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संसद द्वारा 'राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026' पारित: जल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

भारतीय संसद ने 14 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026' पारित किया, जिसका उद्देश्य देश में जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन, संरक्षण और न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित करना है। यह विधेयक अंतर-राज्यीय जल विवादों को सुलझाने और जल उपयोग दक्षता में सुधार के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करता है, जो भारत की बढ़ती जल सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने में महत्वपूर्ण है।

2-Minute Summary (TL;DR)

  • संसद ने 14 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026' पारित किया।
  • विधेयक का उद्देश्य जल संसाधनों का कुशल प्रबंधन, संरक्षण और न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करना है।
  • यह विधेयक 'राष्ट्रीय जल संसाधन प्राधिकरण' (NWRA) की स्थापना का प्रावधान करता है।
  • NWRA जल संसाधनों के नियोजन, विकास, प्रबंधन और विनियमन के लिए शीर्ष निकाय होगा।
  • विधेयक में अंतर-राज्यीय जल विवादों के त्वरित समाधान के लिए एक नई तंत्र का प्रस्ताव है।
  • जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के लिए कड़े प्रावधान शामिल हैं।
  • जल उपयोग दक्षता को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन और दंड का प्रावधान है।
  • विधेयक में जल प्रबंधन में स्थानीय निकायों और जल उपयोगकर्ता संघों की सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया गया है।
  • संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत 'जल' राज्य सूची का विषय है, लेकिन अनुच्छेद 262 केंद्र को अंतर-राज्यीय विवादों पर कानून बनाने की शक्ति देता है।
  • यह विधेयक भारत को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) को प्राप्त करने में मदद करेगा।

Why In News

यह विधेयक देश के कई हिस्सों में गंभीर जल संकट, भूजल स्तर में गिरावट और अंतर-राज्यीय जल विवादों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर पारित किया गया है। हाल ही में कई राज्यों में सूखे और बाढ़ की घटनाओं ने एक एकीकृत राष्ट्रीय जल नीति और प्रबंधन ढांचे की तत्काल आवश्यकता को उजागर किया था, जिसके परिणामस्वरूप सरकार ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को प्राथमिकता के आधार पर पारित किया।

Syllabus Connection

भारतीय राजव्यवस्था (संघवाद, केंद्र-राज्य संबंध), भूगोल (जल संसाधन)

यह विधेयक भारत में जल संसाधनों के प्रबंधन से संबंधित केंद्र-राज्य संबंधों, संघवाद की चुनौतियों और पर्यावरण भूगोल के एक महत्वपूर्ण पहलू को दर्शाता है। छात्रों को जल विवादों, संवैधानिक प्रावधानों और सतत विकास लक्ष्यों के साथ इसके संबंध को समझना चाहिए।

Prelims vs Mains — What to Focus On

Aspect Prelims Mains
क्यासंसद द्वारा 'राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026' पारित।भारत में जल शासन, अंतर-राज्यीय विवादों और जल सुरक्षा पर विधेयक के व्यापक प्रभाव का विश्लेषण।
उद्देश्यजल संसाधनों का कुशल प्रबंधन, संरक्षण और न्यायसंगत वितरण।जल को एक आर्थिक वस्तु के रूप में मान्यता देने और सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर चर्चा।
मुख्य प्रावधानराष्ट्रीय जल संसाधन प्राधिकरण (NWRA) की स्थापना, विवाद समाधान तंत्र।NWRA की भूमिका, जल डेटा प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और जल उपयोग दक्षता में सुधार के तरीके।
संवैधानिक पहलूजल राज्य सूची का विषय (सातवीं अनुसूची), अनुच्छेद 262।संघवाद की चुनौतियाँ और केंद्र-राज्य सहयोग के माध्यम से राष्ट्रीय जल नीति को लागू करने की आवश्यकता।
वैश्विक तुलनाGDPR, CCPA जैसे वैश्विक डेटा संरक्षण कानून।भारत के जल प्रबंधन प्रयासों की यूरोपीय संघ के जल फ्रेमवर्क निर्देश और ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय जल आयोग से तुलना।

How This Topic is Tested in Competitive Exams

ExamFrequencyApprox. MarksWhat Gets Asked
UPSC / State PCSVery High15–25Polity is a core UPSC subject. Both Prelims and Mains test constitutional provisions in depth.
SSC (CGL / CHSL / MTS)High4–6Questions on constitutional amendments, Parliament, and schemes appear in every SSC paper.
State PCS / PSCHigh5–10State PCS papers test both central and state government structures.
Railway (RRB NTPC / Group D)High3–5Government schemes and constitutional bodies are standard Railway GK questions.

