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ISRO का 'शुक्रयान-1' मिशन: वीनस की कक्षा में सफल प्रवेश

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने महत्वाकांक्षी शुक्रयान-1 मिशन को सफलतापूर्वक शुक्र ग्रह की कक्षा में स्थापित कर दिया है।

Key Points for Quick Revision

  • ISRO का शुक्रयान-1 मिशन शुक्र की कक्षा में सफल रहा।
  • इसे GSLV Mk III रॉकेट द्वारा लॉन्च किया गया था।
  • मिशन का उद्देश्य शुक्र के वायुमंडल और सतह का अध्ययन करना है।
  • शुक्र को पृथ्वी का 'जुड़वां ग्रह' माना जाता है।
  • भारत शुक्र पर मिशन भेजने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है।

Practice Questions

Q1. ISRO के शुक्र मिशन का आधिकारिक नाम क्या है?

  1. वीनस-1
  2. शुक्रयान-1
  3. आदित्य-V
  4. नभ-शुक्र

Explanation: ISRO के शुक्र ग्रह के मिशन का नाम 'शुक्रयान-1' है।

Q2. शुक्रयान-1 को किस रॉकेट की मदद से लॉन्च किया गया था?

  1. PSLV-C52
  2. GSLV Mk III
  3. SSLV-D2
  4. GSLV-F10

Explanation: शुक्रयान-1 को GSLV Mk III (जिसे अब LVM3 कहा जाता है) रॉकेट के माध्यम से लॉन्च किया गया था।

Q3. शुक्रयान-1 मिशन का मुख्य वैज्ञानिक उद्देश्य क्या है?

  1. शुक्र पर पानी की खोज
  2. शुक्र के वायुमंडल और सतह का अध्ययन
  3. शुक्र पर मानव बस्ती की संभावना
  4. बृहस्पति के चंद्रमाओं का अध्ययन

Explanation: इस मिशन का मुख्य उद्देश्य शुक्र के घने वायुमंडल की संरचना और उसकी सतह के भूविज्ञान का अध्ययन करना है।