भारत ने 'अग्नि-प्राइम' मिसाइल का सफल परीक्षण किया: रक्षा क्षमताओं में वृद्धि
भारत ने 21 मई, 2026 को ओडिशा तट से अपनी नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि-प्राइम' (Agni-P) का सफल उड़ान परीक्षण किया। यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा किया गया, जिसने मिसाइल की उन्नत विशेषताओं और सटीकता को मान्य किया। अग्नि-प्राइम एक कनस्तरीकृत मिसाइल है, जो इसे आसानी से परिवहन योग्य और लॉन्च करने योग्य बनाती है, जिससे भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत ने 21 मई, 2026 को 'अग्नि-प्राइम' (Agni-P) मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
- यह परीक्षण ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया।
- अग्नि-प्राइम एक नई पीढ़ी की कनस्तरीकृत बैलिस्टिक मिसाइल है।
- इसकी रेंज 1,000 से 2,000 किलोमीटर के बीच है।
- यह मिसाइल परमाणु-सक्षम है और इसे सड़क व रेल मोबाइल लॉन्चर से लॉन्च किया जा सकता है।
- मिसाइल को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है।
- इसमें हल्के समग्र सामग्री और उन्नत प्रणोदन व मार्गदर्शन प्रणाली का उपयोग किया गया है।
- कनस्तरीकरण इसे अधिक गतिशीलता, त्वरित तैनाती और कम रखरखाव प्रदान करता है।
- यह भारत की 'नो फर्स्ट यूज' नीति और 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' को मजबूत करती है।
- अग्नि-प्राइम को अग्नि-I और अग्नि-II मिसाइलों के संभावित प्रतिस्थापन के रूप में देखा जा रहा है।
- यह 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन का एक उदाहरण है।
Why In News
भारत ने 21 मई, 2026 को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से 'अग्नि-प्राइम' मिसाइल का एक और सफल विकासात्मक उड़ान परीक्षण किया। यह परीक्षण मिसाइल के प्रदर्शन और विश्वसनीयता को और मजबूत करता है, जिससे यह भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने के करीब आ गई है। यह उपलब्धि भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Syllabus Connection
यह खबर भारत की रक्षा क्षमताओं में स्वदेशी विकास और प्रौद्योगिकी के उपयोग से संबंधित है। छात्रों को भारत के मिसाइल कार्यक्रमों, परमाणु सिद्धांत और रक्षा आधुनिकीकरण के महत्व को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | अग्नि-प्राइम (Agni-P) मिसाइल का सफल परीक्षण। | भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि और स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी का महत्व। |
| विशेषताएँ | कनस्तरीकृत, 1000-2000 किमी रेंज, परमाणु-सक्षम। | गतिशीलता, त्वरित तैनाती, 'सेकंड-स्ट्राइक' क्षमता पर कनस्तरीकरण का प्रभाव। |
| विकासकर्ता | रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO)। | आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की भूमिका। |
| महत्व | भारत की रक्षा क्षमताओं में वृद्धि, क्षेत्रीय सुरक्षा। | भारत की 'नो फर्स्ट यूज' नीति और 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' को सुदृढ़ करना। |
| वैश्विक तुलना | चीन की DF-21, रूस की इस्कंदर के समान। | वैश्विक शक्ति संतुलन में भारत की स्थिति और मिसाइल प्रौद्योगिकी का भू-राजनीतिक प्रभाव। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 4–8 | UPSC focuses on strategic aspects: defence policy, Indo-Pacific, border issues, and bilateral defence deals. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | Defence acquisitions, military exercises, and appointments appear in SSC GK. |
| State PCS / PSC | Medium | 2–4 | State PCS papers test major acquisitions and military exercises involving India. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–5 | Army, Navy, and Air Force current events are regularly tested in Railway GK. |
Key Facts to Remember: भारत ने 'अग्नि-प्राइम' मिसाइल का सफल परीक्षण किया: रक्षा क्षमताओं में वृद्धि
- भारत ने 21 मई, 2026 को 'अग्नि-प्राइम' (Agni-P) मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
- यह परीक्षण ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया।
- अग्नि-प्राइम एक नई पीढ़ी की कनस्तरीकृत बैलिस्टिक मिसाइल है।
- इसकी रेंज 1,000 से 2,000 किलोमीटर के बीच है।
- यह मिसाइल परमाणु-सक्षम है और इसे सड़क व रेल मोबाइल लॉन्चर से लॉन्च किया जा सकता है।
- मिसाइल को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है।
- इसमें हल्के समग्र सामग्री और उन्नत प्रणोदन व मार्गदर्शन प्रणाली का उपयोग किया गया है।
- कनस्तरीकरण इसे अधिक गतिशीलता, त्वरित तैनाती और कम रखरखाव प्रदान करता है।
- यह भारत की 'नो फर्स्ट यूज' नीति और 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' को मजबूत करती है।
- अग्नि-प्राइम को अग्नि-I और अग्नि-II मिसाइलों के संभावित प्रतिस्थापन के रूप में देखा जा रहा है।
- यह 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन का एक उदाहरण है।
Practice Questions
Q1. हाल ही में सफल परीक्षण की गई 'अग्नि-प्राइम' मिसाइल की अनुमानित मारक क्षमता (रेंज) कितनी है?
