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ISRO ने 'चंद्रयान-4' मिशन की घोषणा की: चंद्रमा के सुदूर भाग का अन्वेषण

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने अगले महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन 'चंद्रयान-4' की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा के सुदूर भाग का विस्तृत अध्ययन करना और भविष्य के चंद्र अन्वेषणों के लिए महत्वपूर्ण डेटा एकत्र करना है। यह मिशन भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को और मजबूत करेगा।

Key Points for Quick Revision

  • ISRO ने 'चंद्रयान-4' मिशन की घोषणा की।
  • मिशन का उद्देश्य चंद्रमा के सुदूर भाग (Far Side) का अन्वेषण करना है।
  • यह भूवैज्ञानिक संरचना, खनिज संरचना और जल-बर्फ की उपस्थिति का अध्ययन करेगा।
  • मिशन में एक उन्नत ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर शामिल होंगे।
  • लॉन्च की अनुमानित तिथि 2029 के अंत तक है।
  • यह भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण क्षमताओं में एक और महत्वपूर्ण छलांग है।

Practice Questions

Q1. चंद्रयान-4 मिशन का प्राथमिक लक्ष्य चंद्रमा के किस भाग का अन्वेषण करना है?

  1. उत्तरी ध्रुव
  2. दक्षिणी ध्रुव
  3. निकट भाग (Near Side)
  4. सुदूर भाग (Far Side)

Explanation: चंद्रयान-4 मिशन का प्राथमिक लक्ष्य चंद्रमा के सुदूर भाग (Far Side) का विस्तृत अध्ययन करना है।

Q2. चंद्रयान-4 मिशन में कौन से मुख्य घटक शामिल होंगे?

  1. केवल एक ऑर्बिटर
  2. केवल एक लैंडर और रोवर
  3. एक ऑर्बिटर, एक लैंडर और एक रोवर
  4. एक मानवयुक्त अंतरिक्ष यान

Explanation: चंद्रयान-4 में एक उन्नत ऑर्बिटर, एक लैंडर और एक रोवर शामिल होगा।

Q3. चंद्रयान-3 की सफलता ने भारत को चंद्रमा के किस ध्रुव के पास पहुंचने वाला पहला देश बनाया?

  1. उत्तरी ध्रुव
  2. दक्षिणी ध्रुव
  3. पूर्वी ध्रुव
  4. पश्चिमी ध्रुव

Explanation: चंद्रयान-3 की सफल सॉफ्ट लैंडिंग ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास पहुंचने वाला पहला देश बना दिया।