19वां ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन 2026: 'एक्ट ईस्ट' नीति को मिला नया आयाम
19वां ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन 16 मई, 2026 को जकार्ता, इंडोनेशिया में संपन्न हुआ, जिसमें दोनों पक्षों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत सहयोग के नए आयामों पर सहमति व्यक्त की। शिखर सम्मेलन में व्यापार, कनेक्टिविटी, समुद्री सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
2-Minute Summary (TL;DR)
- 19वां ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन 16 मई, 2026 को जकार्ता, इंडोनेशिया में संपन्न हुआ।
- शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।
- भारत ने 1991 में 'लुक ईस्ट' नीति शुरू की, जिसे 2014 में 'एक्ट ईस्ट' नीति में उन्नत किया गया।
- भारत 2012 में ASEAN का रणनीतिक भागीदार बना।
- शिखर सम्मेलन का मुख्य एजेंडा 'रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना: हिंद-प्रशांत में शांति, समृद्धि और स्थिरता' था।
- दोनों पक्षों ने ASEAN-भारत मुक्त व्यापार क्षेत्र (AIFTA) की समीक्षा को जल्द पूरा करने पर सहमति व्यक्त की।
- भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग परियोजना को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया।
- 2025 में ASEAN और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 130 बिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर गया था।
- एक नए 'समुद्री सहयोग फ्रेमवर्क' पर सहमति बनी, जिसमें समुद्री सुरक्षा और संसाधनों का सतत उपयोग शामिल है।
- भारत ने ASEAN देशों के साथ विकास साझेदारी के लिए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर की क्रेडिट लाइन की घोषणा की।
- भारत 'फ्री, ओपन और इंक्लूसिव' हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थक है और ASEAN की केंद्रीयता का समर्थन करता है।
Why In News
यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में तेजी से बदलाव आ रहा है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय सहयोग महत्वपूर्ण है। शिखर सम्मेलन के दौरान जारी संयुक्त वक्तव्य और समझौतों ने भारत-ASEAN संबंधों को एक नई दिशा दी है, जिससे यह वर्तमान में एक महत्वपूर्ण खबर बन गई है।
Syllabus Connection
यह लेख भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति, ASEAN के साथ उसके संबंधों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग के महत्व को दर्शाता है, जो छात्रों को भारत की विदेश नीति और भू-राजनीतिक स्थिति को समझने में मदद करेगा।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | 19वां ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन। | शिखर सम्मेलन के प्रमुख परिणाम और 'एक्ट ईस्ट' नीति पर इसका प्रभाव। |
| कब/कहाँ | 16 मई, 2026, जकार्ता, इंडोनेशिया। | शिखर सम्मेलन की आवृत्ति और मेजबानी के महत्व का विश्लेषण। |
| नीति | 'एक्ट ईस्ट' नीति (2014 में 'लुक ईस्ट' से उन्नत)। | भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के रणनीतिक और आर्थिक निहितार्थ। |
| सहयोग | व्यापार, कनेक्टिविटी, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था। | इन क्षेत्रों में सहयोग की चुनौतियाँ और अवसर, विशेषकर चीन के बढ़ते प्रभाव के संदर्भ में। |
| महत्व | भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग, AIFTA समीक्षा। | क्षेत्रीय स्थिरता और भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास में ASEAN के साथ संबंधों का महत्व। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Medium | 2–4 | Summits, UN resolutions, and India's foreign policy are included in Railway GK. |
Key Facts to Remember: 19वां ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन 2026: 'एक्ट ईस्ट' नीति को मिला नया आयाम
- 19वां ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन 16 मई, 2026 को जकार्ता, इंडोनेशिया में संपन्न हुआ।
- शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।
- भारत ने 1991 में 'लुक ईस्ट' नीति शुरू की, जिसे 2014 में 'एक्ट ईस्ट' नीति में उन्नत किया गया।
- भारत 2012 में ASEAN का रणनीतिक भागीदार बना।
- शिखर सम्मेलन का मुख्य एजेंडा 'रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना: हिंद-प्रशांत में शांति, समृद्धि और स्थिरता' था।
- दोनों पक्षों ने ASEAN-भारत मुक्त व्यापार क्षेत्र (AIFTA) की समीक्षा को जल्द पूरा करने पर सहमति व्यक्त की।
- भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग परियोजना को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया।
- 2025 में ASEAN और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 130 बिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर गया था।
- एक नए 'समुद्री सहयोग फ्रेमवर्क' पर सहमति बनी, जिसमें समुद्री सुरक्षा और संसाधनों का सतत उपयोग शामिल है।
- भारत ने ASEAN देशों के साथ विकास साझेदारी के लिए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर की क्रेडिट लाइन की घोषणा की।
- भारत 'फ्री, ओपन और इंक्लूसिव' हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थक है और ASEAN की केंद्रीयता का समर्थन करता है।
Practice Questions
Q1. 19वां ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन 2026 कहाँ आयोजित किया गया था?
- नई दिल्ली, भारत
- बैंकॉक, थाईलैंड
- जकार्ता, इंडोनेशिया
- हनोई, वियतनाम
Explanation: 19वां ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन 16 मई, 2026 को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित किया गया था। इंडोनेशिया वर्तमान में ASEAN की अध्यक्षता कर रहा है।
Q2. भारत की 'लुक ईस्ट' नीति को 'एक्ट ईस्ट' नीति में किस वर्ष उन्नत किया गया था?
- 2004
- 2009
- 2014
- 2019
Explanation: भारत की 'लुक ईस्ट' नीति, जो 1991 में शुरू हुई थी, को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 में 'एक्ट ईस्ट' नीति में उन्नत किया गया। इस नीति का उद्देश्य संबंधों को आर्थिक से आगे बढ़कर रणनीतिक, सुरक्षा और सांस्कृतिक आयामों तक विस्तारित करना था।
Q3. भारत किस वर्ष ASEAN का रणनीतिक भागीदार बना?
- 1995
- 2002
- 2012
- 2014
Explanation: भारत 1992 में ASEAN का क्षेत्रीय वार्ता भागीदार बना, 1995 में पूर्ण वार्ता भागीदार, 2002 में शिखर-स्तरीय भागीदार और अंततः वर्ष 2012 में रणनीतिक भागीदार बना, जो दोनों पक्षों के बीच बढ़ते संबंधों को दर्शाता है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सी परियोजना भारत और ASEAN देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने से संबंधित है?
- पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर
- भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग
- सागरमाला परियोजना
- भारतमाला परियोजना
Explanation: भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत एक प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजना है, जिसका उद्देश्य भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों को म्यांमार और थाईलैंड से जोड़ना है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और लोगों से लोगों के बीच संपर्क बढ़ेगा। अन्य परियोजनाएं भारत के भीतर कनेक्टिविटी से संबंधित हैं।
Q5. 19वें ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन में भारत ने ASEAN देशों के साथ विकास साझेदारी के लिए कितनी क्रेडिट लाइन की घोषणा की?
- 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर
- 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर
- 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर
- 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर
Explanation: भारत ने 19वें ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन में ASEAN देशों के साथ अपनी विकास साझेदारी को मजबूत करने के लिए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर की क्रेडिट लाइन की घोषणा की। इस राशि का उपयोग कनेक्टिविटी, डिजिटल परिवर्तन और सतत विकास परियोजनाओं के लिए किया जाएगा।
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