G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक: जलवायु परिवर्तन शमन पर नई दिल्ली घोषणापत्र
8 जून 2026 को नई दिल्ली में संपन्न हुई G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में 'जलवायु परिवर्तन शमन पर नई दिल्ली घोषणापत्र' को अपनाया गया। इस घोषणापत्र में सदस्य देशों ने 2050 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और नवीकरणीय ऊर्जा, चक्रीय अर्थव्यवस्था तथा जैव विविधता संरक्षण में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। बैठक में विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्त की उपलब्धता पर भी जोर दिया गया।
2-Minute Summary (TL;DR)
- G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक 8 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई।
- 'जलवायु परिवर्तन शमन पर नई दिल्ली घोषणापत्र' को बैठक में अपनाया गया।
- घोषणापत्र में 2050 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
- सदस्य देशों ने 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने के लक्ष्य का समर्थन किया।
- चक्रीय अर्थव्यवस्था सिद्धांतों और जैव विविधता संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
- विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्त की उपलब्धता बढ़ाने का आह्वान किया गया, जिसमें $100 बिलियन के लक्ष्य को पूरा करना शामिल है।
- भारत के पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने बैठक की अध्यक्षता की।
- घोषणापत्र 'कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क' के लक्ष्यों के साथ संरेखित है।
- भारत ने जलवायु न्याय और 'सामान्य लेकिन विभेदित जिम्मेदारियां' (CBDR-RC) के सिद्धांत पर जोर दिया।
- यह घोषणापत्र आगामी G20 शिखर सम्मेलन और COP31 के लिए एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है।
Why In News
G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक 8 जून 2026 को नई दिल्ली में संपन्न हुई, जिसमें 'जलवायु परिवर्तन शमन पर नई दिल्ली घोषणापत्र' को सर्वसम्मति से अपनाया गया। यह घोषणापत्र ऐसे समय में आया है जब वैश्विक समुदाय जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों और 2050 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तत्काल और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दे रहा है। यह बैठक आगामी G20 शिखर सम्मेलन के लिए एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करती है।
Syllabus Connection
यह समाचार जलवायु परिवर्तन, वैश्विक पर्यावरण शासन, सतत विकास, नवीकरणीय ऊर्जा और जैव विविधता संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय अवधारणाओं से संबंधित है। छात्रों को G20 की भूमिका, जलवायु वित्त और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर ध्यान देना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| बैठक स्थल | नई दिल्ली, भारत | भारत की G20 अध्यक्षता में पर्यावरण एजेंडे को आकार देने में भूमिका। |
| घोषणापत्र | 'जलवायु परिवर्तन शमन पर नई दिल्ली घोषणापत्र' | वैश्विक शुद्ध-शून्य लक्ष्यों और नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण के लिए इसका महत्व। |
| प्रमुख लक्ष्य | 2050 तक शुद्ध-शून्य, 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा तीन गुना | इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में G20 देशों की चुनौतियाँ और अवसर। |
| भारत की स्थिति | जलवायु न्याय, CBDR-RC सिद्धांत पर जोर | विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्त और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की आवश्यकता। |
| संबंधित पहलें | ISA, CDRI, मिशन LiFE | भारत की घरेलू और वैश्विक जलवायु नेतृत्व की भूमिका। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–3 | Climate finance, green bonds, and ESG ratings are occasionally tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
Key Facts to Remember: G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक: जलवायु परिवर्तन शमन पर नई दिल्ली घोषणापत्र
- G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक 8 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई।
- 'जलवायु परिवर्तन शमन पर नई दिल्ली घोषणापत्र' को बैठक में अपनाया गया।
- घोषणापत्र में 2050 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
- सदस्य देशों ने 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने के लक्ष्य का समर्थन किया।
- चक्रीय अर्थव्यवस्था सिद्धांतों और जैव विविधता संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
- विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्त की उपलब्धता बढ़ाने का आह्वान किया गया, जिसमें $100 बिलियन के लक्ष्य को पूरा करना शामिल है।
- भारत के पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने बैठक की अध्यक्षता की।
- घोषणापत्र 'कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क' के लक्ष्यों के साथ संरेखित है।
- भारत ने जलवायु न्याय और 'सामान्य लेकिन विभेदित जिम्मेदारियां' (CBDR-RC) के सिद्धांत पर जोर दिया।
- यह घोषणापत्र आगामी G20 शिखर सम्मेलन और COP31 के लिए एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है।
Practice Questions
Q1. G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में अपनाया गया 'नई दिल्ली घोषणापत्र' किस लक्ष्य को प्राप्त करने पर केंद्रित है?
- 2030 तक वैश्विक गरीबी उन्मूलन
- 2050 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन
- 2040 तक सभी जीवाश्म ईंधन का उपयोग बंद करना
- 2025 तक सभी विकासशील देशों को $1 ट्रिलियन जलवायु वित्त प्रदान करना
Explanation: नई दिल्ली घोषणापत्र में सभी सदस्य देशों ने 2050 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह जलवायु परिवर्तन शमन के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक लक्ष्य है।
Q2. घोषणापत्र के अनुसार, सदस्य देशों ने 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को कितना बढ़ाने का समर्थन किया है?
- दोगुना
- तीन गुना
- चार गुना
- पांच गुना
Explanation: घोषणापत्र में सदस्य देशों ने 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने के लक्ष्य का समर्थन किया है। यह लक्ष्य वैश्विक ऊर्जा संक्रमण को तेज करने के लिए महत्वपूर्ण है।
Q3. भारत के पर्यावरण मंत्री, जिन्होंने G20 बैठक की अध्यक्षता की, का नाम क्या है?
- श्री पीयूष गोयल
- श्री अमित शाह
- श्री भूपेंद्र यादव
- श्रीमती निर्मला सीतारमण
Explanation: भारत के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने घोषणापत्र को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
Q4. G20 देश वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का लगभग कितना प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं?
- 25%
- 50%
- 75%
- 90%
Explanation: G20 देश विश्व की 80% से अधिक GDP और वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लगभग 75% के लिए जिम्मेदार हैं, जिससे जलवायु कार्रवाई में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
Q5. जैव विविधता संरक्षण से संबंधित 'कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क' का उल्लेख 'नई दिल्ली घोषणापत्र' में किस संदर्भ में किया गया है?
- जलवायु वित्त जुटाने के लिए
- पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली और जैव विविधता के नुकसान को रोकने के लिए
- नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए
- चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों को लागू करने के लिए
Explanation: घोषणापत्र में 'कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क' के लक्ष्यों को प्राप्त करने की प्रतिबद्धता शामिल है, जो जैव विविधता के नुकसान को रोकने और पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली के लिए ठोस कार्रवाई पर जोर देता है।
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Climate news = policy news. Always note the government response to any environmental event — that's what UPSC Mains tests.
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