भारत ने 'वैश्विक खाद्य सुरक्षा और जलवायु सुदृढ़ता शिखर सम्मेलन' की मेजबानी की, 'दिल्ली घोषणा' जारी
भारत ने 21 मई, 2026 को 'वैश्विक खाद्य सुरक्षा और जलवायु सुदृढ़ता शिखर सम्मेलन' की मेजबानी की, जिसमें 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के बीच खाद्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए 'दिल्ली घोषणा' को अपनाया गया। घोषणा में सतत कृषि पद्धतियों, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया गया है ताकि वैश्विक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत ने 21 मई, 2026 को नई दिल्ली में 'वैश्विक खाद्य सुरक्षा और जलवायु सुदृढ़ता शिखर सम्मेलन' की मेजबानी की।
- शिखर सम्मेलन में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और 'दिल्ली घोषणा' को अपनाया गया।
- 'दिल्ली घोषणा' में सतत कृषि पद्धतियों और जलवायु-स्मार्ट समाधानों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
- घोषणा में छोटे किसानों के सशक्तिकरण और खाद्य अपशिष्ट को कम करने के लिए ठोस कदमों का आह्वान किया गया है।
- शिखर सम्मेलन में 'ग्लोबल क्लाइमेट-रेसिलिएंट एग्रीकल्चर फंड' की स्थापना की घोषणा की गई।
- भारत ने इस फंड में $500 मिलियन का प्रारंभिक योगदान देने का संकल्प लिया है।
- 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण को अपनाने पर जोर दिया गया है, जो मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को जोड़ता है।
- घोषणा में कृषि अनुसंधान और विकास में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है।
- भारत ने अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2023 को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
- यह पहल भारत की वैश्विक नेतृत्व भूमिका और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Why In News
भारत ने 21 मई, 2026 को नई दिल्ली में 'वैश्विक खाद्य सुरक्षा और जलवायु सुदृढ़ता शिखर सम्मेलन' का सफल आयोजन किया, जिसमें एक महत्वपूर्ण 'दिल्ली घोषणा' जारी की गई। यह घोषणा जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों और वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं पर इसके दबाव के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और ठोस कार्ययोजना की तात्कालिक आवश्यकता को रेखांकित करती है।
Syllabus Connection
यह समाचार वैश्विक खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से संबंधित है। छात्रों को भारत की विदेश नीति में खाद्य सुरक्षा के महत्व, बहुपक्षीय मंचों पर भारत की भूमिका और जलवायु परिवर्तन के वैश्विक प्रभावों का अध्ययन करना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| शिखर सम्मेलन | वैश्विक खाद्य सुरक्षा और जलवायु सुदृढ़ता शिखर सम्मेलन, नई दिल्ली में आयोजित। | जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में वैश्विक खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों और भारत की नेतृत्वकारी भूमिका का विश्लेषण। |
| दिल्ली घोषणा | सतत कृषि, छोटे किसान, खाद्य अपशिष्ट, पोषण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर जोर। | घोषणा के प्रमुख प्रावधानों का विश्लेषण और वैश्विक खाद्य प्रणालियों पर इसके संभावित प्रभाव। |
| भारत का योगदान | $500 मिलियन 'ग्लोबल क्लाइमेट-रेसिलिएंट एग्रीकल्चर फंड' में। | भारत की 'वसुधैव कुटुंबकम्' की अवधारणा और विकासशील देशों के साथ सहयोग की प्रतिबद्धता। |
| वन हेल्थ | मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के अंतर्संबंध पर आधारित दृष्टिकोण। | खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य में 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण के महत्व और चुनौतियों का मूल्यांकन। |
| वैश्विक संदर्भ | FAO, G7/G20, CAADP, Farm to Fork जैसी अन्य पहलों से तुलना। | वैश्विक खाद्य सुरक्षा प्रयासों में समन्वय की आवश्यकता और भारत के मॉडल की प्रासंगिकता। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Medium | 2–4 | Summits, UN resolutions, and India's foreign policy are included in Railway GK. |
Key Facts to Remember: भारत ने 'वैश्विक खाद्य सुरक्षा और जलवायु सुदृढ़ता शिखर सम्मेलन' की मेजबानी की, 'दिल्ली घोषणा' जारी
- भारत ने 21 मई, 2026 को नई दिल्ली में 'वैश्विक खाद्य सुरक्षा और जलवायु सुदृढ़ता शिखर सम्मेलन' की मेजबानी की।
- शिखर सम्मेलन में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और 'दिल्ली घोषणा' को अपनाया गया।
- 'दिल्ली घोषणा' में सतत कृषि पद्धतियों और जलवायु-स्मार्ट समाधानों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
- घोषणा में छोटे किसानों के सशक्तिकरण और खाद्य अपशिष्ट को कम करने के लिए ठोस कदमों का आह्वान किया गया है।
- शिखर सम्मेलन में 'ग्लोबल क्लाइमेट-रेसिलिएंट एग्रीकल्चर फंड' की स्थापना की घोषणा की गई।
- भारत ने इस फंड में $500 मिलियन का प्रारंभिक योगदान देने का संकल्प लिया है।
- 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण को अपनाने पर जोर दिया गया है, जो मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को जोड़ता है।
- घोषणा में कृषि अनुसंधान और विकास में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है।
- भारत ने अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2023 को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
- यह पहल भारत की वैश्विक नेतृत्व भूमिका और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Practice Questions
Q1. हाल ही में आयोजित 'वैश्विक खाद्य सुरक्षा और जलवायु सुदृढ़ता शिखर सम्मेलन' की मेजबानी किस देश ने की?
