है। यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए व्यापार और निवेश के नए अवसर खोलेगा और भू-राजनीतिक संबंधों को मजबूत करेगा।
भारत सरकार ने 8 जून, 2026 को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के दायरे का विस्तार करने की घोषणा की है, जिसमें अब अतिरिक्त 10 करोड़ परिवारों को शामिल किया जाएगा और कुछ नई स्वास्थ्य सेवाओं को जोड़ा जाएगा। इस विस्तार का उद्देश्य देश के अधिक वंचित वर्गों तक पहुँच बनाना और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाना है। यह निर्णय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद लिया गया।
भारत सरकार ने 7 जून, 2026 को 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन 2.0' का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य देश में जल संसाधनों के एकीकृत प्रबंधन, जल संरक्षण और प्रत्येक नागरिक तक सुरक्षित पेयजल की पहुँच सुनिश्चित करना है। यह मिशन जल संकट से निपटने और सतत जल उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
भारत ने 7 जून, 2026 को ओडिशा तट से अपनी स्वदेशी रूप से विकसित इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) 'अग्नि-VI' का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह परीक्षण भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करता है और उसे चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल करता है जिनके पास ऐसी उन्नत मिसाइल तकनीक है। अग्नि-VI की मारक क्षमता 8,000 किलोमीटर से अधिक है और यह मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक से लैस है।
भारत और जापान ने 7 जून, 2026 को अपनी रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करते हुए हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण और परिवहन में सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों को अपने जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और वैश्विक ऊर्जा संक्रमण में अग्रणी भूमिका निभाने में मदद करना है। यह समझौता स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के विकास और तैनाती में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करेगा।
भारत सरकार ने 7 जून, 2026 को राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष 100 दिनों का सुनिश्चित मजदूरी रोजगार प्रदान करना है। यह योजना शहरी गरीबों की आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसका लक्ष्य शहरी बेरोजगारी को कम करना और आर्थिक स्थिरता लाना है।
7 जून, 2026 को नई दिल्ली में संपन्न हुए G20 शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने 'नई दिल्ली घोषणापत्र' जारी किया, जिसमें वैश्विक आर्थिक स्थिरता, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और डिजिटल परिवर्तन जैसे प्रमुख मुद्दों पर सहमति व्यक्त की गई। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस शिखर सम्मेलन ने बहुपक्षवाद को मजबूत करने और वर्तमान भू-राजनीतिक तथा आर्थिक चुनौतियों का समाधान करने पर जोर दिया। नेताओं ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को लचीला बनाने और विकासशील देशों को समर्थन देने का संकल्प लिया।
भारत सरकार ने 7 जून, 2026 को प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तीसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य देश के हर नागरिक तक वित्तीय सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना है। इस चरण में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने, सूक्ष्म-बीमा और सूक्ष्म-ऋण उत्पादों को एकीकृत करने तथा वंचित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के नए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। यह पहल भारत को पूर्ण वित्तीय समावेशन की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 7 जून, 2026 को एक व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सेवाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा, जिससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे। CECA का उद्देश्य टैरिफ बाधाओं को कम करना और व्यापार के लिए एक अधिक अनुकूल वातावरण बनाना है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 7 जून, 2026 को 'चंद्रयान-4' मिशन का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। यह मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर एक उन्नत रोवर तैनात करने और वहाँ की भूवैज्ञानिक संरचना तथा जल-बर्फ की उपस्थिति का विस्तृत अध्ययन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह भारत के चंद्र अन्वेषण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
भारत सरकार ने 7 जून, 2026 को प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इस चरण का उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता में और सुधार करना है, जिससे देश के आर्थिक विकास को गति मिले और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े। यह योजना विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को एकीकृत करती है।
भारत के पहले मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) का उद्घाटन 6 जून, 2026 को असम के जोगीघोपा में किया गया, जिसका उद्देश्य देश की लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार करना और परिवहन लागत को कम करना है। यह परियोजना भारतमाला परियोजना के तहत विकसित की गई है और सड़क, रेल, जलमार्ग तथा वायुमार्ग कनेक्टिविटी को एकीकृत करेगी। इस पार्क से पूर्वोत्तर क्षेत्र में व्यापार और आर्थिक विकास को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भारत ने 6 जून, 2026 को नई दिल्ली में पहले भारत-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जिसमें पांच मध्य एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने भाग लिया। इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापार, निवेश और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है, जिससे भारत की 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति को नई गति मिलेगी।