भारत द्वारा वैश्विक डिजिटल शासन फ्रेमवर्क की अगुवाई: 'डिजिटल सेतु' पहल का अनावरण
भारत ने 8 जून, 2026 को नई दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय शिखर सम्मेलन में 'डिजिटल सेतु' नामक एक महत्वाकांक्षी वैश्विक डिजिटल शासन फ्रेमवर्क पहल का अनावरण किया। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) के सुरक्षित, समावेशी और अंतर-संचालनीय उपयोग को बढ़ावा देना है, जिससे विकासशील देशों को डिजिटल परिवर्तन में मदद मिल सके। यह भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान डिजिटल अर्थव्यवस्था कार्य समूह के निष्कर्षों पर आधारित है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत ने 8 जून, 2026 को नई दिल्ली में 'डिजिटल सेतु' नामक वैश्विक डिजिटल शासन फ्रेमवर्क पहल का अनावरण किया।
- इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) के सुरक्षित, समावेशी और अंतर-संचालनीय उपयोग को बढ़ावा देना है।
- 'डिजिटल सेतु कोष' की स्थापना की जाएगी, जिसमें प्रारंभिक योगदान 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर होगा।
- पहल में 'वैश्विक DPI ज्ञान विनिमय मंच' और 'डिजिटल सेतु अकादमी' जैसे घटक शामिल हैं।
- यह पहल भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान डिजिटल अर्थव्यवस्था कार्य समूह (DEWG) के निष्कर्षों पर आधारित है।
- 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने 'डिजिटल भविष्य के लिए वैश्विक साझेदारी' शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
- भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल का औपचारिक अनावरण किया।
- यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), विशेष रूप से SDG 9 और SDG 17 के अनुरूप है।
- भारत के आधार, UPI और डिजीलॉकर जैसे सफल DPI मॉडल इस पहल के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 इस पहल के डेटा शासन ढांचे का आधार है।
- यह पहल खुले स्रोत, अंतर-संचालनीय और नागरिक-केंद्रित सिद्धांतों पर आधारित है।
Why In News
भारत ने 8 जून, 2026 को 'डिजिटल सेतु' पहल की शुरुआत की घोषणा की, जिसका उद्देश्य वैश्विक डिजिटल शासन के लिए एक साझा, मानकीकृत और समावेशी ढांचा तैयार करना है। यह घोषणा नई दिल्ली में आयोजित 'डिजिटल भविष्य के लिए वैश्विक साझेदारी' शिखर सम्मेलन के दौरान की गई, जिसमें 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह पहल भारत के बढ़ते डिजिटल नेतृत्व और विकासशील देशों के बीच डिजिटल विभाजन को पाटने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Syllabus Connection
यह खबर भारत की बढ़ती डिजिटल कूटनीति, वैश्विक डिजिटल शासन में उसकी नेतृत्वकारी भूमिका और विकासशील देशों के साथ तकनीकी सहयोग के प्रयासों से संबंधित है। छात्रों को भारत की सॉफ्ट पावर, बहुपक्षीय मंचों पर उसकी स्थिति और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) के वैश्विक प्रभाव पर ध्यान देना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | 'डिजिटल सेतु' नामक वैश्विक डिजिटल शासन फ्रेमवर्क पहल। | DPI के सुरक्षित, समावेशी और अंतर-संचालनीय उपयोग को बढ़ावा देने का उद्देश्य। |
| कब | 8 जून, 2026 को अनावरण। | यह भारत की G20 अध्यक्षता के बाद की डिजिटल कूटनीति का एक महत्वपूर्ण चरण है। |
| कौन | भारत द्वारा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनावरण किया। | भारत का वैश्विक दक्षिण के लिए एक विश्वसनीय डिजिटल भागीदार के रूप में उभरना। |
| क्यों | वैश्विक डिजिटल विभाजन को पाटना, DPI मॉडल साझा करना। | डिजिटल संप्रभुता, डेटा सुरक्षा और समावेशी डिजिटल भविष्य सुनिश्चित करना। |
| घटक | 'डिजिटल सेतु कोष', 'ज्ञान विनिमय मंच', 'डिजिटल सेतु अकादमी'। | विकासशील देशों को तकनीकी, वित्तीय और क्षमता निर्माण सहायता प्रदान करना। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Medium | 2–4 | Summits, UN resolutions, and India's foreign policy are included in Railway GK. |
Key Facts to Remember: भारत द्वारा वैश्विक डिजिटल शासन फ्रेमवर्क की अगुवाई: 'डिजिटल सेतु' पहल का अनावरण
- भारत ने 8 जून, 2026 को नई दिल्ली में 'डिजिटल सेतु' नामक वैश्विक डिजिटल शासन फ्रेमवर्क पहल का अनावरण किया।
- इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) के सुरक्षित, समावेशी और अंतर-संचालनीय उपयोग को बढ़ावा देना है।
