भारतीय नौसेना ने 'समुद्री शक्ति 2026' अभ्यास में नई पनडुब्बी रोधी क्षमताओं का प्रदर्शन किया
भारतीय नौसेना ने अरब सागर में आयोजित 'समुद्री शक्ति 2026' नामक एक बड़े नौसैनिक अभ्यास में अपनी उन्नत पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) क्षमताओं का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में स्वदेशी और विदेशी दोनों प्रकार के नवीनतम ASW प्लेटफार्मों और प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया गया, जिसका उद्देश्य भारत की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना है। यह अभ्यास क्षेत्रीय समुद्री चुनौतियों के बीच भारत की रक्षा तैयारियों को दर्शाता है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारतीय नौसेना ने अरब सागर में 'समुद्री शक्ति 2026' नामक एक प्रमुख नौसैनिक अभ्यास आयोजित किया।
- अभ्यास का मुख्य फोकस पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) क्षमताओं का परीक्षण और प्रदर्शन करना था।
- यह अभ्यास 20 मई से 27 मई, 2026 तक चला, जिसमें 30 युद्धपोत, 5 पनडुब्बियां और 40 से अधिक विमान शामिल थे।
- P-8I पोसाइडन समुद्री गश्ती विमान और MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों ने ASW अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- अभ्यास में स्वदेशी सोनार प्रणालियों, उन्नत हल्के टॉरपीडो और मानव रहित पनडुब्बी वाहनों (UUVs) का परीक्षण किया गया।
- भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में एक शुद्ध सुरक्षा प्रदाता के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत कर रही है।
- रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (DAP) 2020 और आत्मनिर्भर भारत पहल रक्षा स्वदेशीकरण को बढ़ावा देती हैं।
- अभ्यास में डेटा फ्यूजन और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध (NCW) अवधारणाओं का भी परीक्षण किया गया।
- कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियां भारतीय नौसेना की प्रमुख पनडुब्बियों में से एक हैं, जो ASW अभियानों में भी सक्षम हैं।
- SAGAR (Security and Growth for All in the Region) पहल भारत की क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा भूमिका को रेखांकित करती है।
Why In News
भारतीय नौसेना ने हाल ही में अरब सागर में 'समुद्री शक्ति 2026' नामक एक व्यापक नौसैनिक अभ्यास संपन्न किया है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य अपनी पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) क्षमताओं का परीक्षण और प्रदर्शन करना था, जो हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती समुद्री गतिविधियों और सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अभ्यास भारत की समुद्री सीमाओं की रक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
Syllabus Connection
यह लेख भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) क्षमताओं के विकास और 'समुद्री शक्ति 2026' अभ्यास के माध्यम से उनकी तैयारी को दर्शाता है। छात्रों को भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति, रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (DAP) और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका पर ध्यान देना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | 'समुद्री शक्ति 2026' - भारतीय नौसेना का ASW अभ्यास। | हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा चुनौतियों के प्रति भारत की प्रतिक्रिया और ASW का महत्व। |
| कब | 20 मई से 27 मई, 2026 तक। | नियमित नौसैनिक अभ्यासों की आवश्यकता और भारत की युद्ध तत्परता का मूल्यांकन। |
| कहां | अरब सागर में। | हिंद महासागर क्षेत्र का रणनीतिक महत्व और भारत के समुद्री हितों की रक्षा। |
| मुख्य प्लेटफार्म | P-8I पोसाइडन, MH-60R हेलीकॉप्टर, कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियां। | आधुनिक ASW प्रौद्योगिकियों का एकीकरण और स्वदेशीकरण का महत्व। |
| महत्व | ASW क्षमताओं का प्रदर्शन, क्षेत्रीय सुरक्षा प्रदाता की भूमिका। | भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता, क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा में योगदान। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 4–8 | UPSC focuses on strategic aspects: defence policy, Indo-Pacific, border issues, and bilateral defence deals. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | Defence acquisitions, military exercises, and appointments appear in SSC GK. |
| State PCS / PSC | Medium | 2–4 | State PCS papers test major acquisitions and military exercises involving India. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–5 | Army, Navy, and Air Force current events are regularly tested in Railway GK. |
