पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6 के तहत वैश्विक कार्बन बाजार तंत्रों पर नया समझौता
हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक में पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6 के कार्यान्वयन के लिए वैश्विक कार्बन बाजार तंत्रों पर एक नया समझौता हुआ है। यह समझौता देशों को अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) को प्राप्त करने में मदद करने के लिए कार्बन क्रेडिट के व्यापार को सुविधाजनक बनाएगा, जिससे वैश्विक उत्सर्जन में कमी लाने के प्रयासों को गति मिलेगी।
2-Minute Summary (TL;DR)
- पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6 के तहत वैश्विक कार्बन बाजार तंत्रों पर एक नया समझौता 14 मई, 2026 को एक उच्च-स्तरीय जलवायु शिखर सम्मेलन में हुआ।
- यह समझौता देशों को अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) को अधिक लागत-प्रभावी ढंग से प्राप्त करने में मदद करेगा।
- समझौते में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हस्तांतरित शमन परिणाम (ITMOs) के व्यापार के लिए मानकीकृत लेखांकन और रिपोर्टिंग प्रणाली शामिल है।
- डबल काउंटिंग से बचने और पर्यावरणीय अखंडता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय किए गए हैं।
- अनुच्छेद 6.2 देशों के बीच द्विपक्षीय कार्बन क्रेडिट व्यापार की सुविधा प्रदान करता है, जबकि अनुच्छेद 6.4 एक केंद्रीकृत तंत्र स्थापित करता है।
- अनुच्छेद 6.4 तंत्र से उत्पन्न क्रेडिट पर लगाए गए शुल्क से अनुकूलन कोष (Adaptation Fund) को राजस्व प्राप्त होगा।
- भारत, अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के साथ, कार्बन क्रेडिट का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता बन सकता है।
- भारत ने 2030 तक अपनी GDP की उत्सर्जन तीव्रता को 2005 के स्तर से 45% कम करने का लक्ष्य रखा है।
- भारत ने हाल ही में कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना, 2023 को अधिसूचित किया है, जो एक घरेलू कार्बन बाजार स्थापित करेगी।
- क्योटो प्रोटोकॉल का स्वच्छ विकास तंत्र (CDM) पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6.4 तंत्र का पूर्ववर्ती था।
- यूरोपीय संघ उत्सर्जन व्यापार प्रणाली (EU ETS) दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे पुराना कैप-एंड-ट्रेड सिस्टम है।
Why In News
यह विषय हाल ही में चर्चा में आया है क्योंकि 14 मई, 2026 को आयोजित एक उच्च-स्तरीय जलवायु शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों ने पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6 के तहत कार्बन बाजार तंत्रों को सक्रिय करने के लिए एक विस्तृत कार्यप्रणाली पर सहमति व्यक्त की है। यह सहमति लंबे समय से लंबित थी और इसे वैश्विक जलवायु कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में देखा जा रहा है, खासकर विकासशील देशों के लिए।
Syllabus Connection
यह समाचार पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6 के तहत अंतर्राष्ट्रीय कार्बन बाजार तंत्रों के विकास से संबंधित है। छात्रों को जलवायु परिवर्तन पर अंतर्राष्ट्रीय समझौतों, कार्बन व्यापार की अवधारणा, भारत की जलवायु नीति और UNFCCC के तहत विभिन्न तंत्रों को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6 के तहत वैश्विक कार्बन बाजार तंत्रों पर नया समझौता। | अंतर्राष्ट्रीय कार्बन बाजारों का महत्व, पर्यावरणीय अखंडता और विकासशील देशों पर प्रभाव। |
| कब | 14 मई, 2026 को उच्च-स्तरीय जलवायु शिखर सम्मेलन में सहमति। | पेरिस समझौते के कार्यान्वयन में देरी और COP26 के बाद की प्रगति का विश्लेषण। |
| कौन | UNFCCC सदस्य देश, विशेषकर प्रमुख उत्सर्जक और विकासशील राष्ट्र। | विभिन्न देशों के हित, जलवायु न्याय और CBDR-RC सिद्धांत की भूमिका। |
| क्यों | NDCs को लागत-प्रभावी ढंग से प्राप्त करने और वैश्विक उत्सर्जन कम करने हेतु। | कार्बन बाजारों की आवश्यकता, दक्षता लाभ, और डबल काउंटिंग जैसी चुनौतियों का समाधान। |
| भारत की भूमिका | कार्बन क्रेडिट का संभावित आपूर्तिकर्ता, घरेलू कार्बन बाजार का विकास। | भारत के NDCs, जलवायु न्याय पर रुख, और अंतर्राष्ट्रीय जलवायु वित्तपोषण में भागीदारी। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Medium | 2–4 | Summits, UN resolutions, and India's foreign policy are included in Railway GK. |
What to Memorize from This Topic
- Summit venue, participating nations, key outcomes, and India's stand
- Bilateral agreements: India + partner country, subject area, signing date
- Multilateral organizations: new members, leadership changes, major resolutions
- India's position on key global issues: UN voting, climate, trade
- Indices: Global Peace Index, Press Freedom Index, India's rank and change
Practice Questions
Q1. पेरिस समझौते का कौन सा अनुच्छेद अंतर्राष्ट्रीय कार्बन बाजार तंत्रों से संबंधित है?
