लद्दाख में भारत का पहला भूतापीय ऊर्जा संयंत्र: एक हरित ऊर्जा क्रांति
भारत का पहला भूतापीय ऊर्जा संयंत्र लद्दाख के पूर्वी हिस्से में स्थित पुगा गांव में स्थापित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना और कार्बन उत्सर्जन को कम करना है। यह परियोजना तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) की सहायक कंपनी ONGC एनर्जी सेंटर (OEC) द्वारा कार्यान्वित की जा रही है, जो भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत का पहला भूतापीय ऊर्जा संयंत्र लद्दाख के पूर्वी हिस्से में स्थित पुगा गांव में स्थापित किया जा रहा है।
- यह परियोजना तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) की सहायक कंपनी ONGC एनर्जी सेंटर (OEC) द्वारा कार्यान्वित की जा रही है।
- पुगा क्षेत्र को भारत में सबसे आशाजनक भूतापीय हॉटस्पॉट में से एक के रूप में पहचाना गया है।
- परियोजना का पहला चरण एक मेगावाट (1 MW) क्षमता का पायलट प्लांट स्थापित करना है।
- यह संयंत्र बाइनरी साइकिल पावर प्लांट तकनीक का उपयोग करेगा, जो कम तापमान वाले भूतापीय तरल पदार्थों से भी बिजली उत्पन्न कर सकता है।
- भूतापीय ऊर्जा चौबीसों घंटे (24/7) बिजली प्रदान करती है, जो सौर और पवन ऊर्जा के विपरीत मौसम पर निर्भर नहीं करती।
- यह परियोजना लद्दाख जैसे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी।
- भारत ने 2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
- भूतापीय ऊर्जा पृथ्वी के आंतरिक भाग से निकलने वाली गर्मी का उपयोग करती है।
- संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा भूतापीय ऊर्जा उत्पादक है।
- भारत में भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (GSI) ने लगभग 340 भूतापीय गर्म झरनों की पहचान की है।
Why In News
लद्दाख में भारत के पहले भूतापीय ऊर्जा संयंत्र का निर्माण कार्य 27 मई, 2026 को अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर गया है, जिसमें ट्रायल रन की तैयारी चल रही है। यह विकास भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने और लद्दाख जैसे दूरस्थ, रणनीतिक क्षेत्रों में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
Syllabus Connection
यह लेख भूतापीय ऊर्जा के वैज्ञानिक सिद्धांतों, इसके अनुप्रयोगों और भारत की नवीकरणीय ऊर्जा रणनीति में इसकी भूमिका पर केंद्रित है, जो छात्रों को ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के बीच संबंधों को समझने में मदद करेगा।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है | भारत का पहला भूतापीय ऊर्जा संयंत्र, लद्दाख के पुगा गांव में। | भूतापीय ऊर्जा का महत्व, ऊर्जा सुरक्षा, कार्बन उत्सर्जन में कमी, लद्दाख का विकास। |
| कब | 27 मई, 2026 को अंतिम चरण में, 2026 के अंत तक चालू होने की उम्मीद। | भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों (2030 तक 500 GW) की प्राप्ति में योगदान। |
| कौन | ONGC एनर्जी सेंटर (OEC) द्वारा कार्यान्वित। | केंद्र सरकार, स्थानीय प्रशासन और ONGC की भूमिका, सार्वजनिक-निजी भागीदारी। |
| तकनीक | बाइनरी साइकिल पावर प्लांट तकनीक का उपयोग। | भूतापीय ऊर्जा उत्पादन की कार्यप्रणाली, पर्यावरणीय लाभ, तकनीकी चुनौतियाँ। |
| महत्व | लद्दाख को 24/7 हरित ऊर्जा आपूर्ति, स्थानीय रोजगार। | सीमावर्ती क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता, भू-रणनीतिक महत्व, सतत विकास मॉडल। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | Space missions, defence acquisitions, and health research appear regularly. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
Key Facts to Remember: लद्दाख में भारत का पहला भूतापीय ऊर्जा संयंत्र: एक हरित ऊर्जा क्रांति
- भारत का पहला भूतापीय ऊर्जा संयंत्र लद्दाख के पूर्वी हिस्से में स्थित पुगा गांव में स्थापित किया जा रहा है।
- यह परियोजना तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) की सहायक कंपनी ONGC एनर्जी सेंटर (OEC) द्वारा कार्यान्वित की जा रही है।
- पुगा क्षेत्र को भारत में सबसे आशाजनक भूतापीय हॉटस्पॉट में से एक के रूप में पहचाना गया है।
- परियोजना का पहला चरण एक मेगावाट (1 MW) क्षमता का पायलट प्लांट स्थापित करना है।
- यह संयंत्र बाइनरी साइकिल पावर प्लांट तकनीक का उपयोग करेगा, जो कम तापमान वाले भूतापीय तरल पदार्थों से भी बिजली उत्पन्न कर सकता है।
- भूतापीय ऊर्जा चौबीसों घंटे (24/7) बिजली प्रदान करती है, जो सौर और पवन ऊर्जा के विपरीत मौसम पर निर्भर नहीं करती।
- यह परियोजना लद्दाख जैसे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी।
- भारत ने 2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
- भूतापीय ऊर्जा पृथ्वी के आंतरिक भाग से निकलने वाली गर्मी का उपयोग करती है।
- संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा भूतापीय ऊर्जा उत्पादक है।
- भारत में भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (GSI) ने लगभग 340 भूतापीय गर्म झरनों की पहचान की है।
Practice Questions
Q1. भारत का पहला भूतापीय ऊर्जा संयंत्र किस स्थान पर स्थापित किया जा रहा है?
