भारत में संक्रामक रोगों का बढ़ता बोझ: चुनौतियाँ और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया
भारत में संक्रामक रोगों का बोझ अभी भी काफी अधिक है, जिसमें डेंगू, मलेरिया, तपेदिक (TB) और हाल ही में उभरते वायरल संक्रमण शामिल हैं। जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण और एंटीबायोटिक प्रतिरोध जैसी चुनौतियाँ इन बीमारियों के प्रसार को बढ़ा रही हैं। सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रोकथाम रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जैसा कि नवीनतम राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण रिपोर्ट में उजागर किया गया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- नवीनतम राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025-26 ने भारत में संक्रामक रोगों के बढ़ते बोझ को उजागर किया है।
- भारत ने 2025 तक तपेदिक (TB) को खत्म करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
- जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण और एंटीबायोटिक प्रतिरोध संक्रामक रोगों के प्रसार के प्रमुख कारक हैं।
- राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NVBDCP) मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसे रोगों पर केंद्रित है।
- 'एक स्वास्थ्य' (One Health) दृष्टिकोण मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के अंतर्संबंध को पहचानता है।
- मिशन इंद्रधनुष बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पूर्ण टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करता है।
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) गरीब और कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करती है।
- एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध (AMR) भारत में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है।
- महामारी रोग अधिनियम, 1897, सरकार को संक्रामक रोगों के प्रकोप को रोकने के लिए विशेष उपाय करने का अधिकार देता है।
- भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) संक्रामक रोगों पर अनुसंधान और निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- भारत में टीबी दुनिया के कुल मामलों का लगभग 26% हिस्सा है।
Why In News
नवीनतम राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025-26 के निष्कर्षों ने भारत में संक्रामक रोगों के बढ़ते बोझ और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर इसके प्रभाव को रेखांकित किया है। रिपोर्ट में डेंगू, मलेरिया, टीबी और नए वायरल संक्रमणों के प्रसार में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे इन बीमारियों से निपटने के लिए तत्काल और प्रभावी रणनीतियों की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
Syllabus Connection
यह लेख भारत में संक्रामक रोगों के प्रकार, उनके प्रसार के कारकों, सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की चुनौतियों और सरकार द्वारा अपनाई गई रोकथाम एवं नियंत्रण रणनीतियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| रोगों के प्रकार | डेंगू, मलेरिया, टीबी, COVID-19, चिकनगुनिया। | इन रोगों के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक चुनौतियाँ। |
| प्रमुख कार्यक्रम | NHM, PMJAY, NVBDCP, मिशन इंद्रधनुष, NTEP। | इन कार्यक्रमों की प्रभावशीलता, कार्यान्वयन चुनौतियाँ और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज में भूमिका। |
| चुनौतियाँ | जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण, AMR, स्वच्छता, मानव संसाधन की कमी। | इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए 'एक स्वास्थ्य' दृष्टिकोण और बहु-क्षेत्रीय सहयोग का महत्व। |
| नीतियाँ/कानून | महामारी रोग अधिनियम 1897, राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017। | इन कानूनों और नीतियों की प्रासंगिकता, सीमाएं और वर्तमान संदर्भ में आवश्यक सुधार। |
| वैश्विक संदर्भ | WHO की भूमिका, भारत का वैक्सीन मैत्री। | वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में भारत की भूमिका और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का महत्व। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Low | 2–5 | UPSC focuses on depth, not breadth. General items are tested only when they have policy relevance. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | Miscellaneous GK including appointments, books, summits, and records appears in SSC. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | Banking awareness and general GK are separate sections — both draw from current affairs. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Medium | 2–4 | Miscellaneous GK about India and the world is standard in Railway papers. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | Miscellaneous GK is tested across all state exam categories. |
What to Memorize from This Topic
- Appointments: new heads of organizations, ministries, and international bodies
- Books and authors in the news — especially by current heads of state or notable personalities
- First-ever achievements: India's firsts, world firsts, records broken
- Summits and their dates, venue, and key declarations
- Obituaries: notable personalities, their field, and contribution
Practice Questions
Q1. भारत ने किस वर्ष तक तपेदिक (TB) को खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है?
- 2028
- 2030
- 2025
- 2035
Explanation: भारत ने 2025 तक तपेदिक (TB) को खत्म करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वैश्विक लक्ष्य (2030) से पांच साल पहले का है, जो इस बीमारी से निपटने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा कार्यक्रम बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पूर्ण टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करने पर केंद्रित है?
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना
- मिशन इंद्रधनुष
- राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम
Explanation: मिशन इंद्रधनुष भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक प्रमुख टीकाकरण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पूर्ण टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करना है। यह खसरा, पोलियो, डिप्थीरिया आदि जैसी बीमारियों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण है।
Q3. 'एक स्वास्थ्य' (One Health) दृष्टिकोण का क्या अर्थ है?
- केवल मानव स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना
- मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के बीच अंतर्संबंध को पहचानना
- केवल पशु स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना
- केवल पर्यावरणीय स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना
Explanation: 'एक स्वास्थ्य' (One Health) दृष्टिकोण एक सहयोगी, बहु-क्षेत्रीय और स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर काम करने वाला दृष्टिकोण है, जिसका उद्देश्य मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के बीच अंतर्संबंध को पहचानते हुए स्वास्थ्य परिणामों को प्राप्त करना है। यह विशेष रूप से ज़ूनोटिक रोगों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है।
Q4. भारत में एंटीबायोटिक प्रतिरोध (AMR) के बढ़ते खतरे का एक प्रमुख कारण क्या है?
- स्वच्छ पेयजल की कमी
- एंटीबायोटिक दवाओं का अत्यधिक और अनुचित उपयोग
- टीकाकरण कवरेज में वृद्धि
- पर्याप्त अस्पताल बेड की उपलब्धता
Explanation: एंटीबायोटिक दवाओं का अत्यधिक और अनुचित उपयोग भारत में एंटीबायोटिक प्रतिरोध (AMR) के बढ़ते खतरे का एक प्रमुख कारण है। इससे सूक्ष्मजीव दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं, जिससे संक्रमणों का इलाज करना मुश्किल हो जाता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर परिणाम होते हैं।
Q5. महामारी रोग अधिनियम, 1897, सरकार को क्या अधिकार देता है?
- केवल टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करने का
- किसी भी संक्रामक रोग के प्रकोप को रोकने के लिए विशेष उपाय करने का
- केवल स्वास्थ्य बीमा योजनाएं लागू करने का
- केवल स्वास्थ्य अनुसंधान को वित्तपोषित करने का
Explanation: महामारी रोग अधिनियम, 1897, सरकार को किसी भी संक्रामक रोग के प्रकोप को रोकने के लिए विशेष उपाय करने का अधिकार देता है। इस अधिनियम का उपयोग COVID-19 महामारी सहित विभिन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के दौरान किया गया है, जिससे सरकार को आवश्यक प्रतिबंध और नियंत्रण उपाय लागू करने की शक्ति मिलती है।
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