भारतीय नौसेना का 'समुद्र प्रहरी' अभ्यास: हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करना
भारतीय नौसेना ने 8 जून 2026 को हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में अपनी समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से 'समुद्र प्रहरी' नामक एक बड़े पैमाने के अभ्यास का सफलतापूर्वक संचालन किया। इस अभ्यास में विभिन्न नौसैनिक संपत्तियों, जिसमें युद्धपोत, पनडुब्बियां और समुद्री गश्ती विमान शामिल थे, ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए अंतर-संचालनीयता और प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करना था।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारतीय नौसेना ने 8 जून 2026 को हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में 'समुद्र प्रहरी' नामक एक बड़ा समुद्री अभ्यास आयोजित किया।
- अभ्यास का मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा क्षमताओं, अंतर-संचालनीयता और प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करना था।
- इसमें INS विक्रमादित्य, INS कोलकाता, INS सह्याद्रि और P-8I पोसाइडन जैसे प्रमुख नौसैनिक संपत्तियों ने भाग लिया।
- यह अभ्यास समुद्री डकैती विरोधी अभियान, खोज और बचाव (SAR) तथा समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA) पर केंद्रित था।
- हिंद महासागर क्षेत्र वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
- भारत की 'सागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) नीति इस क्षेत्र में सुरक्षा और सहयोग पर केंद्रित है।
- गैर-पारंपरिक खतरों जैसे समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ना और तस्करी इस क्षेत्र के लिए प्रमुख चुनौतियाँ हैं।
- भारत अपनी नौसेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी जहाज निर्माण पर 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत जोर दे रहा है।
- भारत क्वाड (QUAD) और हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS) जैसे क्षेत्रीय मंचों में सक्रिय रूप से शामिल है।
- गुरुग्राम में स्थित सूचना संलयन केंद्र - हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) समुद्री जानकारी साझा करने का कार्य करता है।
Why In News
यह अभ्यास ऐसे समय में आयोजित किया गया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है और समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ने और तस्करी जैसी गैर-राज्य खतरों में वृद्धि देखी जा रही है। 'समुद्र प्रहरी' अभ्यास भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वह एक शुद्ध सुरक्षा प्रदाता के रूप में क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Syllabus Connection
यह समाचार भारत की समुद्री सुरक्षा, नौसेना अभ्यास और हिंद महासागर क्षेत्र में भू-रणनीतिक महत्व से संबंधित है। छात्रों को भारत की रक्षा क्षमताओं, समुद्री सुरक्षा चुनौतियों और 'सागर' जैसी नीतियों के बारे में समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | भारतीय नौसेना का 'समुद्र प्रहरी' समुद्री अभ्यास। | हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री रणनीति और सुरक्षा प्रदाता की भूमिका। |
| कब | 8 जून 2026 को आयोजित। | बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और गैर-पारंपरिक खतरों के संदर्भ में अभ्यास का महत्व। |
| उद्देश्य | समुद्री सुरक्षा, अंतर-संचालनीयता, प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करना। | अभ्यास के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता और भारत की 'सागर' नीति का कार्यान्वयन। |
| प्रमुख संपत्तियाँ | INS विक्रमादित्य, P-8I पोसाइडन विमान। | भारतीय नौसेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण के प्रयास। |
| चुनौतियाँ | समुद्री डकैती, IUU मछली पकड़ना, तस्करी। | हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती उपस्थिति और भारत के लिए इसके निहितार्थ। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 4–8 | UPSC focuses on strategic aspects: defence policy, Indo-Pacific, border issues, and bilateral defence deals. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | Defence acquisitions, military exercises, and appointments appear in SSC GK. |
| State PCS / PSC | Medium | 2–4 | State PCS papers test major acquisitions and military exercises involving India. |