- सिक्किम में चुंगथांग
- हिमाचल प्रदेश में मणिकरण
- लद्दाख में पुगा गांव
- उत्तराखंड में तपोवन
Explanation: भारत का पहला भूतापीय ऊर्जा संयंत्र लद्दाख के पूर्वी हिस्से में स्थित पुगा गांव में स्थापित किया जा रहा है। पुगा क्षेत्र अपनी भूतापीय क्षमता के लिए जाना जाता है और दशकों से इस पर शोध किया जा रहा है।
Q2. लद्दाख में भूतापीय ऊर्जा संयंत्र परियोजना को कौन सी संस्था कार्यान्वित कर रही है?
- भारतीय सौर ऊर्जा निगम (SECI)
- राष्ट्रीय जलविद्युत ऊर्जा निगम (NHPC)
- तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) की सहायक कंपनी ONGC एनर्जी सेंटर (OEC)
- भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (IREDA)
Explanation: यह परियोजना तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) की सहायक कंपनी ONGC एनर्जी सेंटर (OEC) द्वारा कार्यान्वित की जा रही है। ONGC ने भारत की हरित ऊर्जा पहल में योगदान देने के लिए इस परियोजना को हाथ में लिया है।
Q3. भूतापीय ऊर्जा संयंत्र में आमतौर पर किस प्रकार की तकनीक का उपयोग किया जाता है जो कम तापमान वाले भूतापीय तरल पदार्थों से भी बिजली उत्पन्न कर सकती है?
- संघनित भाप संयंत्र (Condensing Steam Plant)
- फ्लैश भाप संयंत्र (Flash Steam Plant)
- बाइनरी साइकिल पावर प्लांट (Binary Cycle Power Plant)
- शुष्क भाप संयंत्र (Dry Steam Plant)
Explanation: बाइनरी साइकिल पावर प्लांट तकनीक का उपयोग कम तापमान वाले भूतापीय तरल पदार्थों से बिजली उत्पन्न करने के लिए किया जाता है। इसमें भूतापीय तरल पदार्थ एक द्वितीयक कार्यशील तरल पदार्थ को गर्म करता है, जो वाष्पीकृत होकर टरबाइन चलाता है।
Q4. भूतापीय ऊर्जा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- यह एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है जो मौसम पर अत्यधिक निर्भर करता है।
- यह पृथ्वी के आंतरिक भाग से निकलने वाली गर्मी का उपयोग करती है।
- यह जीवाश्म ईंधन का एक रूप है।
- यह केवल दिन के समय बिजली उत्पन्न कर सकती है।
Explanation: भूतापीय ऊर्जा पृथ्वी के आंतरिक भाग से निकलने वाली गर्मी का उपयोग करती है और यह एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है। यह सौर और पवन ऊर्जा के विपरीत, मौसम की स्थिति पर निर्भर नहीं करती है और चौबीसों घंटे बिजली प्रदान कर सकती है।
Q5. भारत सरकार ने 2030 तक कितनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है?
- 175 GW
- 250 GW
- 400 GW
- 500 GW
Explanation: भारत सरकार ने 2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य देश की ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — लद्दाख में भारत का पहला भूतापीय ऊर्जा संयंत्र: एक…
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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