डिजिटल रुपया (e-RUPI) का अखिल भारतीय विस्तार: खुदरा और थोक लेनदेन में क्रांति
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 19 मई, 2026 को डिजिटल रुपया (e-RUPI) के खुदरा और थोक खंडों के अखिल भारतीय विस्तार की घोषणा की। इस कदम का उद्देश्य भारत में डिजिटल लेनदेन को और बढ़ावा देना, वित्तीय समावेशन को मजबूत करना और नकदी पर निर्भरता को कम करना है। यह विस्तार देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को एक नया आयाम देगा।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 19 मई, 2026 को डिजिटल रुपया (e-RUPI) के अखिल भारतीय विस्तार की घोषणा की।
- डिजिटल रुपया (e₹) भारतीय रुपये का एक डिजिटल रूप है, जिसे RBI द्वारा जारी किया जाता है और यह कानूनी निविदा है।
- इसे दो खंडों में विकसित किया गया है: थोक (e₹-W) और खुदरा (e₹-R)।
- e₹-W का पायलट कार्यक्रम 1 नवंबर, 2022 को शुरू हुआ, जबकि e₹-R का पायलट कार्यक्रम 1 दिसंबर, 2022 को शुरू हुआ।
- यह ब्लॉकचेन जैसी वितरित लेजर प्रौद्योगिकी (DLT) पर आधारित है।
- विस्तार का उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना, भुगतान प्रणालियों की दक्षता में सुधार करना और नकदी प्रबंधन लागत को कम करना है।
- उपयोगकर्ता अपने मोबाइल फोन पर एक विशेष डिजिटल वॉलेट ऐप के माध्यम से e₹-R का उपयोग कर सकेंगे।
- RBI ने डिजिटल रुपया को भौतिक नकदी का पूरक बताया है, न कि उसका प्रतिस्थापन।
- चीन के डिजिटल युआन और यूरोपीय संघ के डिजिटल यूरो जैसे अन्य देशों की CBDC पहलों के साथ भारत भी इस क्षेत्र में अग्रणी है।
- यह भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 और भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत विनियमित है।
Why In News
भारतीय रिजर्व बैंक ने 19 मई, 2026 को डिजिटल रुपया के खुदरा और थोक दोनों खंडों के अखिल भारतीय विस्तार की घोषणा की है। यह घोषणा पायलट परियोजनाओं की सफलता और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त प्रतिक्रिया के बाद की गई है, जो इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का मार्ग प्रशस्त करती है। यह कदम भारत को अपनी केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) को व्यापक रूप से अपनाने वाले अग्रणी देशों में से एक बनाता है।
Syllabus Connection
छात्रों को केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) की अवधारणा, इसके प्रकार (थोक और खुदरा), इसके पीछे की तकनीक (DLT), और अर्थव्यवस्था पर इसके संभावित प्रभावों (वित्तीय समावेशन, भुगतान दक्षता, मौद्रिक नीति) को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | RBI द्वारा जारी डिजिटल रुपया (e₹) का अखिल भारतीय विस्तार। | CBDC का महत्व, वित्तीय समावेशन, भुगतान दक्षता, मौद्रिक नीति पर प्रभाव। |
| कब? | 19 मई, 2026 को घोषणा; पायलट कार्यक्रम 2022 में शुरू हुए। | पायलट चरण से अखिल भारतीय विस्तार तक की यात्रा और भविष्य की संभावनाएं। |
| क्यों? | वित्तीय समावेशन, नकदी प्रबंधन लागत में कमी, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा। | डिजिटल अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति, वैश्विक CBDC रुझान, चुनौतियों का समाधान। |
| प्रौद्योगिकी | वितरित लेजर प्रौद्योगिकी (DLT) जैसे ब्लॉकचेन पर आधारित। | DLT की भूमिका, सुरक्षा पहलू, स्मार्ट अनुबंधों की क्षमता। |
| प्रभाव | खुदरा और थोक लेनदेन में क्रांति, बैंकों के लिए दक्षता। | अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव, वित्तीय स्थिरता, नवाचार के अवसर। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | Budget highlights, GDP data, and government economic schemes appear in SSC CGL GK section. |
| Banking (IBPS / SBI) | Very High | 6–10 | RBI policy, inflation, CRR/SLR, monetary committee decisions — banking exams test the full spectrum. |
| UPSC / State PCS | High | 10–20 | Economy is a core UPSC subject. Economic Survey, budget, and policy changes are heavily tested. |
| State PCS / PSC | High | 4–8 | State budget, MSME, agriculture policy, and banking data are common in state PCS papers. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Medium | 2–3 | Railway papers focus on budget allocations, flagship schemes, and GDP milestones. |
Key Facts to Remember: डिजिटल रुपया (e-RUPI) का अखिल भारतीय विस्तार: खुदरा और थोक लेनदेन में क्रांति
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 19 मई, 2026 को डिजिटल रुपया (e-RUPI) के अखिल भारतीय विस्तार की घोषणा की।
