संसद ने 'डिजिटल नागरिक अधिकार विधेयक 2026' पारित किया
भारतीय संसद ने 'डिजिटल नागरिक अधिकार विधेयक 2026' को पारित कर दिया है, जिसका उद्देश्य नागरिकों के ऑनलाइन अधिकारों की रक्षा करना, डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करना और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जवाबदेही बढ़ाना है। यह विधेयक भारत के डिजिटल परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
Key Points for Quick Revision
- भारतीय संसद ने 'डिजिटल नागरिक अधिकार विधेयक 2026' पारित किया।
- इसका उद्देश्य नागरिकों के ऑनलाइन अधिकारों की रक्षा करना और डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करना है।
- विधेयक में डेटा गोपनीयता का अधिकार, ऑनलाइन सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता शामिल है।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म को उपयोगकर्ताओं की शिकायतों का समाधान करने के लिए जवाबदेह बनाया गया है।
- एक स्वतंत्र 'डिजिटल अधिकार प्राधिकरण' की स्थापना का प्रस्ताव है।
- डेटा उल्लंघनों के लिए कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
Practice Questions
Q1. 'डिजिटल नागरिक अधिकार विधेयक 2026' का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- केवल डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना
- नागरिकों के ऑनलाइन अधिकारों की रक्षा करना और डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करना
- केवल सोशल मीडिया कंपनियों को विनियमित करना
- सरकारी वेबसाइटों की सुरक्षा बढ़ाना
Explanation: विधेयक का प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों के ऑनलाइन अधिकारों की रक्षा करना, डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करना और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जवाबदेही बढ़ाना है।
Q2. विधेयक के तहत, डेटा एकत्र करने और संसाधित करने के लिए किसकी स्पष्ट सहमति आवश्यक होगी?
- सरकार की
- डेटा एकत्र करने वाली कंपनी की
- नागरिकों की
- किसी की नहीं
Explanation: विधेयक नागरिकों को उनके व्यक्तिगत डेटा पर पूर्ण नियंत्रण प्रदान करता है, जिसमें डेटा एकत्र करने, संसाधित करने और साझा करने के लिए स्पष्ट सहमति का प्रावधान शामिल है।
Q3. विधेयक के प्रावधानों को लागू करने और शिकायतों का निवारण करने के लिए किस प्राधिकरण की स्थापना का प्रस्ताव है?
- साइबर पुलिस
- डिजिटल अधिकार प्राधिकरण
- सूचना और प्रसारण मंत्रालय
- सर्वोच्च न्यायालय
Explanation: विधेयक के प्रावधानों को लागू करने और नागरिकों की शिकायतों का निवारण करने के लिए एक स्वतंत्र 'डिजिटल अधिकार प्राधिकरण' की स्थापना का प्रस्ताव है।