राष्ट्रीय जैव विविधता नीति 2026 का अनावरण: प्रकृति संरक्षण और सतत विकास की नई दिशा
भारत सरकार ने 18 मई, 2026 को नई 'राष्ट्रीय जैव विविधता नीति 2026' का अनावरण किया, जिसका उद्देश्य देश की समृद्ध जैव विविधता का संरक्षण, सतत उपयोग और लाभों का उचित व समान बंटवारा सुनिश्चित करना है। यह नीति जैव विविधता अधिनियम, 2002 के प्रावधानों को मजबूत करती है और जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण तथा आवास विनाश जैसी समकालीन चुनौतियों का समाधान करती है। इसका लक्ष्य 2030 तक भारत के प्रमुख पारिस्थितिक तंत्रों को बहाल करना और जैव विविधता आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत सरकार ने 18 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जैव विविधता नीति 2026' का अनावरण किया।
- नीति का मुख्य उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण, सतत उपयोग और लाभों का उचित व समान बंटवारा सुनिश्चित करना है।
- यह नीति जैव विविधता अधिनियम, 2002 के प्रावधानों को मजबूत करती है और उसे आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप बनाती है।
- केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने नीति का अनावरण किया।
- नीति में 2030 तक प्रमुख पारिस्थितिक तंत्रों के कम से कम 30% हिस्से को बहाल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है।
- यह कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क (GBF) के वैश्विक लक्ष्यों के साथ संरेखित है।
- नीति पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय समुदायों की जैव विविधता संरक्षण में भूमिका को विशेष महत्व देती है।
- इसमें पारिस्थितिक तंत्र बहाली, आक्रामक विदेशी प्रजातियों का प्रबंधन और शहरी जैव विविधता पर जोर दिया गया है।
- जैव विविधता प्रबंधन समितियों (BMCs) और जन-जैव विविधता रजिस्टर (PBRs) को मजबूत किया जाएगा।
- यह नीति जैव विविधता वित्तपोषण के लिए नए तंत्रों का प्रस्ताव करती है और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।
Why In News
भारत सरकार ने 18 मई, 2026 को अपनी नई 'राष्ट्रीय जैव विविधता नीति 2026' जारी की है। यह नीति देश की जैव विविधता के संरक्षण, सतत उपयोग और लाभों के समान बंटवारे के लिए एक व्यापक ढांचा प्रस्तुत करती है, जो जलवायु परिवर्तन और पारिस्थितिक गिरावट की बढ़ती चिंताओं के बीच एक महत्वपूर्ण कदम है।
Syllabus Connection
यह नीति जैव विविधता संरक्षण, सतत विकास और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन के भारत के प्रयासों को दर्शाती है। छात्रों को जैव विविधता के महत्व, संरक्षण रणनीतियों और संबंधित राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | राष्ट्रीय जैव विविधता नीति 2026 का अनावरण। | जैव विविधता संरक्षण, सतत उपयोग और लाभ-साझाकरण का महत्व। |
| कब | 18 मई, 2026। | वैश्विक जैव विविधता लक्ष्यों के साथ भारत की प्रतिबद्धता की समयरेखा। |
| उद्देश्य | संरक्षण, सतत उपयोग, लाभों का समान बंटवारा। | जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण जैसी समकालीन चुनौतियों का समाधान कैसे किया जाए। |
| लक्ष्य | 2030 तक 30% पारिस्थितिक तंत्रों की बहाली। | पारिस्थितिक तंत्र बहाली के सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ। |
| कनेक्शन | जैव विविधता अधिनियम 2002, कुनमिंग-मॉन्ट्रियल GBF। | राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता शासन के बीच संबंध। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
Key Facts to Remember: राष्ट्रीय जैव विविधता नीति 2026 का अनावरण: प्रकृति संरक्षण और सतत विकास की नई दिशा
- भारत सरकार ने 18 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जैव विविधता नीति 2026' का अनावरण किया।
- नीति का मुख्य उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण, सतत उपयोग और लाभों का उचित व समान बंटवारा सुनिश्चित करना है।
- यह नीति जैव विविधता अधिनियम, 2002 के प्रावधानों को मजबूत करती है और उसे आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप बनाती है।
- केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने नीति का अनावरण किया।
- नीति में 2030 तक प्रमुख पारिस्थितिक तंत्रों के कम से कम 30% हिस्से को बहाल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है।