What to Memorize from This Topic

  • Article numbers related to the topic (e.g., Article 356 for President's Rule)
  • Constitutional bodies: composition, tenure, appointment authority
  • Recent amendments and their impact
  • Supreme Court / High Court judgements mentioned in news
  • Government schemes: ministry, launch year, beneficiaries

Practice Questions

Q1. राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026 के अनुसार, जल संसाधनों के प्रबंधन के लिए प्रस्तावित शीर्ष निकाय का नाम क्या है?

  1. केंद्रीय जल आयोग
  2. राष्ट्रीय जल बोर्ड
  3. राष्ट्रीय जल संसाधन प्राधिकरण
  4. जल शक्ति मिशन

Explanation: विधेयक में 'राष्ट्रीय जल संसाधन प्राधिकरण' (National Water Resources Authority - NWRA) की स्थापना का प्रावधान है। यह प्राधिकरण जल संसाधनों के नियोजन, विकास, प्रबंधन और विनियमन के लिए एक शीर्ष निकाय के रूप में कार्य करेगा, जो केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय स्थापित करेगा।

Q2. भारतीय संविधान की किस अनुसूची के तहत 'जल' राज्य सूची का विषय है?

  1. पांचवीं अनुसूची
  2. छठी अनुसूची
  3. सातवीं अनुसूची
  4. आठवीं अनुसूची

Explanation: भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत 'जल' राज्य सूची का विषय है। इसका अर्थ है कि राज्यों के पास अपने भौगोलिक क्षेत्र के भीतर जल संसाधनों के प्रबंधन और उपयोग पर प्राथमिक अधिकार है। हालांकि, अंतर-राज्यीय नदी जल विवादों पर केंद्र कानून बना सकता है।

Q3. अंतर-राज्यीय नदी जल विवादों के न्यायनिर्णयन से संबंधित भारतीय संविधान का अनुच्छेद कौन सा है?

  1. अनुच्छेद 246
  2. अनुच्छेद 252
  3. अनुच्छेद 262
  4. अनुच्छेद 275

Explanation: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 262 संसद को अंतर-राज्यीय नदियों या नदी घाटियों के जल से संबंधित विवादों के न्यायनिर्णयन के लिए कानून बनाने का अधिकार देता है। इसी अनुच्छेद के तहत अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 पारित किया गया था।

Q4. निम्नलिखित में से कौन सा संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य (SDG) 'सभी के लिए स्वच्छ जल और स्वच्छता' से संबंधित है?

  1. SDG 3
  2. SDG 4
  3. SDG 6
  4. SDG 7

Explanation: संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य 6 (SDG 6) 'सभी के लिए स्वच्छ जल और स्वच्छता' सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। राष्ट्रीय जल संसाधन प्रबंधन विधेयक, 2026 भारत को इस महत्वपूर्ण लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।

Q5. नीति आयोग की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कितने प्रमुख शहरों में 2030 तक भूजल समाप्त होने की चेतावनी दी गई थी?

  1. 10
  2. 15
  3. 21
  4. 30

Explanation: नीति आयोग की 2018 की समग्र जल प्रबंधन सूचकांक (Composite Water Management Index) रिपोर्ट ने चेतावनी दी थी कि 2030 तक भारत के 21 प्रमुख शहरों में भूजल समाप्त हो सकता है। यह रिपोर्ट भारत में जल संकट की गंभीरता को उजागर करती है और प्रभावी जल प्रबंधन की आवश्यकता पर बल देती है।

How to Prepare Indian Polity & Governance for Government Exams

Map every news item to an Article or provision in the Constitution. This is what UPSC Prelims directly tests.

For SSC and Railway, focus on the practical side — who appoints whom, term lengths, and what each body does.

Note the date and context of any constitutional amendment or ordinance. Questions are often framed around the 'first time' or 'most recent' event.

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