- डिजिटल रुपया (e₹) भारतीय रुपये का एक डिजिटल रूप है, जिसे RBI द्वारा जारी किया जाता है और यह कानूनी निविदा है।
- इसे दो खंडों में विकसित किया गया है: थोक (e₹-W) और खुदरा (e₹-R)।
- e₹-W का पायलट कार्यक्रम 1 नवंबर, 2022 को शुरू हुआ, जबकि e₹-R का पायलट कार्यक्रम 1 दिसंबर, 2022 को शुरू हुआ।
- यह ब्लॉकचेन जैसी वितरित लेजर प्रौद्योगिकी (DLT) पर आधारित है।
- विस्तार का उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना, भुगतान प्रणालियों की दक्षता में सुधार करना और नकदी प्रबंधन लागत को कम करना है।
- उपयोगकर्ता अपने मोबाइल फोन पर एक विशेष डिजिटल वॉलेट ऐप के माध्यम से e₹-R का उपयोग कर सकेंगे।
- RBI ने डिजिटल रुपया को भौतिक नकदी का पूरक बताया है, न कि उसका प्रतिस्थापन।
- चीन के डिजिटल युआन और यूरोपीय संघ के डिजिटल यूरो जैसे अन्य देशों की CBDC पहलों के साथ भारत भी इस क्षेत्र में अग्रणी है।
- यह भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 और भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत विनियमित है।
Practice Questions
Q1. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 19 मई, 2026 को घोषित डिजिटल रुपया (e-RUPI) के अखिल भारतीय विस्तार का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- केवल थोक लेनदेन के लिए एक नई मुद्रा पेश करना।
- भौतिक नकदी को पूरी तरह से समाप्त करना।
- वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना, भुगतान दक्षता में सुधार करना और नकदी प्रबंधन लागत को कम करना।
- विदेशी व्यापार को विशेष रूप से बढ़ावा देना।
Explanation: डिजिटल रुपया के अखिल भारतीय विस्तार का प्राथमिक उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना, भुगतान प्रणालियों की दक्षता में सुधार करना और नकदी के प्रबंधन की लागत को कम करना है। यह भौतिक नकदी का पूरक है, न कि उसका प्रतिस्थापन, और इसका उद्देश्य केवल थोक लेनदेन तक सीमित नहीं है।
Q2. डिजिटल रुपया (e-RUPI) के संदर्भ में, 'e₹-W' और 'e₹-R' क्या दर्शाते हैं?
- e₹-W विदेशी मुद्रा और e₹-R क्षेत्रीय मुद्रा।
- e₹-W थोक CBDC और e₹-R खुदरा CBDC।
- e₹-W वेब-आधारित लेनदेन और e₹-R वास्तविक समय लेनदेन।
- e₹-W वित्तीय समावेशन और e₹-R ग्रामीण विकास।
Explanation: डिजिटल रुपया परियोजना को दो मुख्य खंडों में विभाजित किया गया है: थोक (Wholesale) CBDC, जिसे e₹-W कहा जाता है, और खुदरा (Retail) CBDC, जिसे e₹-R कहा जाता है। ये क्रमशः अंतर-बैंक लेनदेन और आम जनता के लिए खुदरा लेनदेन को लक्षित करते हैं।
Q3. डिजिटल रुपया (e-RUPI) किस तकनीक पर आधारित है?
- क्वांटम कंप्यूटिंग
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- वितरित लेजर प्रौद्योगिकी (DLT) जैसे ब्लॉकचेन
- क्लाउड कंप्यूटिंग
Explanation: डिजिटल रुपया को ब्लॉकचेन जैसी वितरित लेजर प्रौद्योगिकी (DLT) का उपयोग करके विकसित किया गया है। यह तकनीक लेनदेन की सुरक्षा, पारदर्शिता और अपरिवर्तनीयता सुनिश्चित करती है, जो एक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा के लिए महत्वपूर्ण है।
Q4. e₹-R (खुदरा डिजिटल रुपया) का पायलट कार्यक्रम किस वर्ष शुरू किया गया था?
- 2021
- 2022
- 2023
- 2024
Explanation: e₹-R (खुदरा डिजिटल रुपया) का पायलट कार्यक्रम 1 दिसंबर, 2022 को शुरू किया गया था। यह मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर जैसे शहरों में शुरू हुआ और बाद में इसका विस्तार किया गया।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा देश अपनी केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) को व्यापक रूप से लागू करने में भारत के साथ अग्रणी देशों में से एक है?
- जापान
- चीन
- कनाडा
- ऑस्ट्रेलिया
Explanation: चीन अपने डिजिटल युआन (e-CNY) के साथ CBDC को बड़े पैमाने पर लागू करने में सबसे आगे है। भारत का डिजिटल रुपया भी इस वैश्विक प्रवृत्ति में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इसे चीन जैसे देशों के साथ अग्रणी बनाता है।
How to Prepare Economy & Finance for Government Exams — डिजिटल रुपया (e-RUPI) का अखिल भारतीय विस्तार: खुद…
Track current Repo Rate, Inflation rate, and GDP growth. These three numbers appear in almost every banking exam.
Keep a running note of new schemes with their ministry, launch date, and target beneficiary group.
Focus on the Economic Survey and Union Budget highlights — these single documents generate dozens of exam questions.
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