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इसरो (ISRO) का SSLV-D4 मिशन सफल: छोटे उपग्रहों के बाजार में भारत की पकड़ मजबूत

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) की चौथी विकासात्मक उड़ान को सफलतापूर्वक पूरा किया।

Key Points for Quick Revision

  • SSLV: Small Satellite Launch Vehicle।
  • क्षमता: 500 किग्रा तक के उपग्रह LEO में।
  • यह 3-चरणीय ठोस ईंधन वाला रॉकेट है।
  • टर्नअराउंड समय: केवल 72 घंटे (तैयारी के लिए)।
  • वाणिज्यिक प्रक्षेपणों के लिए NSIL (NewSpace India Ltd) की मदद करेगा।

Practice Questions

Q1. SSLV रॉकेट की अधिकतम पेलोड क्षमता कितनी है?

  1. 200 किग्रा
  2. 500 किग्रा
  3. 1000 किग्रा
  4. 2000 किग्रा

Explanation: SSLV को 500 किलोग्राम तक के उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

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