केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन 2.0' का अनावरण किया: 2030 तक हर घर नल से जल सुनिश्चित करने का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने 22 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन 2.0' का शुभारंभ किया है, जिसका लक्ष्य 2030 तक देश के हर ग्रामीण और शहरी घर में सुरक्षित और पर्याप्त नल का पानी उपलब्ध कराना है। यह मिशन जल जीवन मिशन की सफलता पर आधारित है और इसमें जल संरक्षण, पुनर्चक्रण तथा जल गुणवत्ता निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसके लिए ₹5 लाख करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन 2.0 को 22 मई, 2026 को जल शक्ति मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया।
- मिशन का मुख्य लक्ष्य 2030 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण और शहरी घर में नल से जल उपलब्ध कराना है।
- अगले 5 वर्षों के लिए ₹5 लाख करोड़ का प्रारंभिक बजट आवंटित किया गया है।
- फंडिंग पैटर्न केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 है, जबकि विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए 90:10 है।
- यह मिशन जल जीवन मिशन (JJM) की सफलता पर आधारित है, जिसे 15 अगस्त, 2019 को शुरू किया गया था।
- मिशन 2.0 में जल गुणवत्ता निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिसके लिए 5,000 से अधिक नई प्रयोगशालाएँ स्थापित होंगी।
- स्मार्ट जल मीटरिंग, डिजिटल जल प्रबंधन और भूजल पुनर्भरण (10 लाख से अधिक संरचनाएँ) प्रमुख घटक हैं।
- मिशन में ग्रेवाटर प्रबंधन और अपशिष्ट जल उपचार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है।
- यह मिशन संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDG) 6 – 'सभी के लिए पानी और स्वच्छता' – को प्राप्त करने में सहायक होगा।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का उपयोग जल गुणवत्ता की वास्तविक समय निगरानी के लिए किया जाएगा।
Why In News
यह मिशन 22 मई, 2026 को जल शक्ति मंत्रालय द्वारा एक राष्ट्रीय सम्मेलन में लॉन्च किया गया, जिसमें पिछले 'जल जीवन मिशन' की प्रगति की समीक्षा की गई और आगामी दशक के लिए जल सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने हेतु एक महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया गया। इस नए चरण में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और बढ़ती शहरीकरण की चुनौतियों को भी शामिल किया गया है।
Syllabus Connection
यह समाचार जल संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण और शहरी विकास, तथा सतत विकास लक्ष्यों से संबंधित सरकारी योजनाओं और नीतियों के बारे में है। छात्रों को जल जीवन मिशन, अमृत मिशन, और राष्ट्रीय जल नीति जैसे संबंधित कार्यक्रमों की जानकारी होनी चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन 2.0 का शुभारंभ। | जल सुरक्षा चुनौतियों के समाधान हेतु एक व्यापक, एकीकृत दृष्टिकोण। |
| कब | 22 मई, 2026 को लॉन्च किया गया। | 2030 तक 'हर घर नल से जल' के लक्ष्य की समय-सीमा। |
| लक्ष्य | 2030 तक सभी घरों में नल से जल। | जल संरक्षण, गुणवत्ता, पुनर्चक्रण और सतत प्रबंधन पर जोर। |
| बजट | ₹5 लाख करोड़ का प्रारंभिक आवंटन। | वित्तीय संसाधनों का कुशल उपयोग और केंद्र-राज्य सहयोग की चुनौतियाँ। |
| महत्व | जल जीवन मिशन का विस्तार, SDG 6 की प्राप्ति। | जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण और भूजल दोहन के संदर्भ में जल सुरक्षा। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | High | 8–12 | UPSC tests implementation, target beneficiaries, and outcomes — not just scheme names. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Very High | 5–8 | Government schemes are one of the most tested topics in SSC CGL and CHSL GK sections. |
| State PCS / PSC | Very High | 6–10 | Both central and state schemes are tested extensively in state PCS papers. |
| Banking (IBPS / SBI) | High | 4–6 | Financial inclusion schemes, Jan Dhan, PMSBY, and credit guarantee schemes are key banking exam topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 4–7 | Central government welfare schemes are a consistent Railway GK topic. |
