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कानूनी और संवैधानिक मामले: अनुच्छेद 356 के उपयोग पर नई बहस

हाल ही में केंद्र-राज्य संबंधों और अनुच्छेद 356 के संभावित दुरुपयोग को लेकर कानूनी हलकों में नई चर्चा शुरू हुई है।

Key Points for Quick Revision

  • अनुच्छेद 356 राज्यों में राष्ट्रपति शासन से संबंधित है।
  • एस.आर. बोम्मई मामला (1994) इसके न्यायिक पुनरावलोकन का आधार है।
  • यह प्रावधान 'संवैधानिक तंत्र की विफलता' पर लागू होता है।
  • डॉ. अंबेडकर ने इसे संविधान का 'मृत पत्र' (Dead Letter) कहा था।

Practice Questions

Q1. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाने से संबंधित है?

  1. अनुच्छेद 352
  2. अनुच्छेद 356
  3. अनुच्छेद 360
  4. अनुच्छेद 370

Explanation: अनुच्छेद 356 केंद्र सरकार को किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल होने पर राष्ट्रपति शासन लगाने की शक्ति देता है।

Q2. किस प्रसिद्ध मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग को रोकने के लिए दिशा-निर्देश दिए थे?

  1. केशवानंद भारती मामला
  2. एस.आर. बोम्मई मामला
  3. मेनका गांधी मामला
  4. गोलकनाथ मामला

Explanation: 1994 के एस.आर. बोम्मई मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति शासन लगाने का निर्णय न्यायिक समीक्षा के अधीन है।