भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान 'तेजस मार्क-2' का सफल परीक्षण और बड़े पैमाने पर उत्पादन की घोषणा
21 मई, 2026 को रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि भारत के उन्नत स्वदेशी लड़ाकू विमान, 'तेजस मार्क-2' ने अपने अंतिम चरण के परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ ही, सरकार ने विमान के बड़े पैमाने पर उत्पादन की शुरुआत की घोषणा की है, जो भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह विमान भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा।
2-Minute Summary (TL;DR)
- तेजस मार्क-2 ने 21 मई, 2026 को अपने अंतिम चरण के परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए।
- रक्षा मंत्रालय ने तेजस मार्क-2 के बड़े पैमाने पर उत्पादन की घोषणा की है।
- यह विमान भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' अभियानों का एक प्रमुख स्तंभ है।
- तेजस मार्क-2 को 4.5वीं पीढ़ी के मध्यम वजन के, बहु-भूमिका वाले लड़ाकू विमान के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
- इसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित किया गया है।
- विमान में अधिक शक्तिशाली GE F414 इंजन, उन्नत AESA रडार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट है।
- इसकी पेलोड क्षमता लगभग 6.5 टन है और यह मैक 1.8+ की गति प्राप्त कर सकता है।
- तेजस मार्क-2 भारतीय वायुसेना के पुराने मिग-29 और जगुआर बेड़े को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- सरकार ने प्रारंभिक बैच में 100 से अधिक विमानों के उत्पादन की योजना बनाई है।
- यह परियोजना भारत को उन्नत लड़ाकू विमान प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Why In News
21 मई, 2026 को रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि स्वदेशी रूप से विकसित तेजस मार्क-2 लड़ाकू विमान ने अपने सभी महत्वपूर्ण परीक्षणों को सफलतापूर्वक पास कर लिया है। इस घोषणा के साथ ही, सरकार ने इस उन्नत विमान के बड़े पैमाने पर उत्पादन को हरी झंडी दे दी है, जिससे यह खबर आज सुर्खियों में है और भारत की रक्षा क्षमताओं में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।
Syllabus Connection
यह खबर भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और सैन्य आधुनिकीकरण से संबंधित है। छात्रों को भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास कार्यक्रमों, प्रमुख रक्षा प्लेटफार्मों और 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति पर ध्यान देना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है | तेजस मार्क-2, एक उन्नत स्वदेशी 4.5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान। | रक्षा आत्मनिर्भरता में भूमिका, तकनीकी उन्नयन, क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर प्रभाव। |
| कब | 21 मई, 2026 को सफल परीक्षण और उत्पादन की घोषणा। | भारत के LCA कार्यक्रम के विकास का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर। |
| कौन शामिल | ADA, HAL, रक्षा मंत्रालय, भारतीय वायुसेना। | सार्वजनिक-निजी भागीदारी का मॉडल, रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र का विकास। |
| मुख्य विशेषताएँ | GE F414 इंजन, AESA रडार, 6.5 टन पेलोड, मैक 1.8+ गति। | तकनीकी श्रेष्ठता, परिचालन क्षमता में वृद्धि, वैश्विक तुलना। |
| महत्व | रक्षा आत्मनिर्भरता, 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा, मिग-29/जगुआर का प्रतिस्थापन। | रणनीतिक स्वायत्तता, निर्यात क्षमता, भविष्य की रक्षा परियोजनाओं के लिए आधार। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | Defence acquisitions, military exercises, and appointments appear in SSC GK. |
| UPSC / State PCS | Medium | 4–8 | UPSC focuses on strategic aspects: defence policy, Indo-Pacific, border issues, and bilateral defence deals. |