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- भारत
- जर्मनी
- ब्राजील
Explanation: भारत ने 21 मई, 2026 को नई दिल्ली में 'वैश्विक खाद्य सुरक्षा और जलवायु सुदृढ़ता शिखर सम्मेलन' की मेजबानी की। इस सम्मेलन में वैश्विक खाद्य सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा हुई।
Q2. 'वैश्विक खाद्य सुरक्षा और जलवायु सुदृढ़ता शिखर सम्मेलन' में अपनाई गई घोषणा का नाम क्या है?
- पेरिस समझौता
- क्योटो प्रोटोकॉल
- दिल्ली घोषणा
- रोम घोषणा
Explanation: शिखर सम्मेलन में 'दिल्ली घोषणा' को सर्वसम्मति से अपनाया गया। यह घोषणा जलवायु परिवर्तन के अनुकूल खाद्य प्रणालियों के निर्माण और वैश्विक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक रोडमैप प्रदान करती है।
Q3. 'दिल्ली घोषणा' में निम्नलिखित में से किस पर जोर नहीं दिया गया है?
- सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना
- छोटे किसानों को सशक्त बनाना
- अंतरिक्ष पर्यटन को बढ़ावा देना
- खाद्य अपशिष्ट को कम करना
Explanation: 'दिल्ली घोषणा' में सतत कृषि पद्धतियों, छोटे किसानों के सशक्तिकरण, खाद्य अपशिष्ट को कम करने, पोषण में सुधार और कृषि-खाद्य क्षेत्र में नवाचार पर जोर दिया गया है। अंतरिक्ष पर्यटन का इससे कोई सीधा संबंध नहीं है।
Q4. शिखर सम्मेलन में स्थापित किए जाने वाले 'ग्लोबल क्लाइमेट-रेसिलिएंट एग्रीकल्चर फंड' में भारत ने प्रारंभिक योगदान के रूप में कितनी राशि का संकल्प लिया है?
- $100 मिलियन
- $250 मिलियन
- $500 मिलियन
- $1 बिलियन
Explanation: भारत ने 'ग्लोबल क्लाइमेट-रेसिलिएंट एग्रीकल्चर फंड' में $500 मिलियन का प्रारंभिक योगदान देने का संकल्प लिया है। यह फंड जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति कृषि क्षेत्र की सुदृढ़ता बढ़ाने के लिए अनुसंधान, विकास और कार्यान्वयन परियोजनाओं का समर्थन करेगा।
Q5. खाद्य सुरक्षा और जलवायु सुदृढ़ता के संदर्भ में 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण का क्या अर्थ है?
- केवल मानव स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना।
- केवल पशु स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना।
- मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के बीच अंतर्संबंध को पहचानना।
- केवल पर्यावरणीय स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना।
Explanation: 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के बीच अंतर्संबंध को पहचानता है। यह दृष्टिकोण खाद्य जनित बीमारियों, जूनोटिक रोगों और पर्यावरणीय गिरावट के प्रभावों को संबोधित करने के लिए महत्वपूर्ण है, जो सभी खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।
How to Prepare International Affairs for Government Exams — भारत ने 'वैश्विक खाद्य सुरक्षा और जलवायु सुदृढ़ता…
Focus on India-centric news — India's bilateral visits, MoUs signed, and positions in international bodies. This is what domestic exams test.
For UPSC, understand geopolitical context: Why does India take a particular position? What is India's strategic interest?
Keep a running note of all G20, SCO, BRICS, and QUAD-related outcomes. These bodies generate 3–5 questions per major exam cycle.
Related Current Affairs
Test Your Knowledge on Today's Current Affairs
10 questions · 10 minutes · Based on today's GK updates. See how prepared you really are.
Start Daily Quiz