ग्रामीण विकास और पंचायती राज: 'ग्राम समृद्धि योजना' का राष्ट्रीय विस्तार और स्थानीय शासन में नवाचार
भारत सरकार ने 21 मई, 2026 को 'ग्राम समृद्धि योजना' के राष्ट्रीय विस्तार की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास को बढ़ावा देना और पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाना है। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार सृजन करने और स्थानीय स्तर पर शासन में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित है। इसके तहत देश भर की ग्राम पंचायतों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत सरकार ने 21 मई, 2026 को 'ग्राम समृद्धि योजना' के राष्ट्रीय विस्तार की घोषणा की।
- इस योजना के लिए अगले पांच वर्षों (2026-2031) हेतु 1.5 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
- योजना का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, रोजगार सृजन करना और पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाना है।
- यह योजना देश की सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में लागू की जाएगी।
- प्रत्येक ग्राम पंचायत को उनकी आवश्यकताओं के आधार पर वार्षिक विकास योजनाएं बनाने के लिए सशक्त किया जाएगा।
- योजना के तहत, सामान्य राज्यों के लिए केंद्र-राज्य वित्त पोषण अनुपात 70:30 है, जबकि पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह 90:10 है।
- योजना के प्रमुख घटकों में कृषि विकास, ग्रामीण उद्यमिता, बुनियादी ढांचा और सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं।
- ग्राम सभा की भूमिका को योजना के कार्यान्वयन में केंद्रीय बनाया गया है, जो विकेंद्रीकृत योजना को बढ़ावा देगा।
- यह योजना 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 की भावना को मजबूत करती है, जिसने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया।
- योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक डिजिटल निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी।
- यह पहल 'आत्मनिर्भर ग्राम' के लक्ष्य को प्राप्त करने और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को पूरा करने में सहायक होगी।
Why In News
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 21 मई, 2026 को 'ग्राम समृद्धि योजना' के दूसरे चरण के राष्ट्रीय विस्तार की घोषणा की है। इस विस्तार में अगले पांच वर्षों के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम आवंटन शामिल है, जो ग्रामीण भारत में समावेशी विकास और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने के सरकार के संकल्प को दर्शाता है। यह घोषणा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पंचायती राज संस्थाओं को आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्थानीय विकास पहलों का नेतृत्व करने में सक्षम बनाने पर जोर देती है।
Syllabus Connection
स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के विकास, संरचना, कार्यों और चुनौतियों को समझना तथा जमीनी स्तर पर विकास में उनकी भूमिका का विश्लेषण करना। छात्रों को 73वें संशोधन और विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के बीच संबंध को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | 'ग्राम समृद्धि योजना' का राष्ट्रीय विस्तार। | विकेंद्रीकृत योजना और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने का महत्व। |
| कब | 21 मई, 2026 को घोषित; अगले 5 वर्षों (2026-2031) के लिए। | पंचायती राज के संवैधानिकरण के बाद से ग्रामीण विकास में मील का पत्थर। |
| बजट | 1.5 लाख करोड़ रुपये का आवंटन। | वित्तीय स्वायत्तता और क्षमता निर्माण के लिए संसाधनों का महत्व। |
| मुख्य उद्देश्य | ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन, पंचायती राज सशक्तिकरण। | सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और 'आत्मनिर्भर ग्राम' की अवधारणा से जुड़ाव। |
| संवैधानिक आधार | 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992; ग्यारहवीं अनुसूची। | पंचायतों की कार्यात्मक और वित्तीय स्वायत्तता की चुनौतियाँ और समाधान। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | High | 8–12 | UPSC tests implementation, target beneficiaries, and outcomes — not just scheme names. |
| State PCS / PSC | Very High | 6–10 | Both central and state schemes are tested extensively in state PCS papers. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Very High | 5–8 | Government schemes are one of the most tested topics in SSC CGL and CHSL GK sections. |
