संसद में 'राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026' पारित: जल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
भारतीय संसद ने 21 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026' पारित किया, जिसका उद्देश्य देश में जल संसाधनों का एकीकृत और स्थायी प्रबंधन सुनिश्चित करना है। यह विधेयक अंतर-राज्यीय जल विवादों को सुलझाने, जल उपयोग दक्षता बढ़ाने और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करता है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- संसद ने 21 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026' पारित किया।
- विधेयक का उद्देश्य जल संसाधनों का एकीकृत और स्थायी प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
- यह विधेयक 'राष्ट्रीय जल संसाधन प्राधिकरण (NWRA)' की स्थापना का प्रावधान करता है।
- NWRA अंतर-राज्यीय जल विवादों को सुलझाने और जल डेटा को मानकीकृत करने का कार्य करेगा।
- विधेयक में भूजल प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है, जिसमें परमिट प्रणाली और पुनर्भरण अनिवार्य है।
- जल उपयोग दक्षता बढ़ाने और जल गुणवत्ता मानकों को कड़ा करने के प्रावधान शामिल हैं।
- यह विधेयक जल को एक 'साझा संसाधन' के रूप में मान्यता देता है।
- जल शक्ति मंत्रालय ने इसे 'एक राष्ट्र, एक जल' दृष्टिकोण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
- यह विधेयक संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) को प्राप्त करने में सहायक होगा।
- विधेयक का संबंध जल जीवन मिशन, अटल भूजल योजना और PMKSY जैसी योजनाओं से है।
Why In News
यह विधेयक देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते जल संकट, अंतर-राज्यीय जल विवादों की बढ़ती संख्या और जलवायु परिवर्तन के कारण जल उपलब्धता पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों के जवाब में लाया गया है। पिछले दशक में कई राज्यों में गंभीर सूखे और बाढ़ की स्थिति ने एक एकीकृत राष्ट्रीय जल नीति की तत्काल आवश्यकता को उजागर किया था, जिसके परिणामस्वरूप यह विधेयक संसद में पेश किया गया और पारित हुआ।
Syllabus Connection
यह विधेयक भारत में जल संसाधनों के प्रबंधन, अंतर-राज्यीय जल विवादों के समाधान और जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय नीति और नियामक ढांचे के विकास से संबंधित है, जो संघीय ढांचे में जल के राज्य विषय होने के बावजूद केंद्र की भूमिका को दर्शाता है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| विधेयक का नाम | राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026 | जल संकट के दीर्घकालिक समाधान हेतु एक एकीकृत राष्ट्रीय दृष्टिकोण। |
| प्रमुख संस्था | राष्ट्रीय जल संसाधन प्राधिकरण (NWRA) | जल प्रबंधन में केंद्र-राज्य समन्वय और नियामक क्षमता को मजबूत करना। |
| मुख्य फोकस | भूजल प्रबंधन, जल उपयोग दक्षता | सतत जल उपयोग और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता। |
| संवैधानिक स्थिति | जल एक राज्य विषय | संघीय ढांचे में जल प्रबंधन की चुनौतियाँ और सहकारी संघवाद की भूमिका। |
| वैश्विक प्रासंगिकता | SDG 6, GDPR के समान | अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखना और भारत की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप अनुकूलन। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 15–25 | Polity is a core UPSC subject. Both Prelims and Mains test constitutional provisions in depth. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–6 | Questions on constitutional amendments, Parliament, and schemes appear in every SSC paper. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | RBI Act, banking legislation, and government policies are regularly tested. |
| State PCS / PSC | High | 5–10 | State PCS papers test both central and state government structures. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–5 | Government schemes and constitutional bodies are standard Railway GK questions. |
Key Facts to Remember: संसद में 'राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026' पारित: जल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
- संसद ने 21 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026' पारित किया।
- विधेयक का उद्देश्य जल संसाधनों का एकीकृत और स्थायी प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
- यह विधेयक 'राष्ट्रीय जल संसाधन प्राधिकरण (NWRA)' की स्थापना का प्रावधान करता है।
- NWRA अंतर-राज्यीय जल विवादों को सुलझाने और जल डेटा को मानकीकृत करने का कार्य करेगा।
- विधेयक में भूजल प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है, जिसमें परमिट प्रणाली और पुनर्भरण अनिवार्य है।
- जल उपयोग दक्षता बढ़ाने और जल गुणवत्ता मानकों को कड़ा करने के प्रावधान शामिल हैं।
- यह विधेयक जल को एक 'साझा संसाधन' के रूप में मान्यता देता है।
- जल शक्ति मंत्रालय ने इसे 'एक राष्ट्र, एक जल' दृष्टिकोण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
- यह विधेयक संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) को प्राप्त करने में सहायक होगा।
- विधेयक का संबंध जल जीवन मिशन, अटल भूजल योजना और PMKSY जैसी योजनाओं से है।
Practice Questions
Q1. राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026 के तहत जल संसाधनों के एकीकृत प्रबंधन के लिए किस केंद्रीय निकाय की स्थापना का प्रावधान किया गया है?
