भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डिजिटल रुपया पायलट परियोजना का राष्ट्रव्यापी विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 18 मई, 2026 को खुदरा डिजिटल रुपया (e₹-R) पायलट परियोजना के राष्ट्रव्यापी विस्तार की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य भारत के सभी प्रमुख शहरों और बैंकों में केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) के उपयोग को बढ़ावा देना है, जिससे डिजिटल लेनदेन में दक्षता और सुरक्षा बढ़ेगी। यह विस्तार भारत को डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक अग्रणी देश के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 18 मई, 2026 को खुदरा डिजिटल रुपया (e₹-R) पायलट परियोजना के राष्ट्रव्यापी विस्तार की घोषणा की।
- यह विस्तार भारत के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुख शहरों में 20 से अधिक बैंकों के साथ लागू होगा।
- डिजिटल रुपये को ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित एक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) के रूप में विकसित किया गया है।
- प्रारंभिक पायलट परियोजना 1 दिसंबर, 2022 को चुनिंदा शहरों में शुरू की गई थी।
- नई ऑफ़लाइन कार्यक्षमता पेश की गई है, जिससे इंटरनेट के बिना भी लेनदेन संभव होगा।
- इसका उपयोग अब सरकारी योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) और कॉर्पोरेट वेतन भुगतान के लिए भी किया जाएगा।
- RBI ने एक 'डिजिटल रुपया ऐप स्टोर' लॉन्च किया है और SMEs के लिए ऋण सुविधा का भी परीक्षण करेगा।
- यह वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगा, लेनदेन लागत कम करेगा और पारदर्शिता बढ़ाएगा।
- भारत सरकार ने केंद्रीय बजट 2022-23 में डिजिटल रुपया जारी करने की घोषणा की थी और RBI अधिनियम, 1934 में संशोधन किया है।
Why In News
भारतीय रिजर्व बैंक ने 18 मई, 2026 को एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर खुदरा डिजिटल रुपया (e₹-R) पायलट परियोजना के राष्ट्रव्यापी विस्तार की घोषणा की है। यह घोषणा पिछले सफल परीक्षण चरणों के बाद की गई है, जिसमें देश के चुनिंदा शहरों में डिजिटल मुद्रा का मूल्यांकन किया गया था। इस विस्तार का उद्देश्य डिजिटल रुपये को व्यापक रूप से अपनाने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है।
Syllabus Connection
यह केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) की अवधारणा, भारत में इसके कार्यान्वयन, वित्तीय समावेशन पर इसके प्रभाव और डिजिटल भुगतान प्रणालियों के आधुनिकीकरण से संबंधित है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | RBI का खुदरा डिजिटल रुपया (e₹-R) पायलट परियोजना का राष्ट्रव्यापी विस्तार। | CBDC की अवधारणा, इसके आर्थिक निहितार्थ, वित्तीय समावेशन और भुगतान प्रणाली दक्षता पर प्रभाव। |
| कब? | 18 मई, 2026 को घोषणा; प्रारंभिक पायलट 1 दिसंबर, 2022। | डिजिटल मुद्रा के विकास का कालक्रम और वैश्विक CBDC प्रयासों के साथ तुलना। |
| मुख्य विशेषताएँ | 20+ बैंक, सभी प्रमुख शहर, ऑफ़लाइन क्षमता, DBT और कॉर्पोरेट भुगतान। | तकनीकी आधार (ब्लॉकचेन), सुरक्षा चुनौतियाँ, गोपनीयता के मुद्दे और नियामक ढाँचा। |
| महत्व | वित्तीय समावेशन, कम लेनदेन लागत, पारदर्शिता। | डिजिटल इंडिया पहल से जुड़ाव, मौद्रिक नीति पर प्रभाव, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में भूमिका। |
| सरकारी नीति | केंद्रीय बजट 2022-23 में घोषणा, RBI अधिनियम 1934 में संशोधन। | सरकार का डिजिटल अर्थव्यवस्था दृष्टिकोण, नियामक चुनौतियाँ और भविष्य की दिशा। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | Budget highlights, GDP data, and government economic schemes appear in SSC CGL GK section. |
| Banking (IBPS / SBI) | Very High | 6–10 | RBI policy, inflation, CRR/SLR, monetary committee decisions — banking exams test the full spectrum. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Medium | 2–3 | Railway papers focus on budget allocations, flagship schemes, and GDP milestones. |
| UPSC / State PCS | High | 10–20 | Economy is a core UPSC subject. Economic Survey, budget, and policy changes are heavily tested. |
| State PCS / PSC | High | 4–8 | State budget, MSME, agriculture policy, and banking data are common in state PCS papers. |
Key Facts to Remember: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डिजिटल रुपया पायलट परियोजना का राष्ट्रव्यापी विस्तार
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 18 मई, 2026 को खुदरा डिजिटल रुपया (e₹-R) पायलट परियोजना के राष्ट्रव्यापी विस्तार की घोषणा की।
- यह विस्तार भारत के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुख शहरों में 20 से अधिक बैंकों के साथ लागू होगा।
- डिजिटल रुपये को ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित एक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) के रूप में विकसित किया गया है।
- प्रारंभिक पायलट परियोजना 1 दिसंबर, 2022 को चुनिंदा शहरों में शुरू की गई थी।
- नई ऑफ़लाइन कार्यक्षमता पेश की गई है, जिससे इंटरनेट के बिना भी लेनदेन संभव होगा।
- इसका उपयोग अब सरकारी योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) और कॉर्पोरेट वेतन भुगतान के लिए भी किया जाएगा।
- RBI ने एक 'डिजिटल रुपया ऐप स्टोर' लॉन्च किया है और SMEs के लिए ऋण सुविधा का भी परीक्षण करेगा।
- यह वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगा, लेनदेन लागत कम करेगा और पारदर्शिता बढ़ाएगा।
- भारत सरकार ने केंद्रीय बजट 2022-23 में डिजिटल रुपया जारी करने की घोषणा की थी और RBI अधिनियम, 1934 में संशोधन किया है।
Practice Questions
Q1. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा खुदरा डिजिटल रुपया (e₹-R) पायलट परियोजना के राष्ट्रव्यापी विस्तार की घोषणा किस तिथि को की गई?
