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इसरो का शुक्रयान-1 मिशन: शुक्र के वायुमंडल के अध्ययन के लिए पेलोड चयन पूरा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने आगामी शुक्र मिशन 'शुक्रयान-1' के लिए वैज्ञानिक उपकरणों (पेलोड) की अंतिम सूची तैयार कर ली है।

Key Points for Quick Revision

  • शुक्रयान-1 इसरो का पहला शुक्र (Venus) मिशन है।
  • मिशन का मुख्य उद्देश्य शुक्र के वायुमंडल और सतह का अध्ययन करना है।
  • इसमें शुक्र की सतह के मानचित्रण के लिए सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) का उपयोग किया जाएगा।
  • मिशन में स्वीडन और फ्रांस जैसे देशों के अंतरराष्ट्रीय पेलोड शामिल हैं।
  • यह मिशन 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में लॉन्च होने की संभावना है।

Practice Questions

Q1. इसरो के शुक्र मिशन का आधिकारिक नाम क्या है?

  1. वीनस-1
  2. शुक्रयान-1
  3. आदित्य-V
  4. आकाश-1

Explanation: इसरो के शुक्र मिशन का नाम 'शुक्रयान-1' रखा गया है।

Q2. शुक्रयान-1 मिशन में शुक्र की सतह का मानचित्रण करने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाएगा?

  1. स्पेक्ट्रोमीटर
  2. सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR)
  3. सिस्मोग्राफ
  4. मैग्नेटोमीटर

Explanation: शुक्र की घनी बादलों की परतों के नीचे देखने के लिए सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) का उपयोग किया जाएगा।