| State PCS / PSC | Medium | 2–4 | State PCS papers test major acquisitions and military exercises involving India. |
Key Facts to Remember: भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान 'तेजस मार्क-2' का सफल परीक्षण और बड़े पैमाने पर उत्पादन की घोषणा
- तेजस मार्क-2 ने 21 मई, 2026 को अपने अंतिम चरण के परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए।
- रक्षा मंत्रालय ने तेजस मार्क-2 के बड़े पैमाने पर उत्पादन की घोषणा की है।
- यह विमान भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' अभियानों का एक प्रमुख स्तंभ है।
- तेजस मार्क-2 को 4.5वीं पीढ़ी के मध्यम वजन के, बहु-भूमिका वाले लड़ाकू विमान के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
- इसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित किया गया है।
- विमान में अधिक शक्तिशाली GE F414 इंजन, उन्नत AESA रडार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट है।
- इसकी पेलोड क्षमता लगभग 6.5 टन है और यह मैक 1.8+ की गति प्राप्त कर सकता है।
- तेजस मार्क-2 भारतीय वायुसेना के पुराने मिग-29 और जगुआर बेड़े को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- सरकार ने प्रारंभिक बैच में 100 से अधिक विमानों के उत्पादन की योजना बनाई है।
- यह परियोजना भारत को उन्नत लड़ाकू विमान प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Practice Questions
Q1. तेजस मार्क-2 लड़ाकू विमान को किस पीढ़ी के विमान के रूप में वर्गीकृत किया गया है?
- तीसरी पीढ़ी
- चौथी पीढ़ी
- 4.5वीं पीढ़ी
- पांचवीं पीढ़ी
Explanation: तेजस मार्क-2 को उन्नत एवियोनिक्स, रडार और हथियार प्रणालियों के कारण 4.5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह अपने पूर्ववर्ती तेजस मार्क-1 से अधिक उन्नत है, लेकिन पांचवीं पीढ़ी के विमानों की स्टील्थ क्षमताओं को पूरी तरह से शामिल नहीं करता है।
Q2. तेजस मार्क-2 के विकास में कौन सी भारतीय संस्थाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं?
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)
- एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL)
- ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (OFB) और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE)
Explanation: तेजस मार्क-2 का विकास एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। ADA डिजाइन और विकास के लिए जिम्मेदार है, जबकि HAL उत्पादन और परीक्षण में प्रमुख भूमिका निभाता है।
Q3. तेजस मार्क-2 में किस इंजन का उपयोग किया गया है?
- कावेरी इंजन
- GE F404 इंजन
- GE F414 इंजन
- रोल्स-रॉयस EJ200 इंजन
Explanation: तेजस मार्क-2 में अधिक शक्तिशाली GE F414 इंजन का उपयोग किया गया है, जो इसे बेहतर थ्रस्ट और प्रदर्शन प्रदान करता है। तेजस मार्क-1 में GE F404 इंजन का उपयोग किया गया था, जबकि कावेरी इंजन भारत का स्वदेशी इंजन विकास कार्यक्रम है जो अभी भी प्रगति पर है।
Q4. तेजस मार्क-2 की अनुमानित पेलोड क्षमता कितनी है?
- 3.5 टन
- 4.5 टन
- 6.5 टन
- 8.0 टन
Explanation: तेजस मार्क-2 की अनुमानित पेलोड क्षमता लगभग 6.5 टन है। यह इसे विभिन्न प्रकार के हथियारों, मिसाइलों और सेंसर को ले जाने में सक्षम बनाता है, जिससे इसकी बहु-भूमिका क्षमता बढ़ती है।
Q5. भारत सरकार की कौन सी पहल तेजस मार्क-2 जैसे स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं को बढ़ावा देती है?
- डिजिटल इंडिया
- स्वच्छ भारत अभियान
- आत्मनिर्भर भारत अभियान
- मेक इन इंडिया प्लस
Explanation: भारत सरकार का 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने पर केंद्रित है। तेजस मार्क-2 जैसी स्वदेशी रक्षा परियोजनाएं इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करती हैं और आयात पर निर्भरता कम करती हैं।
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