- 1 दिसंबर, 2022
- 1 अप्रैल, 2023
- 18 मई, 2026
- 15 अगस्त, 2025
Explanation: भारतीय रिजर्व बैंक ने 18 मई, 2026 को खुदरा डिजिटल रुपया (e₹-R) पायलट परियोजना के राष्ट्रव्यापी विस्तार की घोषणा की। प्रारंभिक पायलट परियोजना 1 दिसंबर, 2022 को चुनिंदा शहरों में शुरू की गई थी, लेकिन राष्ट्रव्यापी विस्तार की घोषणा हाल ही में की गई है।
Q2. डिजिटल रुपया (e₹-R) किस तकनीक पर आधारित है?
- क्लाउड कंप्यूटिंग
- ब्लॉकचेन तकनीक
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- क्वांटम कंप्यूटिंग
Explanation: डिजिटल रुपया (e₹-R) एक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) है जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है। यह तकनीक सुरक्षित और विकेन्द्रीकृत लेनदेन सुनिश्चित करती है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता बढ़ती है।
Q3. डिजिटल रुपये के राष्ट्रव्यापी विस्तार के तहत कौन सी नई कार्यक्षमता पेश की गई है?
- अंतर्राष्ट्रीय स्टॉक ट्रेडिंग
- क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज एकीकरण
- ऑफ़लाइन लेनदेन क्षमता
- स्वचालित ऋण अनुमोदन
Explanation: डिजिटल रुपये के राष्ट्रव्यापी विस्तार के तहत एक महत्वपूर्ण नई कार्यक्षमता ऑफ़लाइन लेनदेन क्षमता है। यह उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट कनेक्टिविटी के बिना भी छोटे मूल्य के लेनदेन करने की अनुमति देगा, जो ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है।
Q4. भारत में डिजिटल रुपये को 'मुद्रा' की परिभाषा में शामिल करने के लिए किस अधिनियम में संशोधन किया गया है?
- बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949
- भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934
- कंपनी अधिनियम, 2013
- विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999
Explanation: भारत सरकार ने डिजिटल रुपये के कानूनी ढांचे को मजबूत करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 में आवश्यक संशोधन किए हैं। यह संशोधन डिजिटल रुपये को 'मुद्रा' की परिभाषा में शामिल करता है, जिससे इसकी कानूनी वैधता सुनिश्चित होती है।
Q5. डिजिटल रुपये के संभावित उपयोग के मामलों में से कौन सा अब राष्ट्रव्यापी विस्तार के तहत परीक्षण किया जा रहा है?
- अंतरिक्ष पर्यटन के लिए भुगतान
- सरकारी योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT)
- अंतर्राष्ट्रीय सैन्य खरीद
- पेट्रोलियम अन्वेषण लाइसेंसिंग
Explanation: डिजिटल रुपये के राष्ट्रव्यापी विस्तार के तहत, इसका उपयोग सरकारी योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) और कॉर्पोरेट वेतन भुगतान जैसे नए उपयोग के मामलों के लिए भी किया जा रहा है। यह सरकार को सब्सिडी और कल्याणकारी लाभों को अधिक कुशलता से वितरित करने में मदद करेगा।
How to Prepare Economy & Finance for Government Exams — भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डिजिटल रुपया पायलट परिय…
Track current Repo Rate, Inflation rate, and GDP growth. These three numbers appear in almost every banking exam.
Keep a running note of new schemes with their ministry, launch date, and target beneficiary group.
Focus on the Economic Survey and Union Budget highlights — these single documents generate dozens of exam questions.
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