भारत में 'राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निगरानी मिशन' का विस्तार: स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
भारत सरकार ने 14 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निगरानी मिशन' के राष्ट्रव्यापी विस्तार की घोषणा की है। इस विस्तार का उद्देश्य देश भर में पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की नियमित और व्यापक निगरानी सुनिश्चित करना है, जिससे नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। यह मिशन जल जनित बीमारियों को कम करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार लाने पर केंद्रित है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- 'राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निगरानी मिशन' के राष्ट्रव्यापी विस्तार की घोषणा <strong>14 मई, 2026</strong> को <strong>जल शक्ति मंत्रालय</strong> द्वारा की गई।
- मिशन का मुख्य उद्देश्य देश भर में पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की नियमित और व्यापक निगरानी सुनिश्चित करना है।
- अगले <strong>पांच वर्षों</strong> के लिए इस मिशन हेतु <strong>15,000 करोड़ रुपये</strong> का बजट आवंटित किया गया है।
- इस विस्तार के तहत <strong>10,000</strong> नई जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी और <strong>2,000</strong> मौजूदा प्रयोगशालाओं को उन्नत किया जाएगा।
- जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए <strong>भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) IS 10500:2012</strong> मानकों का पालन किया जाएगा।
- मिशन में <strong>ग्राम पंचायतों</strong> और स्थानीय स्वयंसेवकों को जल गुणवत्ता परीक्षण में शामिल करके 'जनभागीदारी' पर जोर दिया गया है।
- एक केंद्रीकृत <strong>डिजिटल डेटाबेस</strong>, ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन जल गुणवत्ता डेटा के लिए विकसित किया जाएगा।
- यह मिशन <strong>जल जीवन मिशन (JJM)</strong> के तहत 'हर घर नल से जल' के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- मिशन का लक्ष्य जल जनित बीमारियों को कम करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करना है।
- यह पहल <strong>संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता)</strong> को प्राप्त करने में भी सहायक है।
- <strong>केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB)</strong> और <strong>राष्ट्रीय जल नीति (2012)</strong> जैसे मौजूदा ढांचे के साथ यह एकीकृत है।
Why In News
भारत सरकार ने 14 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निगरानी मिशन' के राष्ट्रव्यापी विस्तार को मंजूरी दी है। यह निर्णय देश के कई हिस्सों में जल प्रदूषण और जल जनित बीमारियों की बढ़ती चिंताओं के जवाब में लिया गया है, और यह 'जल जीवन मिशन' के तहत हर घर नल से जल सुनिश्चित करने के सरकार के व्यापक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।
Syllabus Connection
यह समाचार जल प्रदूषण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सरकार द्वारा स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों से संबंधित है। छात्रों को जल गुणवत्ता मानकों, संबंधित सरकारी योजनाओं और सतत विकास लक्ष्यों के बारे में जानना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | जल गुणवत्ता निगरानी मिशन का राष्ट्रव्यापी विस्तार। | जल सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण पहल। |
| किसने लॉन्च किया? | जल शक्ति मंत्रालय। | सरकार की 'जल जीवन मिशन' प्रतिबद्धता और जल प्रबंधन में सुधार का संकेत। |
| कब? | 14 मई, 2026। | बढ़ते जल प्रदूषण और जल जनित बीमारियों के जवाब में एक समयोचित कदम। |
| मुख्य विशेषताएँ? | 10,000 नई प्रयोगशालाएं, 15,000 करोड़ रुपये बजट, जनभागीदारी, डिजिटल डेटाबेस। | बुनियादी ढांचे का विकास, क्षमता निर्माण और पारदर्शिता के माध्यम से प्रभावी निगरानी। |
| महत्व? | स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, जल जनित बीमारियों में कमी। | सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार, ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता बढ़ाना और पर्यावरणीय स्थिरता। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–3 | Climate finance, green bonds, and ESG ratings are occasionally tested in banking exams. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
What to Memorize from This Topic
- New Ramsar sites, UNESCO sites, Biosphere Reserves: name, state/country, reason for designation
- Climate summit outcomes: COP targets, India's commitments, new agreements
- Pollution data: India's air quality rank, river clean-up updates, plastic ban updates
- Endangered species: IUCN category, habitat, threats, conservation project
- Environmental laws and policies: recent amendments to Environment Protection Act, Forest Rights Act
Practice Questions
Q1. 'राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निगरानी मिशन' के राष्ट्रव्यापी विस्तार की घोषणा किस मंत्रालय द्वारा की गई है?
- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
- जल शक्ति मंत्रालय
- ग्रामीण विकास मंत्रालय
Explanation: 'राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निगरानी मिशन' के विस्तार की घोषणा 14 मई, 2026 को जल शक्ति मंत्रालय द्वारा की गई है। यह मंत्रालय देश में जल संसाधनों के प्रबंधन और पेयजल आपूर्ति के लिए जिम्मेदार है।
Q2. इस मिशन के तहत जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए भारत में किस मानक का पालन किया जाएगा?
- ISO 9001
- WHO पेयजल दिशानिर्देश
- BIS IS 10500:2012
- ASTM D1193
Explanation: मिशन के तहत जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा निर्धारित IS 10500:2012 पेयजल मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। यह भारत में पेयजल के लिए आधिकारिक मानक हैं।
Q3. 'राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निगरानी मिशन' का विस्तार किस अन्य प्रमुख सरकारी मिशन के 'हर घर नल से जल' लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा?
- स्वच्छ भारत मिशन
- राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन
- जल जीवन मिशन
- अटल भूजल योजना
Explanation: 'राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निगरानी मिशन' का विस्तार जल जीवन मिशन (JJM) के 'हर घर नल से जल' लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। JJM का उद्देश्य ग्रामीण घरों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है, और यह मिशन पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा।
Q4. इस मिशन के तहत अगले पांच वर्षों के लिए कितना बजट आवंटित किया गया है?
- 5,000 करोड़ रुपये
- 10,000 करोड़ रुपये
- 15,000 करोड़ रुपये
- 20,000 करोड़ रुपये
Explanation: 'राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निगरानी मिशन' के विस्तार के लिए अगले पांच वर्षों हेतु 15,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह राशि नई प्रयोगशालाओं की स्थापना और क्षमता निर्माण पर खर्च की जाएगी।
Q5. जल गुणवत्ता निगरानी में 'जनभागीदारी' सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण स्तर पर क्या उपाय किए जाएंगे?
- केवल सरकारी अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
- ग्राम पंचायतों को जल गुणवत्ता परीक्षण किट प्रदान की जाएंगी।
- केवल निजी कंपनियों को यह कार्य सौंपा जाएगा।
- अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों को नियुक्त किया जाएगा।
Explanation: जल गुणवत्ता निगरानी में 'जनभागीदारी' सुनिश्चित करने के लिए, ग्राम पंचायतों को जल गुणवत्ता परीक्षण किट प्रदान की जाएंगी और स्थानीय स्वयंसेवकों को पानी के नमूनों का प्रारंभिक परीक्षण करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। यह समुदाय को सक्रिय रूप से शामिल करने का एक तरीका है।
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