भारत और यूरोपीय संघ के बीच 'हरित रणनीतिक साझेदारी' पर समझौता: जलवायु परिवर्तन से निपटने का साझा प्रयास
भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने 18 मई, 2026 को एक ऐतिहासिक 'हरित रणनीतिक साझेदारी' समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटने, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को बढ़ावा देने और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सहयोग को मजबूत करना है। यह समझौता हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और जैव विविधता संरक्षण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और नीतिगत संवाद पर केंद्रित है। यह दोनों पक्षों के लिए पर्यावरणीय स्थिरता और आर्थिक विकास के नए अवसर खोलेगा।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत और यूरोपीय संघ ने 18 मई, 2026 को 'हरित रणनीतिक साझेदारी' समझौते पर हस्ताक्षर किए।
- समझौते का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटना, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और सतत विकास को बढ़ावा देना है।
- प्रमुख सहयोग क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और जैव विविधता संरक्षण शामिल हैं।
- यूरोपीय संघ भारत को उन्नत इलेक्ट्रोलाइजर प्रौद्योगिकी और हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
- यह साझेदारी वृत्ताकार अर्थव्यवस्था और संसाधन दक्षता को बढ़ावा देने पर भी केंद्रित है।
- समझौते पर ब्रुसेल्स में भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए गए।
- यह भारत के 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्य और यूरोपीय संघ के 2050 तक जलवायु तटस्थता लक्ष्य के अनुरूप है।
- समझौता हरित वित्त के लिए नए रास्ते खोलेगा और भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल का समर्थन करेगा।
Why In News
भारत और यूरोपीय संघ के नेताओं ने 18 मई, 2026 को ब्रुसेल्स में आयोजित भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान औपचारिक रूप से 'हरित रणनीतिक साझेदारी' समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता दोनों पक्षों के बीच जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के साझा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक मजबूत संस्थागत ढांचा प्रदान करता है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
Syllabus Connection
छात्रों को भारत की विदेश नीति में जलवायु कूटनीति के महत्व, यूरोपीय संघ के साथ द्विपक्षीय संबंधों के रणनीतिक आयामों और वैश्विक जलवायु परिवर्तन से निपटने में बहुपक्षीय सहयोग की भूमिका को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | भारत-यूरोपीय संघ 'हरित रणनीतिक साझेदारी' समझौता। | जलवायु परिवर्तन से निपटने में विकसित-विकासशील देशों के सहयोग का मॉडल और इसका भू-राजनीतिक महत्व। |
| कब और कहाँ? | 18 मई, 2026 को ब्रुसेल्स में भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में। | शिखर सम्मेलन के व्यापक एजेंडे में इस साझेदारी का स्थान और भविष्य के द्विपक्षीय संबंधों पर प्रभाव। |
| प्रमुख क्षेत्र | हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जैव विविधता। | इन क्षेत्रों में सहयोग से भारत के ऊर्जा संक्रमण, आर्थिक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता पर प्रभाव। |
| भारत के लिए महत्व | शुद्ध-शून्य लक्ष्य प्राप्ति, आत्मनिर्भरता, अंतर्राष्ट्रीय छवि में सुधार। | यह साझेदारी भारत के SDG लक्ष्यों, ऊर्जा सुरक्षा और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को कैसे मजबूत करेगी। |
| वैश्विक संदर्भ | COP लक्ष्यों के अनुरूप, बहुपक्षवाद का समर्थन। | यह वैश्विक जलवायु कूटनीति में एक मिसाल कैसे कायम करता है और अन्य क्षेत्रीय गठबंधनों को कैसे प्रभावित कर सकता है। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Medium | 2–4 | Summits, UN resolutions, and India's foreign policy are included in Railway GK. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties. |
Key Facts to Remember: भारत और यूरोपीय संघ के बीच 'हरित रणनीतिक साझेदारी' पर समझौता: जलवायु परिवर्तन से निपटने का साझा प्रयास
- भारत और यूरोपीय संघ ने 18 मई, 2026 को 'हरित रणनीतिक साझेदारी' समझौते पर हस्ताक्षर किए।
- समझौते का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटना, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और सतत विकास को बढ़ावा देना है।
- प्रमुख सहयोग क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और जैव विविधता संरक्षण शामिल हैं।
- यूरोपीय संघ भारत को उन्नत इलेक्ट्रोलाइजर प्रौद्योगिकी और हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
- यह साझेदारी वृत्ताकार अर्थव्यवस्था और संसाधन दक्षता को बढ़ावा देने पर भी केंद्रित है।
- समझौते पर ब्रुसेल्स में भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए गए।
- यह भारत के 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्य और यूरोपीय संघ के 2050 तक जलवायु तटस्थता लक्ष्य के अनुरूप है।
- समझौता हरित वित्त के लिए नए रास्ते खोलेगा और भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल का समर्थन करेगा।
Practice Questions
Q1. भारत और यूरोपीय संघ के बीच 'हरित रणनीतिक साझेदारी' समझौते पर कब हस्ताक्षर किए गए?
