भारत में 'राष्ट्रीय क्वांटम मिशन' का दूसरा चरण लॉन्च: क्वांटम प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता की ओर
भारत सरकार ने 18 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय क्वांटम मिशन' (NQM) के दूसरे चरण का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार और क्वांटम सेंसर जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों में देश की क्षमता को बढ़ाना है। इस चरण में अनुसंधान एवं विकास को गति देने, उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने और एक मजबूत क्वांटम पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर जोर दिया जाएगा। यह पहल भारत को वैश्विक क्वांटम प्रौद्योगिकी मानचित्र पर एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) का दूसरा चरण 18 मई, 2026 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया।
- इस चरण का उद्देश्य क्वांटम कंप्यूटिंग, संचार और सेंसिंग में भारत की क्षमताओं को बढ़ाना है।
- दूसरे चरण के लिए अगले पांच वर्षों (2026-2031) हेतु ₹4000 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय आवंटन किया गया है।
- लक्ष्य में 50-1000 क्यूबिट तक के क्वांटम कंप्यूटर और 2000 किलोमीटर तक सुरक्षित क्वांटम संचार लिंक विकसित करना शामिल है।
- देश भर में चार 'थीमैटिक हब' स्थापित किए जाएंगे, जो विशिष्ट क्वांटम क्षेत्रों पर केंद्रित होंगे।
- क्वांटम स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए 'क्वांटम इनोवेशन फंड' की स्थापना की गई है।
- यह मिशन भारत को क्वांटम प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखता है।
- NQM का कुल परिव्यय 2023-2031 की अवधि के लिए ₹6003.65 करोड़ था।
- यह पहल डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रमों के साथ संरेखित है।
Why In News
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 18 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय क्वांटम मिशन' के दूसरे चरण के आधिकारिक लॉन्च की घोषणा की है। इस चरण में अगले पांच वर्षों के लिए विस्तृत कार्ययोजना और अतिरिक्त वित्तीय आवंटन को मंजूरी दी गई है, जिससे क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को नई गति मिलेगी।
Syllabus Connection
छात्रों को क्वांटम प्रौद्योगिकी के मूल सिद्धांतों, इसके विभिन्न अनुप्रयोगों (कंप्यूटिंग, संचार, सेंसिंग), भारत के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के उद्देश्यों और वैश्विक संदर्भ में इसकी रणनीतिक महत्ता को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | राष्ट्रीय क्वांटम मिशन का दूसरा चरण लॉन्च, क्वांटम प्रौद्योगिकी विकास हेतु। | भारत की क्वांटम आत्मनिर्भरता, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक स्वायत्तता पर प्रभाव। |
| कब? | 18 मई, 2026 को लॉन्च। | मिशन के दीर्घकालिक लक्ष्यों और 2023 के प्रारंभिक चरण से निरंतरता का विश्लेषण। |
| मुख्य लक्ष्य | 50-1000 क्यूबिट कंप्यूटर, 2000 किमी क्वांटम संचार, 4 थीमैटिक हब। | इन लक्ष्यों का तकनीकी व्यावहारिकता, आर्थिक प्रभाव और राष्ट्रीय सुरक्षा पर क्या असर होगा। |
| वित्तीय आवंटन | दूसरे चरण हेतु ₹4000 करोड़ से अधिक (2026-2031)। | यह निवेश भारत के R&D पारिस्थितिकी तंत्र को कैसे मजबूत करेगा और नवाचार को कैसे बढ़ावा देगा। |
| महत्व | आत्मनिर्भरता, वैज्ञानिक क्षमता वृद्धि, डिजिटल इंडिया से जुड़ाव। | क्वांटम प्रौद्योगिकी का भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास, रक्षा और भू-राजनीतिक स्थिति पर व्यापक प्रभाव। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| Banking (IBPS / SBI) | Low | 1–2 | Occasionally tested via banking technology, fintech, or climate-science crossovers. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | Space missions, defence acquisitions, and health research appear regularly. |
Key Facts to Remember: भारत में 'राष्ट्रीय क्वांटम मिशन' का दूसरा चरण लॉन्च: क्वांटम प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता की ओर
- राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) का दूसरा चरण 18 मई, 2026 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया।
- इस चरण का उद्देश्य क्वांटम कंप्यूटिंग, संचार और सेंसिंग में भारत की क्षमताओं को बढ़ाना है।