Key Facts to Remember: भारतीय नौसेना ने 'समुद्री शक्ति 2026' अभ्यास में नई पनडुब्बी रोधी क्षमताओं का प्रदर्शन किया
- भारतीय नौसेना ने अरब सागर में 'समुद्री शक्ति 2026' नामक एक प्रमुख नौसैनिक अभ्यास आयोजित किया।
- अभ्यास का मुख्य फोकस पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) क्षमताओं का परीक्षण और प्रदर्शन करना था।
- यह अभ्यास 20 मई से 27 मई, 2026 तक चला, जिसमें 30 युद्धपोत, 5 पनडुब्बियां और 40 से अधिक विमान शामिल थे।
- P-8I पोसाइडन समुद्री गश्ती विमान और MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों ने ASW अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- अभ्यास में स्वदेशी सोनार प्रणालियों, उन्नत हल्के टॉरपीडो और मानव रहित पनडुब्बी वाहनों (UUVs) का परीक्षण किया गया।
- भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में एक शुद्ध सुरक्षा प्रदाता के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत कर रही है।
- रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (DAP) 2020 और आत्मनिर्भर भारत पहल रक्षा स्वदेशीकरण को बढ़ावा देती हैं।
- अभ्यास में डेटा फ्यूजन और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध (NCW) अवधारणाओं का भी परीक्षण किया गया।
- कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियां भारतीय नौसेना की प्रमुख पनडुब्बियों में से एक हैं, जो ASW अभियानों में भी सक्षम हैं।
- SAGAR (Security and Growth for All in the Region) पहल भारत की क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा भूमिका को रेखांकित करती है।
Practice Questions
Q1. 'समुद्री शक्ति 2026' अभ्यास का प्राथमिक उद्देश्य क्या था?
- सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों का परीक्षण करना
- पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) क्षमताओं का प्रदर्शन करना
- उभयचर लैंडिंग अभियानों का अभ्यास करना
- मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियानों का समन्वय करना
Explanation: 'समुद्री शक्ति 2026' अभ्यास का प्राथमिक उद्देश्य भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) क्षमताओं का परीक्षण और प्रदर्शन करना था। यह अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती समुद्री सुरक्षा चुनौतियों के जवाब में आयोजित किया गया था।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा विमान 'समुद्री शक्ति 2026' अभ्यास में पनडुब्बी का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?
- राफेल
- तेजस
- P-8I पोसाइडन
- मिग-29K
Explanation: P-8I पोसाइडन एक लंबी दूरी का समुद्री गश्ती और पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) विमान है जो भारतीय नौसेना द्वारा संचालित होता है। इसने 'समुद्री शक्ति 2026' अभ्यास में लंबी दूरी की निगरानी और पनडुब्बी का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Q3. भारतीय नौसेना की 'कलवरी श्रेणी' की पनडुब्बियां किस श्रेणी पर आधारित हैं?
- अकुला श्रेणी
- स्कॉर्पीन श्रेणी
- किलो श्रेणी
- सॉर्यु श्रेणी
Explanation: भारतीय नौसेना की कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियां फ्रांसीसी स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों पर आधारित हैं। इन्हें भारत में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा 'प्रोजेक्ट 75' के तहत निर्मित किया गया है और ये भारतीय नौसेना की प्रमुख पारंपरिक पनडुब्बियों में से एक हैं।
Q4. भारत की रक्षा नीति में 'आत्मनिर्भर भारत' पहल का क्या महत्व है?
- केवल विदेशी रक्षा उपकरणों का आयात करना
- रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना
- अन्य देशों को रक्षा उपकरण निर्यात करना
- रक्षा क्षेत्र में निजीकरण को पूरी तरह से समाप्त करना
Explanation: 'आत्मनिर्भर भारत' पहल का उद्देश्य रक्षा उत्पादन सहित विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है। रक्षा क्षेत्र में इसका अर्थ है स्वदेशी अनुसंधान, विकास और उत्पादन को बढ़ावा देना ताकि विदेशी निर्भरता कम हो सके और देश की सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
Q5. SAGAR पहल का पूर्ण रूप क्या है, जो भारत की क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा भूमिका से संबंधित है?
- South Asian Growth And Regionalism
- Security And Global Alliance For Resources
- Security And Growth for All in the Region
- Strategic Alliance for Global Advancement and Research
Explanation: SAGAR का पूर्ण रूप 'Security and Growth for All in the Region' है। यह भारत की एक पहल है जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है, जिसमें सभी क्षेत्रीय भागीदारों के साथ सहयोग शामिल है।
How to Prepare Defence for Government Exams — भारतीय नौसेना ने 'समुद्री शक्ति 2026' अभ्यास में…
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