भारत में 'राष्ट्रीय तटीय पारिस्थितिकी तंत्र बहाली मिशन' का शुभारंभ: समुद्री जैव विविधता संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
भारत सरकार ने 31 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय तटीय पारिस्थितिकी तंत्र बहाली मिशन' का शुभारंभ किया है। इस महत्वाकांक्षी मिशन का उद्देश्य देश के संवेदनशील तटीय पारिस्थितिकी तंत्रों, जैसे मैंग्रोव, प्रवाल भित्तियों और समुद्री घास के मैदानों का संरक्षण और बहाली करना है। यह पहल जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, समुद्री जैव विविधता की रक्षा करने और तटीय समुदायों की आजीविका को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत सरकार ने 31 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय तटीय पारिस्थितिकी तंत्र बहाली मिशन' (NCERM) का शुभारंभ किया।
- मिशन का उद्देश्य भारत के 7,516 किलोमीटर लंबे तटरेखा पर मैंग्रोव, प्रवाल भित्तियों और समुद्री घास के मैदानों को बहाल करना है।
- यह मिशन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के तहत संचालित होगा।
- मिशन को अगले पाँच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रारंभिक बजट के साथ शुरू किया गया है।
- इसमें नौ तटीय राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया जाएगा।
- प्रमुख घटकों में मैंग्रोव वनीकरण, प्रवाल भित्ति पुनर्स्थापन, समुद्री घास संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण शामिल हैं।
- यह पहल जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और तटीय समुदायों की लचीलापन बढ़ाने में मदद करेगी।
- मिशन संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य (SDG 14 - पानी के नीचे जीवन) और पारिस्थितिकी तंत्र बहाली दशक के अनुरूप है।
- स्थानीय समुदायों की भागीदारी और क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है।
- यह भारत की 'ब्लू इकोनॉमी' और 'लाइफ (LiFE)' आंदोलन को भी बढ़ावा देगा।
Why In News
भारत सरकार ने 31 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय तटीय पारिस्थितिकी तंत्र बहाली मिशन' का शुभारंभ किया है। यह घोषणा तटीय क्षेत्रों पर बढ़ते मानवीय दबाव, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और समुद्री प्रदूषण के कारण हो रहे पारिस्थितिकीय क्षरण की बढ़ती चिंताओं के जवाब में आई है। यह मिशन भारत की समुद्री जैव विविधता को बचाने और तटीय समुदायों की लचीलापन बढ़ाने के लिए एक व्यापक और समन्वित दृष्टिकोण प्रदान करेगा।
Syllabus Connection
यह समाचार तटीय पारिस्थितिकी तंत्रों के संरक्षण और बहाली के महत्व, जलवायु परिवर्तन अनुकूलन रणनीतियों और भारत की समुद्री जैव विविधता की रक्षा के लिए सरकारी पहलों से संबंधित है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | राष्ट्रीय तटीय पारिस्थितिकी तंत्र बहाली मिशन (NCERM) | तटीय पारिस्थितिकी तंत्रों के क्षरण के कारण और उनके संरक्षण का महत्व। |
| कब | 31 मई, 2026 | जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों और समुद्री प्रदूषण के संदर्भ में समयबद्धता। |
| उद्देश्य | मैंग्रोव, प्रवाल भित्तियों, समुद्री घास का संरक्षण/बहाली | समुद्री जैव विविधता की रक्षा, जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और तटीय समुदायों की आजीविका को मजबूत करना। |
| नोडल मंत्रालय | पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय | भारत में पर्यावरण शासन और अंतर-मंत्रालयी समन्वय की भूमिका। |
| महत्व | 7,516 किमी तटरेखा, 10,000 करोड़ रुपये का बजट | ब्लू इकोनॉमी, सतत विकास लक्ष्यों (SDG 14) और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा में योगदान। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
Key Facts to Remember: भारत में 'राष्ट्रीय तटीय पारिस्थितिकी तंत्र बहाली मिशन' का शुभारंभ: समुद्री जैव विविधता संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
- भारत सरकार ने 31 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय तटीय पारिस्थितिकी तंत्र बहाली मिशन' (NCERM) का शुभारंभ किया।
