केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत चार नए हब स्थापित करने को दी मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए देश में चार समर्पित थीमैटिक हब (T-Hubs) की स्थापना को मंजूरी दी है। ये हब क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार, क्वांटम सेंसिंग और क्वांटम सामग्री के क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देंगे। इस निर्णय का उद्देश्य भारत को क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक वैश्विक अग्रणी देश बनाना है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत चार नए थीमैटिक हब (T-Hubs) को मंजूरी दी है।
- राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को अप्रैल 2023 में 6,003.65 करोड़ रुपये के कुल बजट के साथ मंजूरी दी गई थी।
- यह मिशन वर्ष 2023-24 से 2030-31 तक की अवधि के लिए लागू किया जा रहा है।
- चार हब क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार, क्वांटम सेंसिंग और क्वांटम सामग्री के क्षेत्रों पर केंद्रित होंगे।
- मिशन का नोडल विभाग विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) है।
- इसका लक्ष्य 8 वर्षों में 50 से 1000 भौतिक क्वैबिट की क्षमता वाले क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना है।
- क्वांटम संचार के तहत भारत के भीतर और उपग्रहों के माध्यम से सुरक्षित संचार प्रणाली विकसित की जाएगी।
- यह पहल भारत को अमेरिका और चीन जैसे देशों के समकक्ष क्वांटम प्रौद्योगिकी में खड़ा करेगी।
Why In News
16 जून 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत देश के प्रमुख शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों में चार नए क्वांटम थीमैटिक हब (T-Hubs) स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जो इस मिशन के व्यावहारिक क्रियान्वयन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Syllabus Connection
क्वांटम कंप्यूटिंग के बुनियादी सिद्धांत (सुपरपोजिशन, एंटैंगलमेंट) और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के लक्ष्यों की समझ।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है | राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत 4 थीमैटिक हब की मंजूरी | भारत के वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव |
| बजट और अवधि | 6,003.65 करोड़ रुपये, 2023-24 से 2030-31 | तकनीकी संप्रभुता के लिए सरकारी वित्तपोषण का महत्व |
| चार हब क्षेत्र | कंप्यूटिंग, संचार, सेंसिंग, सामग्री | इन क्षेत्रों का रक्षा और नागरिक अनुप्रयोगों में उपयोग |
| नोडल एजेंसी | विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) | सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल की भूमिका |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | Space missions, defence acquisitions, and health research appear regularly. |
| Banking (IBPS / SBI) | Low | 1–2 | Occasionally tested via banking technology, fintech, or climate-science crossovers. |
Key Facts to Remember: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत चार नए हब स्थापित करने को दी मंजूरी
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत चार नए थीमैटिक हब (T-Hubs) को मंजूरी दी है।
- राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को अप्रैल 2023 में 6,003.65 करोड़ रुपये के कुल बजट के साथ मंजूरी दी गई थी।
- यह मिशन वर्ष 2023-24 से 2030-31 तक की अवधि के लिए लागू किया जा रहा है।
- चार हब क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार, क्वांटम सेंसिंग और क्वांटम सामग्री के क्षेत्रों पर केंद्रित होंगे।
- मिशन का नोडल विभाग विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) है।
- इसका लक्ष्य 8 वर्षों में 50 से 1000 भौतिक क्वैबिट की क्षमता वाले क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना है।
- क्वांटम संचार के तहत भारत के भीतर और उपग्रहों के माध्यम से सुरक्षित संचार प्रणाली विकसित की जाएगी।
- यह पहल भारत को अमेरिका और चीन जैसे देशों के समकक्ष क्वांटम प्रौद्योगिकी में खड़ा करेगी।
Practice Questions
Q1. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस मिशन को अप्रैल 2023 में 6,003.65 करोड़ रुपये के बजट के साथ मंजूरी दी गई थी। 2. यह मिशन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 2
- 1 और 2 दोनों
- न तो 1 और न ही 2
Explanation: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) को अप्रैल 2023 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 6,003.65 करोड़ रुपये के कुल बजट के साथ मंजूरी दी गई थी। यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। इसलिए दोनों कथन सही हैं।
Q2. हाल ही में स्वीकृत राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत स्थापित किए जाने वाले चार थीमैटिक हब (T-Hubs) में कौन सा क्षेत्र शामिल नहीं है?
- क्वांटम कंप्यूटिंग
- क्वांटम संचार
- क्वांटम सामग्री और उपकरण
- क्वांटम रोबोटिक्स और ड्रोन
Explanation: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत स्वीकृत चार थीमैटिक हब (T-Hubs) क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार, क्वांटम सेंसिंग और मेट्रोलॉजी, तथा क्वांटम सामग्री और उपकरण हैं। क्वांटम रोबोटिक्स और ड्रोन इसमें शामिल नहीं है।
Q3. पारंपरिक कंप्यूटरों में सूचना की सबसे छोटी इकाई 'बिट' (Bit) होती है, जबकि क्वांटम कंप्यूटरों में सूचना की बुनियादी इकाई क्या होती है?
- क्वैबिट (Qubit)
- नैनोबिट (Nanobit)
- गीगाबिट (Gigabit)
- फोटोनबिट (Photonbit)
Explanation: क्वांटम कंप्यूटरों में सूचना की बुनियादी इकाई को क्वैबिट (Qubit) या क्वांटम बिट कहा जाता है। पारंपरिक कंप्यूटरों के विपरीत जो 0 या 1 के रूप में काम करते हैं, क्वैबिट सुपरपोजिशन के कारण एक ही समय में 0 और 1 दोनों अवस्थाओं में हो सकते हैं।
Q4. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) की कार्यान्वयन अवधि क्या निर्धारित की गई है?
- 2023-24 से 2030-31
- 2025-26 से 2032-33
- 2022-23 से 2028-29
- 2024-25 से 2031-32
Explanation: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) को आठ वर्षों की अवधि यानी वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2030-31 तक के लिए लागू किया जा रहा है।
Q5. क्वांटम कुंजी वितरण (Quantum Key Distribution - QKD) मुख्य रूप से किस क्षेत्र से संबंधित तकनीक है?
- सुरक्षित संचार और क्रिप्टोग्राफी
- कृषि में मृदा परीक्षण
- अंतरिक्ष मलबे की ट्रैकिंग
- महासागरीय धाराओं का मापन
Explanation: क्वांटम कुंजी वितरण (QKD) एक सुरक्षित संचार पद्धति है जो क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों का उपयोग करके क्रिप्टोग्राफिक प्रोटोकॉल को लागू करती है। यह संचार को अत्यधिक सुरक्षित और हैक-प्रूफ बनाती है।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQ…
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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