Key Facts to Remember: भारतीय नौसेना का 'समुद्र प्रहरी' अभ्यास: हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करना
- भारतीय नौसेना ने 8 जून 2026 को हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में 'समुद्र प्रहरी' नामक एक बड़ा समुद्री अभ्यास आयोजित किया।
- अभ्यास का मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा क्षमताओं, अंतर-संचालनीयता और प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करना था।
- इसमें INS विक्रमादित्य, INS कोलकाता, INS सह्याद्रि और P-8I पोसाइडन जैसे प्रमुख नौसैनिक संपत्तियों ने भाग लिया।
- यह अभ्यास समुद्री डकैती विरोधी अभियान, खोज और बचाव (SAR) तथा समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA) पर केंद्रित था।
- हिंद महासागर क्षेत्र वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
- भारत की 'सागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) नीति इस क्षेत्र में सुरक्षा और सहयोग पर केंद्रित है।
- गैर-पारंपरिक खतरों जैसे समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ना और तस्करी इस क्षेत्र के लिए प्रमुख चुनौतियाँ हैं।
- भारत अपनी नौसेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी जहाज निर्माण पर 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत जोर दे रहा है।
- भारत क्वाड (QUAD) और हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS) जैसे क्षेत्रीय मंचों में सक्रिय रूप से शामिल है।
- गुरुग्राम में स्थित सूचना संलयन केंद्र - हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) समुद्री जानकारी साझा करने का कार्य करता है।
Practice Questions
Q1. भारतीय नौसेना द्वारा 8 जून 2026 को हिंद महासागर क्षेत्र में आयोजित समुद्री अभ्यास का नाम क्या है?
- वरुण
- मालाबार
- समुद्र प्रहरी
- सिम्बेक्स
Explanation: भारतीय नौसेना द्वारा 8 जून 2026 को हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में आयोजित समुद्री अभ्यास का नाम 'समुद्र प्रहरी' है। यह अभ्यास भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था।
Q2. भारत की 'सागर' (SAGAR) नीति का पूर्ण रूप क्या है?
- साउथ एशिया ग्रोथ एंड रीजनल डेवलपमेंट
- सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन
- स्ट्रेटेजिक अलायंस फॉर ग्लोबल एम्पावरमेंट एंड रिसर्च
- सिस्टमैटिक असेसमेंट ऑफ ग्लोबल आर्म्ड रिसोर्सेज
Explanation: भारत की 'सागर' (SAGAR) नीति का पूर्ण रूप 'सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) है। यह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा समुद्री गश्ती विमान 'समुद्र प्रहरी' अभ्यास में भाग लेने वाली प्रमुख नौसैनिक संपत्तियों में से एक था?
- राफेल
- मिग-29K
- P-8I पोसाइडन
- तेजस
Explanation: 'समुद्र प्रहरी' अभ्यास में P-8I पोसाइडन जैसे समुद्री गश्ती विमानों ने भाग लिया था। ये विमान लंबी दूरी की समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं के लिए जाने जाते हैं।
Q4. हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डोमेन जागरूकता बढ़ाने के लिए गुरुग्राम में स्थित सूचना संलयन केंद्र का नाम क्या है?
- हिंद महासागर सूचना केंद्र (IOIC)
- समुद्री सुरक्षा विश्लेषण केंद्र (MSAC)
- सूचना संलयन केंद्र - हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR)
- क्षेत्रीय समुद्री खुफिया केंद्र (RMIC)
Explanation: गुरुग्राम में स्थित सूचना संलयन केंद्र - हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डोमेन जागरूकता बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों के साथ समुद्री जानकारी साझा करता है। यह केंद्र समुद्री सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
Q5. हिंद महासागर क्षेत्र में निम्नलिखित में से कौन सा एक गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरा नहीं है?
- समुद्री डकैती
- अवैध, असूचित और अनियमित (IUU) मछली पकड़ना
- हथियारों की तस्करी
- किसी देश द्वारा संप्रभुता का उल्लंघन
Explanation: समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ना और हथियारों की तस्करी गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरे हैं क्योंकि वे अक्सर गैर-राज्य अभिनेताओं द्वारा किए जाते हैं और पारंपरिक सैन्य संघर्षों से भिन्न होते हैं। किसी देश द्वारा संप्रभुता का उल्लंघन एक पारंपरिक सुरक्षा खतरा माना जाता है।
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