प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) का तीसरा चरण: ग्रामीण भारत में आवास क्रांति की नई दिशा
भारत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सभी के लिए आवास सुनिश्चित करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) के तीसरे चरण का शुभारंभ किया है। इस नए चरण में विशेष रूप से दुर्गम क्षेत्रों और वंचित समुदायों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें आधुनिक निर्माण तकनीकों और स्थानीय सामग्री के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य वर्ष 2028 तक ग्रामीण भारत में सभी पात्र लाभार्थियों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) का तीसरा चरण 31 मई, 2026 को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया।
- इस चरण का लक्ष्य 2028 तक 1.5 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है।
- तीसरे चरण के लिए कुल 2.5 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
- योजना के तहत मैदानी क्षेत्रों में 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।
- 'आवास प्लस' नामक नई पहल में सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और बायो-टॉयलेट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
- लाभार्थियों का चयन सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 के आंकड़ों और ग्राम सभा के सत्यापन के आधार पर होता है।
- PMAY-G का शुभारंभ 20 नवंबर, 2016 को इंदिरा आवास योजना (IAY) का पुनर्गठन करके किया गया था।
- यह योजना स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा, उज्ज्वला योजना और सौभाग्य योजना जैसी अन्य योजनाओं के साथ एकीकृत है।
- निर्माण प्रक्रिया में भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी और स्थानीय कारीगरों/सामग्री के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
- केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय भागीदारी मैदानी क्षेत्रों में 60:40 और हिमालयी राज्यों में 90:10 है।
Why In News
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) का तीसरा चरण 31 मई, 2026 को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा औपचारिक रूप से शुरू किया गया है। यह घोषणा योजना के पिछले चरणों की सफलता और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की शेष चुनौतियों को संबोधित करने की आवश्यकता के बाद की गई है, जिससे यह वर्तमान में एक महत्वपूर्ण नीतिगत विकास बन गया है।
Syllabus Connection
यह लेख ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय और आवास से संबंधित सरकारी योजनाओं के बारे में है। छात्रों को PMAY-G के उद्देश्यों, विशेषताओं, कार्यान्वयन तंत्र और अन्य संबंधित योजनाओं के साथ इसके जुड़ाव को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) | ग्रामीण भारत में आवास की आवश्यकता और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव। |
| शुभारंभ | 20 नवंबर, 2016 (IAY का पुनर्गठन) | पूर्ववर्ती योजनाओं की कमियों को दूर करने में PMAY-G की भूमिका का विश्लेषण। |
| तीसरा चरण | 31 मई, 2026 को शुरू; 1.5 करोड़ अतिरिक्त घरों का लक्ष्य | तीसरे चरण की नवीन विशेषताएं और 'सभी के लिए आवास' लक्ष्य की दिशा में प्रगति। |
| वित्तीय सहायता | मैदानी: ₹1.20 लाख; पहाड़ी: ₹1.30 लाख | केंद्र-राज्य वित्तीय भागीदारी मॉडल और इसके निहितार्थ। |
| तकनीकी उपयोग | भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी, मोबाइल ऐप | योजना के कार्यान्वयन में प्रौद्योगिकी की भूमिका और पारदर्शिता में सुधार। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | High | 8–12 | UPSC tests implementation, target beneficiaries, and outcomes — not just scheme names. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Very High | 5–8 | Government schemes are one of the most tested topics in SSC CGL and CHSL GK sections. |
| Banking (IBPS / SBI) | High | 4–6 | Financial inclusion schemes, Jan Dhan, PMSBY, and credit guarantee schemes are key banking exam topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 4–7 | Central government welfare schemes are a consistent Railway GK topic. |
| State PCS / PSC | Very High | 6–10 | Both central and state schemes are tested extensively in state PCS papers. |
Key Facts to Remember: प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) का तीसरा चरण: ग्रामीण भारत में आवास क्रांति की नई दिशा
- प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) का तीसरा चरण 31 मई, 2026 को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया।
- इस चरण का लक्ष्य 2028 तक 1.5 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है।
- तीसरे चरण के लिए कुल 2.5 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
- योजना के तहत मैदानी क्षेत्रों में 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।
- 'आवास प्लस' नामक नई पहल में सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और बायो-टॉयलेट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
- लाभार्थियों का चयन सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 के आंकड़ों और ग्राम सभा के सत्यापन के आधार पर होता है।
- PMAY-G का शुभारंभ 20 नवंबर, 2016 को इंदिरा आवास योजना (IAY) का पुनर्गठन करके किया गया था।
- यह योजना स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा, उज्ज्वला योजना और सौभाग्य योजना जैसी अन्य योजनाओं के साथ एकीकृत है।
- निर्माण प्रक्रिया में भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी और स्थानीय कारीगरों/सामग्री के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
- केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय भागीदारी मैदानी क्षेत्रों में 60:40 और हिमालयी राज्यों में 90:10 है।
Practice Questions
Q1. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) के तीसरे चरण का मुख्य लक्ष्य किस वर्ष तक सभी पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है?
- 2025
- 2026
- 2028
- 2030
Explanation: PMAY-G के तीसरे चरण का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2028 तक उन सभी पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है जो पिछले चरणों में छूट गए थे। यह भारत सरकार के 'सभी के लिए आवास' के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है।
Q2. PMAY-G के तीसरे चरण के तहत 'आवास प्लस' पहल में निम्नलिखित में से कौन सी सुविधा शामिल नहीं है?
- सौर ऊर्जा पैनल
- वर्षा जल संचयन प्रणाली
- निःशुल्क वाहन
- बायो-टॉयलेट
Explanation: 'आवास प्लस' पहल का उद्देश्य ग्रामीण आवास को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है। इसमें सौर ऊर्जा पैनल, वर्षा जल संचयन प्रणाली और बायो-टॉयलेट जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जबकि निःशुल्क वाहन इसका हिस्सा नहीं है।
Q3. PMAY-G के तहत मैदानी क्षेत्रों में लाभार्थी को कितनी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है?
- 1.00 लाख रुपये
- 1.10 लाख रुपये
- 1.20 लाख रुपये
- 1.30 लाख रुपये
Explanation: प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) के तहत मैदानी क्षेत्रों में लाभार्थियों को पक्का मकान बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों के लिए यह राशि 1.30 लाख रुपये है।
Q4. PMAY-G योजना को किस पूर्ववर्ती योजना का पुनर्गठन करके शुरू किया गया था?
- इंदिरा आवास योजना
- राजीव गांधी ग्रामीण आवास योजना
- अटल आवास योजना
- जन आवास योजना
Explanation: प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) को 20 नवंबर, 2016 को इंदिरा आवास योजना (IAY) का पुनर्गठन करके शुरू किया गया था। IAY 1985 में शुरू की गई थी और PMAY-G ने उसकी कमियों को दूर करने का लक्ष्य रखा।
Q5. PMAY-G के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए किस प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है?
- ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी
- वर्चुअल रियलिटी
Explanation: PMAY-G के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी (Geospatial Technology) का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। यह लाभार्थियों की पहचान और निर्माण स्थलों की निगरानी में मदद करता है।
How to Prepare Government Schemes for Government Exams — प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) का तीसरा…
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