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संसद में 'डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक' पेश
भारत सरकार ने नागरिकों की गोपनीयता को और मजबूत करने के लिए 'डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2026' संसद में पेश किया है।
Key Points for Quick Revision
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2026 पेश किया गया।
- डेटा उल्लंघन पर अधिकतम जुर्माना 500 करोड़ रुपये प्रस्तावित है।
- बच्चों के डेटा के लिए सख्त सहमति नियम बनाए गए हैं।
- डेटा संरक्षण बोर्ड (DPB) को अधिक स्वायत्तता दी गई है।
- यह निजता के अधिकार (अनुच्छेद 21) को सुदृढ़ करता है।
Practice Questions
Q1. प्रस्तावित डेटा संरक्षण संशोधन विधेयक 2026 में अधिकतम जुर्माना कितना है?
- 100 करोड़ रुपये
- 250 करोड़ रुपये
- 500 करोड़ रुपये
- 1000 करोड़ रुपये
Explanation: विधेयक में डेटा उल्लंघन के गंभीर मामलों के लिए 500 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
Q2. निजता का अधिकार भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत आता है?
- अनुच्छेद 14
- अनुच्छेद 19
- अनुच्छेद 21
- अनुच्छेद 32
Explanation: सुप्रीम कोर्ट के पुट्टास्वामी फैसले के अनुसार, निजता का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत एक मौलिक अधिकार है।
Q3. डेटा की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार संस्था का नाम क्या है?
- डेटा सुरक्षा परिषद
- डेटा संरक्षण बोर्ड (DPB)
- भारतीय साइबर सेल
- नीति आयोग
Explanation: विधेयक के तहत 'डेटा संरक्षण बोर्ड' (Data Protection Board) मुख्य नियामक संस्था है।