राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (NGHM) के तहत नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा: भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को गति
21 मई, 2026 को नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (NGHM) के तहत एक नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य भारत में हरित हाइड्रोजन उत्पादन और इसके उपयोग को बढ़ावा देना है, जिससे देश के डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को प्राप्त करने और वैश्विक हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाने में मदद मिलेगी।
2-Minute Summary (TL;DR)
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 21 मई, 2026 को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (NGHM) के तहत नई प्रोत्साहन योजना 'हरित हाइड्रोजन उत्पादन और उपयोग प्रोत्साहन योजना (GHPUIS)' की घोषणा की।
- NGHM को 4 जनवरी, 2023 को 19,744 करोड़ रुपये के प्रारंभिक परिव्यय के साथ मंजूरी मिली थी।
- GHPUIS का उद्देश्य भारत में हरित हाइड्रोजन उत्पादन और इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
- इस नई योजना के तहत अगले पांच वर्षों के लिए 30,000 करोड़ रुपये का कुल परिव्यय निर्धारित किया गया है।
- इसमें से 15,000 करोड़ रुपये इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण और 15,000 करोड़ रुपये हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए आवंटित किए गए हैं।
- भारत का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करना है।
- इस लक्ष्य से लगभग 125 GW की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विकास होगा और 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होगा।
- मिशन से 6 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने और 50 MMT वार्षिक CO2 उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है।
- हरित हाइड्रोजन नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा उत्पन्न होता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन शून्य होता है।
- यह योजना भारत के 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य और ऊर्जा स्वतंत्रता प्राप्त करने में महत्वपूर्ण है।
Why In News
भारत सरकार ने 21 मई, 2026 को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत एक नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। यह घोषणा भारत की स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है और देश को हरित हाइड्रोजन उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए आवश्यक है।
Syllabus Connection
यह समाचार भारत की स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण, डीकार्बोनाइजेशन प्रयासों और हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था में वैश्विक नेतृत्व की महत्वाकांक्षा से संबंधित है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | NGHM के तहत नई प्रोत्साहन योजना (GHPUIS) की घोषणा। | हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने की रणनीति और इसके पर्यावरणीय व आर्थिक लाभ। |
| कब | 21 मई, 2026 को घोषित; NGHM 4 जनवरी, 2023 को मंजूर। | भारत की ऊर्जा नीति में हरित हाइड्रोजन के विकास का कालक्रम और महत्व। |
| लक्ष्य | 2030 तक 5 MMT उत्पादन, 125 GW नवीकरणीय ऊर्जा। | इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक निवेश, तकनीकी चुनौतियाँ और नीतिगत समर्थन। |
| महत्व | डीकार्बोनाइजेशन, ऊर्जा सुरक्षा, रोजगार सृजन। | भारत के नेट-जीरो लक्ष्य, 'आत्मनिर्भर भारत' और वैश्विक ऊर्जा बाजार में इसकी भूमिका। |
| घटक | इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण, हरित हाइड्रोजन उत्पादन। | इन घटकों के माध्यम से एक पूर्ण हरित हाइड्रोजन पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की प्रक्रिया और चुनौतियाँ। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–3 | Climate finance, green bonds, and ESG ratings are occasionally tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
Key Facts to Remember: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (NGHM) के तहत नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा: भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को गति
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 21 मई, 2026 को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (NGHM) के तहत नई प्रोत्साहन योजना 'हरित हाइड्रोजन उत्पादन और उपयोग प्रोत्साहन योजना (GHPUIS)' की घोषणा की।
- NGHM को 4 जनवरी, 2023 को 19,744 करोड़ रुपये के प्रारंभिक परिव्यय के साथ मंजूरी मिली थी।
- GHPUIS का उद्देश्य भारत में हरित हाइड्रोजन उत्पादन और इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
- इस नई योजना के तहत अगले पांच वर्षों के लिए 30,000 करोड़ रुपये का कुल परिव्यय निर्धारित किया गया है।
- इसमें से 15,000 करोड़ रुपये इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण और 15,000 करोड़ रुपये हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए आवंटित किए गए हैं।
- भारत का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करना है।
- इस लक्ष्य से लगभग 125 GW की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विकास होगा और 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होगा।
- मिशन से 6 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने और 50 MMT वार्षिक CO2 उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है।
- हरित हाइड्रोजन नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा उत्पन्न होता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन शून्य होता है।
- यह योजना भारत के 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य और ऊर्जा स्वतंत्रता प्राप्त करने में महत्वपूर्ण है।
Practice Questions
Q1. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (NGHM) के तहत घोषित नई प्रोत्साहन योजना का नाम क्या है?
- हरित ऊर्जा संवर्धन योजना
- हरित हाइड्रोजन उत्पादन और उपयोग प्रोत्साहन योजना (GHPUIS)
- स्वच्छ ईंधन विकास योजना
- नवीकरणीय हाइड्रोजन पहल
Explanation: NGHM के तहत घोषित नई प्रोत्साहन योजना का नाम 'हरित हाइड्रोजन उत्पादन और उपयोग प्रोत्साहन योजना (GHPUIS)' है। इसका उद्देश्य हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देना है।
Q2. भारत का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष कितनी हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करना है?
- 1 MMT
- 3 MMT
- 5 MMT
- 10 MMT
Explanation: भारत का लक्ष्य राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करना है।
Q3. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा किस वर्ष मंजूरी दी गई थी?
- 2021
- 2022
- 2023
- 2024
Explanation: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 4 जनवरी, 2023 को 19,744 करोड़ रुपये के प्रारंभिक परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई थी।
Q4. हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए किस ऊर्जा स्रोत का उपयोग किया जाता है?
- कोयला
- प्राकृतिक गैस
- परमाणु ऊर्जा
- नवीकरणीय ऊर्जा (सौर, पवन)
Explanation: हरित हाइड्रोजन वह हाइड्रोजन है जो नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर और पवन ऊर्जा का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा उत्पन्न होता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन शून्य होता है।
Q5. भारत का नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य किस वर्ष तक का है?
- 2030
- 2040
- 2050
- 2070
Explanation: भारत ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन (शुद्ध शून्य उत्सर्जन) प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें हरित हाइड्रोजन मिशन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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