- 500-1,000 किलोमीटर
- 1,000-2,000 किलोमीटर
- 2,000-3,500 किलोमीटर
- 3,500-5,000 किलोमीटर
Explanation: अग्नि-प्राइम (Agni-P) एक नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल है जिसकी अनुमानित मारक क्षमता 1,000 से 2,000 किलोमीटर के बीच है। यह मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल की श्रेणी में आती है। इसकी सटीकता और गतिशीलता इसे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है।
Q2. 'अग्नि-प्राइम' मिसाइल की एक प्रमुख विशेषता क्या है जो इसे आसानी से परिवहन योग्य और लॉन्च करने योग्य बनाती है?
- यह पनडुब्बी-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल है।
- यह हवा से लॉन्च की जाने वाली मिसाइल है।
- यह कनस्तरीकृत (canisterised) मिसाइल है।
- यह एक क्रूज मिसाइल है।
Explanation: अग्नि-प्राइम की एक प्रमुख विशेषता इसका कनस्तरीकृत होना है। कनस्तरीकरण का मतलब है कि मिसाइल को एक सीलबंद कनस्तर के अंदर संग्रहीत और लॉन्च किया जा सकता है, जिससे इसे सड़क और रेल मोबाइल लॉन्चर से आसानी से परिवहन और लॉन्च किया जा सकता है। यह इसकी गतिशीलता और तैनाती में आसानी को बढ़ाता है।
Q3. अग्नि-प्राइम मिसाइल का विकास किस संगठन द्वारा किया गया है?
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
- रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO)
- हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)
Explanation: अग्नि-प्राइम मिसाइल का विकास भारत के प्रमुख रक्षा अनुसंधान संगठन, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा किया गया है। DRDO भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए विभिन्न मिसाइल प्रणालियों और रक्षा उपकरणों का विकास करता है। ISRO अंतरिक्ष अनुसंधान से संबंधित है, जबकि HAL और BEL रक्षा विनिर्माण से जुड़े हैं।
Q4. अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किस स्थान से किया गया?
- श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश
- पोखरण, राजस्थान
- चांदीपुर, ओडिशा
- डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप, ओडिशा
Explanation: अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (जिसे पहले व्हीलर द्वीप के नाम से जाना जाता था) से किया गया। यह भारत का एक प्रमुख मिसाइल परीक्षण रेंज है। श्रीहरिकोटा ISRO का प्रक्षेपण स्थल है, और पोखरण परमाणु परीक्षणों के लिए जाना जाता है।
Q5. अग्नि-प्राइम मिसाइल भारत की किस परमाणु नीति के अनुरूप है?
- केवल प्रथम उपयोग (First Use Only)
- नो फर्स्ट यूज (No First Use - NFU)
- पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण (Complete Nuclear Disarmament)
- सक्रिय परमाणु प्रसार (Active Nuclear Proliferation)
Explanation: अग्नि-प्राइम मिसाइल भारत की 'नो फर्स्ट यूज' (NFU) परमाणु नीति और 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' (Credible Minimum Deterrence) के सिद्धांत के अनुरूप है। NFU नीति का अर्थ है कि भारत परमाणु हथियारों का उपयोग पहले नहीं करेगा, लेकिन किसी भी परमाणु हमले का प्रभावी ढंग से जवाब देने की क्षमता बनाए रखेगा, जिसके लिए अग्नि-प्राइम जैसी मिसाइलें महत्वपूर्ण हैं।
How to Prepare Defence for Government Exams — भारत ने 'अग्नि-प्राइम' मिसाइल का सफल परीक्षण किया…
For every military exercise, note: India + Partner country + Purpose (bilateral or multilateral). Questions are pattern-based.
Defence indigenization ('Atmanirbhar Bharat in Defence') is a high-priority topic for 2025–26. Focus on systems developed by DRDO or HAL.
Chiefs of defence services change periodically. Always keep the current CDS, Army Chief, Navy Chief, and Air Chief up to date.
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