अंतर-राज्यीय परिषद की 14वीं बैठक: सहकारी संघवाद को मजबूत करने पर जोर
अंतर-राज्यीय परिषद की 14वीं बैठक हाल ही में आयोजित की गई, जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच संबंधों को मजबूत करने तथा सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के उपायों पर गहन चर्चा हुई। इस बैठक में केंद्र सरकार के मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया, जिसमें नीतिगत समन्वय, वित्तीय हस्तांतरण और विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
2-Minute Summary (TL;DR)
- अंतर-राज्यीय परिषद की 14वीं बैठक हाल ही में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री ने की।
- यह बैठक लगभग 7 साल के अंतराल के बाद हुई है, पिछली बैठक 2016 में हुई थी।
- परिषद की स्थापना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत 1990 में हुई थी।
- इसकी स्थापना सरकारिया आयोग की सिफारिशों पर की गई थी।
- बैठक में केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध, केंद्रीय योजनाओं का कार्यान्वयन और अंतर-राज्यीय जल विवादों पर चर्चा हुई।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
- परिषद में प्रधानमंत्री, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक और 6 केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं।
- 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्यों को केंद्र के विभाज्य पूल से 41% हिस्सा मिलता है।
- यह बैठक सहकारी संघवाद को मजबूत करने और केंद्र-राज्य संबंधों में समन्वय बढ़ाने पर केंद्रित थी।
Why In News
अंतर-राज्यीय परिषद की 14वीं बैठक का आयोजन केंद्र और राज्यों के बीच बढ़ते नीतिगत समन्वय और वित्तीय हस्तांतरण के मुद्दों के बीच हुआ है। यह बैठक विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केंद्र-राज्य संबंधों में उभरती चुनौतियों और अवसरों पर ध्यान केंद्रित करती है, जिससे सहकारी संघवाद के सिद्धांतों को व्यवहार में लाने के लिए एक मंच मिलता है।
Syllabus Connection
यह समाचार अंतर-राज्यीय परिषद की कार्यप्रणाली और सहकारी संघवाद के सिद्धांत को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, जो केंद्र और राज्यों के बीच विधायी, प्रशासनिक और वित्तीय संबंधों को नियंत्रित करता है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | अंतर-राज्यीय परिषद की 14वीं बैठक। | सहकारी संघवाद को मजबूत करने में परिषद की भूमिका और चुनौतियाँ। |
| कब | हाल ही में (मई 2026), 7 साल बाद। | बैठकों की अनियमितता के कारण और प्रभाव। |
| कौन | प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री। | केंद्र-राज्य संवाद में विभिन्न हितधारकों की भूमिका। |
| उद्देश्य | केंद्र-राज्य समन्वय, विवाद समाधान। | राजकोषीय संघवाद, नीतिगत समन्वय और राष्ट्रीय विकास में राज्यों की भागीदारी। |
| संवैधानिक आधार | अनुच्छेद 263, सरकारिया आयोग। | संघीय ढांचे में संवैधानिक निकायों का महत्व और उनकी प्रभावशीलता। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 15–25 | Polity is a core UPSC subject. Both Prelims and Mains test constitutional provisions in depth. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–6 | Questions on constitutional amendments, Parliament, and schemes appear in every SSC paper. |
| State PCS / PSC | High | 5–10 | State PCS papers test both central and state government structures. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | RBI Act, banking legislation, and government policies are regularly tested. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–5 | Government schemes and constitutional bodies are standard Railway GK questions. |
What to Memorize from This Topic
- Article numbers related to the topic (e.g., Article 356 for President's Rule)
- Constitutional bodies: composition, tenure, appointment authority
- Recent amendments and their impact
- Supreme Court / High Court judgements mentioned in news
- Government schemes: ministry, launch year, beneficiaries
Practice Questions
Q1. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत अंतर-राज्यीय परिषद की स्थापना का प्रावधान है?
- अनुच्छेद 262
- अनुच्छेद 263
- अनुच्छेद 280
- अनुच्छेद 249
Explanation: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत राष्ट्रपति को सार्वजनिक हित में अंतर-राज्यीय परिषद स्थापित करने का अधिकार दिया गया है। यह परिषद केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय और विवादों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।
Q2. अंतर-राज्यीय परिषद की स्थापना किस आयोग की सिफारिशों पर की गई थी?
- पुंछी आयोग
- सरकारिया आयोग
- राजमन्नार समिति
- वेंकटचलैया आयोग
Explanation: अंतर-राज्यीय परिषद की स्थापना 1990 में सरकारिया आयोग की सिफारिशों के आधार पर की गई थी। सरकारिया आयोग का गठन केंद्र-राज्य संबंधों की समीक्षा के लिए किया गया था और इसने केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के लिए एक स्थायी परिषद की आवश्यकता पर बल दिया था।
Q3. अंतर-राज्यीय परिषद का अध्यक्ष कौन होता है?
- भारत के राष्ट्रपति
- भारत के उपराष्ट्रपति
- भारत के प्रधानमंत्री
- केंद्रीय गृह मंत्री
Explanation: अंतर-राज्यीय परिषद का अध्यक्ष भारत का प्रधानमंत्री होता है। परिषद में प्रधानमंत्री के अलावा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक और छह केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भी सदस्य होते हैं।
Q4. 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार, राज्यों को केंद्र के विभाज्य पूल से कितना प्रतिशत हिस्सा मिलता है?
- 32%
- 35%
- 41%
- 42%
Explanation: 15वें वित्त आयोग ने राज्यों को केंद्र के विभाज्य पूल से 41% का हिस्सा देने की सिफारिश की थी। यह हिस्सा 14वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित 42% से थोड़ा कम है, जिसका कारण जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद उसके लिए अलग से प्रावधान करना है।
Q5. अंतर-राज्यीय परिषद की पिछली बैठक (13वीं बैठक) किस वर्ष आयोजित की गई थी?
- 2014
- 2015
- 2016
- 2017
Explanation: अंतर-राज्यीय परिषद की 14वीं बैठक लगभग सात साल के अंतराल के बाद हुई है, जिसका अर्थ है कि पिछली बैठक (13वीं बैठक) 2016 में आयोजित की गई थी। परिषद की बैठकों की अनियमितता अक्सर चर्चा का विषय रही है।
How to Prepare Indian Polity & Governance for Government Exams
Map every news item to an Article or provision in the Constitution. This is what UPSC Prelims directly tests.
For SSC and Railway, focus on the practical side — who appoints whom, term lengths, and what each body does.
Note the date and context of any constitutional amendment or ordinance. Questions are often framed around the 'first time' or 'most recent' event.
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