- यह कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क (GBF) के वैश्विक लक्ष्यों के साथ संरेखित है।
- नीति पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय समुदायों की जैव विविधता संरक्षण में भूमिका को विशेष महत्व देती है।
- इसमें पारिस्थितिक तंत्र बहाली, आक्रामक विदेशी प्रजातियों का प्रबंधन और शहरी जैव विविधता पर जोर दिया गया है।
- जैव विविधता प्रबंधन समितियों (BMCs) और जन-जैव विविधता रजिस्टर (PBRs) को मजबूत किया जाएगा।
- यह नीति जैव विविधता वित्तपोषण के लिए नए तंत्रों का प्रस्ताव करती है और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।
Practice Questions
Q1. राष्ट्रीय जैव विविधता नीति 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- केवल लुप्तप्राय प्रजातियों का संरक्षण करना
- जैव विविधता का संरक्षण, सतत उपयोग और लाभों का समान बंटवारा
- जैव विविधता से संबंधित सभी आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाना
- केवल शहरी क्षेत्रों में जैव विविधता का प्रबंधन करना
Explanation: राष्ट्रीय जैव विविधता नीति 2026 का मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्ध जैव विविधता का संरक्षण करना, इसके घटकों का सतत उपयोग सुनिश्चित करना और जैविक संसाधनों के उपयोग से उत्पन्न होने वाले लाभों का उचित व समान बंटवारा करना है। यह एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाती है।
Q2. भारत का जैव विविधता अधिनियम किस वर्ष लागू किया गया था, जिसे नई नीति मजबूत करती है?
- 1986
- 1992
- 2002
- 2010
Explanation: भारत में जैव विविधता के संरक्षण के लिए मुख्य विधायी ढांचा जैव विविधता अधिनियम, 2002 है। नई 'राष्ट्रीय जैव विविधता नीति 2026' इस अधिनियम के प्रावधानों को मजबूत करती है और उसे आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप बनाती है।
Q3. राष्ट्रीय जैव विविधता नीति 2026 किस वैश्विक फ्रेमवर्क के लक्ष्यों के साथ संरेखित है?
- पेरिस समझौता
- क्योटो प्रोटोकॉल
- कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क (GBF)
- वियना कन्वेंशन
Explanation: यह नीति कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क (GBF) के वैश्विक लक्ष्यों के साथ पूरी तरह से संरेखित है, जिस पर 2022 में हस्ताक्षर किए गए थे। GBF ने 2030 तक जैव विविधता संरक्षण के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
Q4. नीति में 2030 तक प्रमुख पारिस्थितिक तंत्रों के कितने प्रतिशत हिस्से को बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है?
- 10%
- 20%
- 30%
- 50%
Explanation: राष्ट्रीय जैव विविधता नीति 2026 में 2030 तक भारत के प्रमुख पारिस्थितिक तंत्रों के कम से कम 30% हिस्से को बहाल करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पारिस्थितिक बहाली पर नीति के जोर को दर्शाता है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा नीति का एक प्रमुख स्तंभ नहीं है?
- पारिस्थितिक तंत्र बहाली
- आक्रामक विदेशी प्रजातियों का प्रबंधन
- केवल औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना
- जैव विविधता-अनुकूल कृषि पद्धतियां
Explanation: नीति पारिस्थितिक तंत्र बहाली, आक्रामक विदेशी प्रजातियों का प्रबंधन और जैव विविधता-अनुकूल कृषि पद्धतियों पर जोर देती है। इसका उद्देश्य सतत विकास है, न कि केवल औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, जो अक्सर जैव विविधता के लिए हानिकारक हो सकता है।
How to Prepare Environment for Government Exams — राष्ट्रीय जैव विविधता नीति 2026 का अनावरण: प्रकृत…
Ramsar sites and World Heritage Site additions are announced annually. Compile the year's additions — they are direct exam questions.
For UPSC, understand the international treaty context: Paris Agreement, CBD, CITES, Ramsar — know what each treaty does.
Climate news = policy news. Always note the government response to any environmental event — that's what UPSC Mains tests.
Related Current Affairs
Test Your Knowledge on Today's Current Affairs
10 questions · 10 minutes · Based on today's GK updates. See how prepared you really are.
Start Daily Quiz