- 'डिजिटल सेतु कोष' की स्थापना की जाएगी, जिसमें प्रारंभिक योगदान 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर होगा।
- पहल में 'वैश्विक DPI ज्ञान विनिमय मंच' और 'डिजिटल सेतु अकादमी' जैसे घटक शामिल हैं।
- यह पहल भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान डिजिटल अर्थव्यवस्था कार्य समूह (DEWG) के निष्कर्षों पर आधारित है।
- 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने 'डिजिटल भविष्य के लिए वैश्विक साझेदारी' शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
- भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल का औपचारिक अनावरण किया।
- यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), विशेष रूप से SDG 9 और SDG 17 के अनुरूप है।
- भारत के आधार, UPI और डिजीलॉकर जैसे सफल DPI मॉडल इस पहल के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 इस पहल के डेटा शासन ढांचे का आधार है।
- यह पहल खुले स्रोत, अंतर-संचालनीय और नागरिक-केंद्रित सिद्धांतों पर आधारित है।
Practice Questions
Q1. 'डिजिटल सेतु' पहल का अनावरण किस तिथि को किया गया?
- 8 जून, 2026
- 15 अगस्त, 2025
- 26 जनवरी, 2026
- 5 सितंबर, 2026
Explanation: 'डिजिटल सेतु' पहल का अनावरण 8 जून, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 'डिजिटल भविष्य के लिए वैश्विक साझेदारी' शिखर सम्मेलन में किया गया था। यह भारत की वैश्विक डिजिटल कूटनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Q2. 'डिजिटल सेतु' पहल का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- अंतरिक्ष अन्वेषण में वैश्विक सहयोग बढ़ाना
- डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) के सुरक्षित और समावेशी उपयोग को बढ़ावा देना
- सैन्य प्रौद्योगिकी का निर्यात करना
- अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों का आयोजन करना
Explanation: 'डिजिटल सेतु' पहल का प्राथमिक उद्देश्य डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) के सुरक्षित, समावेशी और अंतर-संचालनीय उपयोग को बढ़ावा देना है। यह पहल विकासशील देशों को डिजिटल परिवर्तन में सहायता करने पर केंद्रित है।
Q3. 'डिजिटल सेतु कोष' में भारत का प्रारंभिक योगदान कितना है?
- 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर
- 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर
- 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर
- 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर
Explanation: 'डिजिटल सेतु' पहल के तहत स्थापित किए जाने वाले 'डिजिटल सेतु कोष' में भारत का प्रारंभिक योगदान 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। इस कोष का उपयोग विकासशील देशों को DPI के कार्यान्वयन के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए किया जाएगा।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा भारतीय कानून 'डिजिटल सेतु' पहल के डेटा शासन ढांचे का आधार है?
- सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
- कंपनी अधिनियम, 2013
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023
- पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986
Explanation: भारत का 'डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023' 'डिजिटल सेतु' पहल के डेटा शासन ढांचे का आधार है। यह अधिनियम भारत में व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण को नियंत्रित करता है और व्यक्तियों के डेटा अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
Q5. 'डिजिटल सेतु' पहल के सिद्धांतों में क्या शामिल नहीं है?
- खुले स्रोत (Open-source)
- अंतर-संचालनीय (Interoperable)
- नागरिक-केंद्रित (Citizen-centric)
- एकल विक्रेता-निर्भर (Single vendor-dependent)
Explanation: 'डिजिटल सेतु' पहल खुले स्रोत, अंतर-संचालनीय और नागरिक-केंद्रित सिद्धांतों पर आधारित है। यह एकल विक्रेता-निर्भर दृष्टिकोण का विरोध करती है, ताकि डिजिटल उपनिवेशवाद के जोखिम को कम किया जा सके और देशों को अपनी डिजिटल संप्रभुता बनाए रखने में मदद मिल सके।
How to Prepare International Affairs for Government Exams — भारत द्वारा वैश्विक डिजिटल शासन फ्रेमवर्क की अगुव…
Focus on India-centric news — India's bilateral visits, MoUs signed, and positions in international bodies. This is what domestic exams test.
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