- मिशन का उद्देश्य भारत के 7,516 किलोमीटर लंबे तटरेखा पर मैंग्रोव, प्रवाल भित्तियों और समुद्री घास के मैदानों को बहाल करना है।
- यह मिशन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के तहत संचालित होगा।
- मिशन को अगले पाँच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रारंभिक बजट के साथ शुरू किया गया है।
- इसमें नौ तटीय राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया जाएगा।
- प्रमुख घटकों में मैंग्रोव वनीकरण, प्रवाल भित्ति पुनर्स्थापन, समुद्री घास संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण शामिल हैं।
- यह पहल जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और तटीय समुदायों की लचीलापन बढ़ाने में मदद करेगी।
- मिशन संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य (SDG 14 - पानी के नीचे जीवन) और पारिस्थितिकी तंत्र बहाली दशक के अनुरूप है।
- स्थानीय समुदायों की भागीदारी और क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है।
- यह भारत की 'ब्लू इकोनॉमी' और 'लाइफ (LiFE)' आंदोलन को भी बढ़ावा देगा।
Practice Questions
Q1. भारत सरकार द्वारा 31 मई, 2026 को शुरू किए गए 'राष्ट्रीय तटीय पारिस्थितिकी तंत्र बहाली मिशन' का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- केवल तटीय पर्यटन को बढ़ावा देना।
- तटीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को गति देना।
- मैंग्रोव, प्रवाल भित्तियों और समुद्री घास के मैदानों जैसे तटीय पारिस्थितिकी तंत्रों का संरक्षण और बहाली करना।
- केवल समुद्री मछली पकड़ने की गतिविधियों को विनियमित करना।
Explanation: राष्ट्रीय तटीय पारिस्थितिकी तंत्र बहाली मिशन का प्राथमिक उद्देश्य भारत के संवेदनशील तटीय पारिस्थितिकी तंत्रों, जैसे मैंग्रोव, प्रवाल भित्तियों और समुद्री घास के मैदानों का संरक्षण और बहाली करना है। यह जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और समुद्री जैव विविधता की रक्षा करने में मदद करेगा।
Q2. 'राष्ट्रीय तटीय पारिस्थितिकी तंत्र बहाली मिशन' किस केंद्रीय मंत्रालय के तहत संचालित होगा?
- गृह मंत्रालय
- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय
- पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
Explanation: 'राष्ट्रीय तटीय पारिस्थितिकी तंत्र बहाली मिशन' पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के तहत संचालित होगा। यह मंत्रालय भारत में पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों के लिए जिम्मेदार है।
Q3. भारत की कुल तटरेखा की अनुमानित लंबाई कितनी है, जिसमें मुख्य भूमि और द्वीप समूह शामिल हैं?
- 5,500 किलोमीटर
- 6,200 किलोमीटर
- 7,516 किलोमीटर
- 8,000 किलोमीटर
Explanation: भारत की कुल तटरेखा लगभग 7,516 किलोमीटर लंबी है, जिसमें मुख्य भूमि, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप शामिल हैं। यह विशाल तटरेखा विविध और समृद्ध तटीय पारिस्थितिकी तंत्रों का घर है।
Q4. 'राष्ट्रीय तटीय पारिस्थितिकी तंत्र बहाली मिशन' अगले पाँच वर्षों के लिए कितने प्रारंभिक बजट के साथ शुरू किया गया है?
- 5,000 करोड़ रुपये
- 7,500 करोड़ रुपये
- 10,000 करोड़ रुपये
- 12,500 करोड़ रुपये
Explanation: 'राष्ट्रीय तटीय पारिस्थितिकी तंत्र बहाली मिशन' को अगले पाँच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रारंभिक बजट के साथ शुरू किया गया है। यह पर्याप्त वित्तपोषण बड़े पैमाने पर बहाली परियोजनाओं और अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण होगा।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य (SDG) 'पानी के नीचे जीवन' (Life Below Water) से संबंधित है, जिससे यह मिशन संरेखित है?
- SDG 6
- SDG 13
- SDG 14
- SDG 15
Explanation: यह मिशन संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य (SDG) 14, 'पानी के नीचे जीवन' (Life Below Water) के साथ संरेखित है। SDG 14 का उद्देश्य महासागरों, समुद्रों और समुद्री संसाधनों का संरक्षण और सतत उपयोग करना है।
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