- दूसरे चरण के लिए अगले पांच वर्षों (2026-2031) हेतु ₹4000 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय आवंटन किया गया है।
- लक्ष्य में 50-1000 क्यूबिट तक के क्वांटम कंप्यूटर और 2000 किलोमीटर तक सुरक्षित क्वांटम संचार लिंक विकसित करना शामिल है।
- देश भर में चार 'थीमैटिक हब' स्थापित किए जाएंगे, जो विशिष्ट क्वांटम क्षेत्रों पर केंद्रित होंगे।
- क्वांटम स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए 'क्वांटम इनोवेशन फंड' की स्थापना की गई है।
- यह मिशन भारत को क्वांटम प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखता है।
- NQM का कुल परिव्यय 2023-2031 की अवधि के लिए ₹6003.65 करोड़ था।
- यह पहल डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रमों के साथ संरेखित है।
Practice Questions
Q1. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के दूसरे चरण का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- केवल क्वांटम संचार प्रणालियों का विकास करना।
- क्वांटम कंप्यूटिंग, संचार और सेंसिंग सहित क्वांटम प्रौद्योगिकियों में भारत की क्षमता को बढ़ाना।
- केवल क्वांटम सामग्री के अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करना।
- विदेशी क्वांटम प्रौद्योगिकियों का आयात करना।
Explanation: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के दूसरे चरण का प्राथमिक उद्देश्य क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार और क्वांटम सेंसिंग सहित विभिन्न क्वांटम प्रौद्योगिकियों में भारत की क्षमताओं को व्यापक रूप से बढ़ाना है। यह भारत को इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Q2. NQM के दूसरे चरण के लिए 2026-2031 की अवधि हेतु कितना अतिरिक्त वित्तीय आवंटन किया गया है?
- ₹1000 करोड़ से अधिक
- ₹2500 करोड़ से अधिक
- ₹4000 करोड़ से अधिक
- ₹6000 करोड़ से अधिक
Explanation: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के दूसरे चरण के लिए, भारत सरकार ने 2026-2031 की अवधि हेतु ₹4000 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय आवंटन स्वीकृत किया है। यह आवंटन मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने और अनुसंधान एवं विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण है।
Q3. NQM के तहत क्वांटम कंप्यूटिंग में 50-1000 क्यूबिट तक के क्वांटम कंप्यूटर विकसित करने का लक्ष्य किस चरण में रखा गया है?
- पहला चरण
- दूसरा चरण
- तीसरा चरण
- यह लक्ष्य NQM का हिस्सा नहीं है
Explanation: 50-1000 क्यूबिट तक के क्वांटम कंप्यूटर विकसित करने का लक्ष्य राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के दूसरे चरण में निर्धारित किया गया है। यह लक्ष्य भारत को अधिक शक्तिशाली और स्थिर क्वांटम कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म बनाने में मदद करेगा।
Q4. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के लिए नोडल मंत्रालय कौन सा है?
- इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- रक्षा मंत्रालय
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- गृह मंत्रालय
Explanation: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय नोडल मंत्रालय है। यह मंत्रालय मिशन के समग्र समन्वय, कार्यान्वयन और निगरानी के लिए जिम्मेदार है, जिसमें विभिन्न वैज्ञानिक विभागों और संस्थानों के साथ सहयोग शामिल है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा NQM के दूसरे चरण के तहत स्थापित किए जाने वाले 'थीमैटिक हब' का संभावित स्थान नहीं है?
- भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली
- टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) मुंबई
- भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) नई दिल्ली
Explanation: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के दूसरे चरण के तहत प्रमुख शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों में चार 'थीमैटिक हब' स्थापित किए जाएंगे। इनमें IISc बेंगलुरु, IIT दिल्ली और TIFR मुंबई जैसे संस्थान शामिल हैं, जबकि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) क्वांटम प्रौद्योगिकी के लिए एक प्राथमिक हब के रूप में सूचीबद्ध नहीं है।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — भारत में 'राष्ट्रीय क्वांटम मिशन' का दूसरा चरण लॉ…
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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