Key Facts to Remember: केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन 2.0' का अनावरण किया: 2030 तक हर घर नल से जल सुनिश्चित करने का लक्ष्य
- राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन 2.0 को 22 मई, 2026 को जल शक्ति मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया।
- मिशन का मुख्य लक्ष्य 2030 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण और शहरी घर में नल से जल उपलब्ध कराना है।
- अगले 5 वर्षों के लिए ₹5 लाख करोड़ का प्रारंभिक बजट आवंटित किया गया है।
- फंडिंग पैटर्न केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 है, जबकि विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए 90:10 है।
- यह मिशन जल जीवन मिशन (JJM) की सफलता पर आधारित है, जिसे 15 अगस्त, 2019 को शुरू किया गया था।
- मिशन 2.0 में जल गुणवत्ता निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिसके लिए 5,000 से अधिक नई प्रयोगशालाएँ स्थापित होंगी।
- स्मार्ट जल मीटरिंग, डिजिटल जल प्रबंधन और भूजल पुनर्भरण (10 लाख से अधिक संरचनाएँ) प्रमुख घटक हैं।
- मिशन में ग्रेवाटर प्रबंधन और अपशिष्ट जल उपचार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है।
- यह मिशन संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDG) 6 – 'सभी के लिए पानी और स्वच्छता' – को प्राप्त करने में सहायक होगा।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का उपयोग जल गुणवत्ता की वास्तविक समय निगरानी के लिए किया जाएगा।
Practice Questions
Q1. राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन 2.0 का मुख्य लक्ष्य क्या है?
- 2028 तक सभी शहरी घरों में नल से जल उपलब्ध कराना।
- 2030 तक देश के सभी ग्रामीण और शहरी घरों में नल से जल सुनिश्चित करना।
- 2025 तक केवल ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देना।
- 2035 तक सभी औद्योगिक इकाइयों को पुनर्चक्रित जल का उपयोग करने के लिए बाध्य करना।
Explanation: राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन 2.0 का मुख्य लक्ष्य 2030 तक देश के सभी ग्रामीण और शहरी घरों में सुरक्षित और पर्याप्त नल का पानी उपलब्ध कराना है। यह लक्ष्य जल जीवन मिशन के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।
Q2. राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन 2.0 के लिए अगले 5 वर्षों हेतु कितना बजट आवंटित किया गया है?
- ₹3 लाख करोड़
- ₹4 लाख करोड़
- ₹5 लाख करोड़
- ₹6 लाख करोड़
Explanation: मिशन 2.0 के लिए अगले 5 वर्षों हेतु ₹5 लाख करोड़ का प्रारंभिक बजट आवंटित किया गया है। यह राशि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा साझा की जाएगी।
Q3. राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन 2.0 किस पूर्ववर्ती मिशन की सफलता पर आधारित है?
- स्वच्छ भारत मिशन
- अमृत मिशन
- जल जीवन मिशन
- नमामि गंगे कार्यक्रम
Explanation: राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन 2.0, जल जीवन मिशन (JJM) की सफलता पर आधारित है, जिसने ग्रामीण भारत में नल के पानी की आपूर्ति में महत्वपूर्ण प्रगति की है। JJM को 15 अगस्त, 2019 को लॉन्च किया गया था।
Q4. मिशन 2.0 के तहत जल गुणवत्ता निगरानी के लिए किस तकनीक का उपयोग किया जाएगा?
- केवल मैनुअल परीक्षण
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)
- पारंपरिक रासायनिक विश्लेषण
- उपरोक्त में से कोई नहीं
Explanation: मिशन 2.0 में जल गुणवत्ता निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा ताकि वास्तविक समय में निगरानी की जा सके।
Q5. राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन 2.0 का फंडिंग पैटर्न केंद्र और राज्यों के बीच सामान्यतः क्या है?
- 50:50
- 75:25
- 60:40
- 90:10
Explanation: राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन 2.0 के लिए फंडिंग पैटर्न केंद्र और राज्यों के बीच सामान्यतः 60:40 है। हालाँकि, विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 होगा।
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