- केंद्रीय जल आयोग (CWC)
- राष्ट्रीय जल संसाधन प्राधिकरण (NWRA)
- जल शक्ति नियामक बोर्ड (JSRB)
- अंतर-राज्यीय जल विवाद न्यायाधिकरण (ISWDT)
Explanation: राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026 का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान 'राष्ट्रीय जल संसाधन प्राधिकरण (National Water Resources Authority - NWRA)' की स्थापना है। यह प्राधिकरण जल संसाधनों के एकीकृत योजना, प्रबंधन और नियामक कार्यों के लिए एक केंद्रीय निकाय के रूप में कार्य करेगा।
Q2. नीति आयोग की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग कितने मिलियन लोग अत्यधिक जल तनाव का सामना कर रहे हैं?
- 200 मिलियन
- 400 मिलियन
- 600 मिलियन
- 800 मिलियन
Explanation: नीति आयोग की 2018 की 'समग्र जल प्रबंधन सूचकांक' रिपोर्ट ने चेतावनी दी थी कि भारत एक गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है, जिसमें लगभग 600 मिलियन लोग अत्यधिक जल तनाव का सामना कर रहे हैं। यह आंकड़ा जल संकट की गंभीरता को दर्शाता है।
Q3. भारतीय संविधान के तहत, 'जल' किस सूची का विषय है?
- संघ सूची
- राज्य सूची
- समवर्ती सूची
- अवशिष्ट सूची
Explanation: भारतीय संविधान के तहत, 'जल' एक राज्य सूची का विषय है। यही कारण है कि जल प्रबंधन में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करना हमेशा एक चुनौती रहा है, और यह विधेयक इसी समस्या का समाधान करने का प्रयास करता है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सी योजना राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026 के लक्ष्यों के साथ संरेखित नहीं है?
- जल जीवन मिशन
- अटल भूजल योजना
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)
- राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM)
Explanation: जल जीवन मिशन, अटल भूजल योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) सभी जल प्रबंधन और जल सुरक्षा से संबंधित हैं और इस विधेयक के लक्ष्यों के साथ संरेखित हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) स्वास्थ्य सेवा से संबंधित है, जल प्रबंधन से नहीं।
Q5. विधेयक में भूजल प्रबंधन के लिए निम्नलिखित में से कौन सा प्रावधान शामिल है?
- भूजल निकासी पर पूर्ण प्रतिबंध
- केवल कृषि के लिए भूजल निकासी की अनुमति
- भूजल निकासी के लिए परमिट प्रणाली और पुनर्भरण को अनिवार्य करना
- भूजल प्रबंधन को पूरी तरह से स्थानीय निकायों पर छोड़ देना
Explanation: विधेयक में भूजल प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत भूजल निकासी के लिए परमिट प्रणाली लागू की जाएगी और भूजल पुनर्भरण को अनिवार्य किया जाएगा, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ भूजल का अत्यधिक दोहन हुआ है। यह भूजल के सतत उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
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Map every news item to an Article or provision in the Constitution. This is what UPSC Prelims directly tests.
For SSC and Railway, focus on the practical side — who appoints whom, term lengths, and what each body does.
Note the date and context of any constitutional amendment or ordinance. Questions are often framed around the 'first time' or 'most recent' event.
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