- अनुच्छेद 2
- अनुच्छेद 4
- अनुच्छेद 6
- अनुच्छेद 8
Explanation: पेरिस समझौते का अनुच्छेद 6 विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय कार्बन बाजार तंत्रों से संबंधित है, जिसका उद्देश्य देशों को अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) को अधिक लागत-प्रभावी ढंग से प्राप्त करने में मदद करना है। यह देशों के बीच कार्बन क्रेडिट के व्यापार की अनुमति देता है।
Q2. हाल ही में हुए समझौते के तहत, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हस्तांतरित शमन परिणाम (ITMOs) किस अनुच्छेद के तहत व्यापार किए जाते हैं?
- अनुच्छेद 6.2
- अनुच्छेद 6.4
- अनुच्छेद 6.6
- अनुच्छेद 6.8
Explanation: पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6.2 देशों के बीच द्विपक्षीय कार्बन क्रेडिट व्यापार की सुविधा प्रदान करता है, जिन्हें ITMOs (Internationally Transferred Mitigation Outcomes) के रूप में जाना जाता है। अनुच्छेद 6.4 एक केंद्रीकृत तंत्र स्थापित करता है, जो परियोजना-आधारित क्रेडिट के लिए है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा तंत्र क्योटो प्रोटोकॉल के तहत एक बाजार-आधारित तंत्र था?
- अनुकूलन कोष
- स्वच्छ विकास तंत्र (CDM)
- ग्रीन क्लाइमेट फंड
- राष्ट्रीय अनुकूलन योजनाएं
Explanation: स्वच्छ विकास तंत्र (CDM) क्योटो प्रोटोकॉल के तहत एक बाजार-आधारित तंत्र था, जिसने विकसित देशों को विकासशील देशों में उत्सर्जन-घटाने वाली परियोजनाओं में निवेश करके कार्बन क्रेडिट अर्जित करने की अनुमति दी थी। यह पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6.4 तंत्र का पूर्ववर्ती था।
Q4. भारत ने 2030 तक अपनी GDP की उत्सर्जन तीव्रता को 2005 के स्तर से कितने प्रतिशत कम करने का लक्ष्य रखा है?
- 33%
- 40%
- 45%
- 50%
Explanation: भारत ने अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) के तहत 2030 तक अपनी GDP की उत्सर्जन तीव्रता को 2005 के स्तर से 45% तक कम करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह भारत के जलवायु परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Q5. दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे पुराना कैप-एंड-ट्रेड कार्बन बाजार कौन सा है?
- कैलिफोर्निया कैप-एंड-ट्रेड कार्यक्रम
- यूरोपीय संघ उत्सर्जन व्यापार प्रणाली (EU ETS)
- चीन राष्ट्रीय उत्सर्जन व्यापार योजना
- भारत कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना
Explanation: यूरोपीय संघ उत्सर्जन व्यापार प्रणाली (EU ETS) दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे पुराना कैप-एंड-ट्रेड कार्बन बाजार है, जो 2005 से संचालित है। यह यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में भारी उद्योगों और बिजली उत्पादकों के उत्सर्जन को कवर करता है।
How to Prepare International Affairs for Government Exams
Focus on India-centric news — India's bilateral visits, MoUs signed, and positions in international bodies. This is what domestic exams test.
For UPSC, understand geopolitical context: Why does India take a particular position? What is India's strategic interest?
Keep a running note of all G20, SCO, BRICS, and QUAD-related outcomes. These bodies generate 3–5 questions per major exam cycle.
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