- 18 अप्रैल, 2026
- 18 मई, 2026
- 18 जून, 2026
- 18 जुलाई, 2026
Explanation: भारत और यूरोपीय संघ के बीच 'हरित रणनीतिक साझेदारी' समझौते पर 18 मई, 2026 को ब्रुसेल्स में आयोजित भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता जलवायु परिवर्तन से निपटने और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
Q2. इस साझेदारी का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- केवल व्यापार बाधाओं को कम करना।
- रक्षा सहयोग को मजबूत करना।
- जलवायु परिवर्तन से निपटना और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को बढ़ावा देना।
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना।
Explanation: भारत-यूरोपीय संघ 'हरित रणनीतिक साझेदारी' का प्राथमिक उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटना, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को बढ़ावा देना और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सहयोग को मजबूत करना है। यह समझौता पर्यावरणीय स्थिरता पर केंद्रित है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा 'हरित रणनीतिक साझेदारी' के तहत सहयोग का एक प्रमुख क्षेत्र नहीं है?
- हरित हाइड्रोजन का उत्पादन
- नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं
- जैव विविधता संरक्षण
- अंतरिक्ष अन्वेषण
Explanation: 'हरित रणनीतिक साझेदारी' मुख्य रूप से पर्यावरणीय स्थिरता और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण पर केंद्रित है। हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, जैव विविधता संरक्षण और ऊर्जा दक्षता इसके प्रमुख सहयोग क्षेत्र हैं, जबकि अंतरिक्ष अन्वेषण इस समझौते का प्रत्यक्ष हिस्सा नहीं है।
Q4. भारत ने COP26 ग्लासगो में किस वर्ष तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य घोषित किया है?
- 2030
- 2040
- 2050
- 2070
Explanation: भारत ने COP26 ग्लासगो में 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य घोषित किया है। यह लक्ष्य भारत की जलवायु कार्रवाई प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और 'हरित रणनीतिक साझेदारी' इसे प्राप्त करने में सहायक होगी।
Q5. यूरोपीय संघ ने किस पहल के माध्यम से 2050 तक जलवायु तटस्थता प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है?
- एजेंडा 2030
- यूरोपीय ग्रीन डील
- क्लाइमेट फर्स्ट पॉलिसी
- सस्टेनेबल यूरोप इनिशिएटिव
Explanation: यूरोपीय संघ ने 'यूरोपीय ग्रीन डील' के माध्यम से 2050 तक जलवायु तटस्थता प्राप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह यूरोपीय संघ की व्यापक नीति है जिसका उद्देश्य यूरोपीय अर्थव्यवस्था को टिकाऊ बनाना है।
How to Prepare International Affairs for Government Exams — भारत और यूरोपीय संघ के बीच 'हरित रणनीतिक साझेदारी…
Focus on India-centric news — India's bilateral visits, MoUs signed, and positions in international bodies. This is what domestic exams test.
For UPSC, understand geopolitical context: Why does India take a particular position? What is India's strategic interest?
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