अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं द्विपक्षीय संबंध: भारत-जापान 'रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी' का विस्तार और हरित हाइड्रोजन सहयोग
भारत और जापान ने 21 मई, 2026 को अपनी 'रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी' को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की है, जिसमें हरित हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों पर विशेष जोर दिया गया है। इस विस्तार का उद्देश्य दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा, डीकार्बोनाइजेशन और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना है। यह समझौता भारत के 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' और जापान की 'ग्रीन ग्रोथ स्ट्रैटेजी' के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत और जापान ने 21 मई, 2026 को अपनी 'रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी' (SEP) के विस्तार पर सहमति व्यक्त की।
- इस विस्तार का मुख्य फोकस हरित हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों पर है।
- दोनों देशों ने 'हरित हाइड्रोजन सहयोग कार्य योजना' पर हस्ताक्षर किए हैं।
- जापान भारत के 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के लिए तकनीकी विशेषज्ञता और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
- भारत का लक्ष्य 2030 तक 5 मिलियन टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है।
- जापान की 'ग्रीन ग्रोथ स्ट्रैटेजी' का लक्ष्य 2050 तक कार्बन तटस्थता प्राप्त करना है।
- सहयोग के क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन उत्पादन, भंडारण, परिवहन, अनुसंधान और विकास शामिल हैं।
- यह साझेदारी दोनों देशों की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी और डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगी।
- भारत और जापान के बीच संबंध को 2014 से 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' का दर्जा प्राप्त है।
- यह सहयोग वैश्विक हरित हाइड्रोजन बाजार के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
Why In News
भारत के विदेश मंत्री और जापान के विदेश मंत्री ने 21 मई, 2026 को टोक्यो में आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में भारत-जापान 'रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी' (Strategic Energy Partnership - SEP) के विस्तार पर एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया। यह घोषणा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा संक्रमण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हरित हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग पर जोर, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो वर्तमान भू-राजनीतिक और पर्यावरणीय संदर्भ में अत्यधिक प्रासंगिक है।
Syllabus Connection
भारत की ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन कूटनीति, और प्रमुख देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी के आर्थिक और भू-राजनीतिक निहितार्थों को समझना, विशेष रूप से उभरती स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | भारत-जापान रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी का विस्तार। | ऊर्जा सुरक्षा और डीकार्बोनाइजेशन के लिए द्विपक्षीय सहयोग का महत्व। |
| कब | 21 मई, 2026 को टोक्यो में घोषित। | वैश्विक ऊर्जा संक्रमण और जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में तात्कालिकता। |
| मुख्य फोकस | हरित हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियां। | हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था के विकास में भारत और जापान की भूमिका। |
| प्रमुख पहल | 'हरित हाइड्रोजन सहयोग कार्य योजना' पर हस्ताक्षर। | संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और मानकीकरण की आवश्यकता। |
| रणनीतिक महत्व | भारत का राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन; जापान की ग्रीन ग्रोथ स्ट्रैटेजी। | एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता पर प्रभाव। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams. |
Key Facts to Remember: अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं द्विपक्षीय संबंध: भारत-जापान 'रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी' का विस्तार और हरित हाइड्रोजन सहयोग
- भारत और जापान ने 21 मई, 2026 को अपनी 'रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी' (SEP) के विस्तार पर सहमति व्यक्त की।
- इस विस्तार का मुख्य फोकस हरित हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों पर है।
- दोनों देशों ने 'हरित हाइड्रोजन सहयोग कार्य योजना' पर हस्ताक्षर किए हैं।
- जापान भारत के 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के लिए तकनीकी विशेषज्ञता और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
- भारत का लक्ष्य 2030 तक 5 मिलियन टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है।
- जापान की 'ग्रीन ग्रोथ स्ट्रैटेजी' का लक्ष्य 2050 तक कार्बन तटस्थता प्राप्त करना है।
- सहयोग के क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन उत्पादन, भंडारण, परिवहन, अनुसंधान और विकास शामिल हैं।
- यह साझेदारी दोनों देशों की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी और डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगी।
- भारत और जापान के बीच संबंध को 2014 से 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' का दर्जा प्राप्त है।
- यह सहयोग वैश्विक हरित हाइड्रोजन बाजार के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
Practice Questions
Q1. भारत और जापान के बीच 'रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी' (SEP) के हालिया विस्तार का मुख्य फोकस क्या है?
- परमाणु ऊर्जा सहयोग
- जीवाश्म ईंधन का व्यापार
- हरित हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा
- कोयला खनन परियोजनाएं
Explanation: भारत और जापान ने अपनी 'रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी' के विस्तार का मुख्य फोकस हरित हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों पर रखा है। यह सहयोग दोनों देशों के डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों और ऊर्जा सुरक्षा को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।
Q2. भारत ने किस वर्ष तक 5 मिलियन टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है?
- 2025
- 2030
- 2035
- 2040
Explanation: भारत ने अपने 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत 2030 तक 5 मिलियन टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात का एक वैश्विक केंद्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
Q3. जापान की 'ग्रीन ग्रोथ स्ट्रैटेजी' का लक्ष्य किस वर्ष तक कार्बन तटस्थता प्राप्त करना है?
- 2030
- 2040
- 2050
- 2060
Explanation: जापान की 'ग्रीन ग्रोथ स्ट्रैटेजी' का लक्ष्य 2050 तक कार्बन तटस्थता प्राप्त करना है। यह रणनीति हरित प्रौद्योगिकियों में निवेश और डीकार्बोनाइजेशन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जिसमें हरित हाइड्रोजन एक प्रमुख भूमिका निभाता है।
Q4. भारत और जापान ने अपनी साझेदारी को 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' का दर्जा किस वर्ष दिया था?
- 2006
- 2010
- 2014
- 2018
Explanation: भारत और जापान ने 2014 में अपनी साझेदारी को 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' का दर्जा दिया था। यह दोनों देशों के बीच संबंधों की बढ़ती गहराई और व्यापकता को दर्शाता है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।
Q5. हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए किस प्रकार की ऊर्जा का उपयोग किया जाता है?
- कोयला आधारित ऊर्जा
- परमाणु ऊर्जा
- नवीकरणीय ऊर्जा (सौर, पवन)
- प्राकृतिक गैस
Explanation: हरित हाइड्रोजन का उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, जैसे सौर और पवन ऊर्जा, का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलाइसिस द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया में कोई कार्बन उत्सर्जन नहीं होता है, जिससे यह एक स्वच्छ ईंधन विकल्प बन जाता है।
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