| Banking (IBPS / SBI) | High | 4–6 | Financial inclusion schemes, Jan Dhan, PMSBY, and credit guarantee schemes are key banking exam topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 4–7 | Central government welfare schemes are a consistent Railway GK topic. |
Key Facts to Remember: ग्रामीण विकास और पंचायती राज: 'ग्राम समृद्धि योजना' का राष्ट्रीय विस्तार और स्थानीय शासन में नवाचार
- भारत सरकार ने 21 मई, 2026 को 'ग्राम समृद्धि योजना' के राष्ट्रीय विस्तार की घोषणा की।
- इस योजना के लिए अगले पांच वर्षों (2026-2031) हेतु 1.5 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
- योजना का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, रोजगार सृजन करना और पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाना है।
- यह योजना देश की सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में लागू की जाएगी।
- प्रत्येक ग्राम पंचायत को उनकी आवश्यकताओं के आधार पर वार्षिक विकास योजनाएं बनाने के लिए सशक्त किया जाएगा।
- योजना के तहत, सामान्य राज्यों के लिए केंद्र-राज्य वित्त पोषण अनुपात 70:30 है, जबकि पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह 90:10 है।
- योजना के प्रमुख घटकों में कृषि विकास, ग्रामीण उद्यमिता, बुनियादी ढांचा और सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं।
- ग्राम सभा की भूमिका को योजना के कार्यान्वयन में केंद्रीय बनाया गया है, जो विकेंद्रीकृत योजना को बढ़ावा देगा।
- यह योजना 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 की भावना को मजबूत करती है, जिसने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया।
- योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक डिजिटल निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी।
- यह पहल 'आत्मनिर्भर ग्राम' के लक्ष्य को प्राप्त करने और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को पूरा करने में सहायक होगी।
Practice Questions
Q1. 'ग्राम समृद्धि योजना' के राष्ट्रीय विस्तार के तहत अगले पांच वर्षों (2026-2031) के लिए कुल कितना बजट आवंटित किया गया है?
- 1 लाख करोड़ रुपये
- 1.25 लाख करोड़ रुपये
- 1.5 लाख करोड़ रुपये
- 2 लाख करोड़ रुपये
Explanation: 'ग्राम समृद्धि योजना' के राष्ट्रीय विस्तार के लिए 2026-2031 की अवधि हेतु कुल 1.5 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह राशि ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न विकास पहलों को वित्तपोषित करने के लिए है, जिसमें कृषि, उद्यमिता और बुनियादी ढांचा शामिल है।
Q2. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संविधान में कौन सा भाग जोड़ा गया, जो पंचायती राज से संबंधित है?
- भाग VII
- भाग VIII
- भाग IX
- भाग X
Explanation: 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 ने संविधान में 'भाग IX' को जोड़ा, जिसमें अनुच्छेद 243 से 243O तक पंचायती राज संस्थाओं से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। इस संशोधन ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया।
Q3. 'ग्राम समृद्धि योजना' के तहत सामान्य राज्यों के लिए केंद्र और राज्य के बीच वित्त पोषण का अनुपात क्या है?
- 50:50
- 60:40
- 70:30
- 80:20
Explanation: 'ग्राम समृद्धि योजना' के तहत, सामान्य राज्यों के लिए केंद्र सरकार 70% वित्त पोषण प्रदान करेगी, जबकि राज्य सरकारों को शेष 30% का योगदान करना होगा। हालांकि, पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए केंद्र का योगदान 90% है।
Q4. निम्नलिखित में से किस समिति ने भारत में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की सिफारिश की थी?
- अशोक मेहता समिति
- एल.एम. सिंघवी समिति
- बलवंत राय मेहता समिति
- जी.वी.के. राव समिति
Explanation: बलवंत राय मेहता समिति (1957) ने भारत में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत, ब्लॉक स्तर पर पंचायत समिति और जिला स्तर पर जिला परिषद) की सिफारिश की थी। यह सिफारिश भारत में पंचायती राज के विकास की आधारशिला बनी।
Q5. भारतीय संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों के अधिकार क्षेत्र में कितने कार्यात्मक विषय सूचीबद्ध हैं?
- 18
- 29
- 32
- 36
Explanation: भारतीय संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 29 कार्यात्मक विषय सूचीबद्ध हैं। इन विषयों में कृषि, ग्रामीण विकास, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं, जिन पर पंचायतें योजना बना सकती हैं और उन्हें लागू कर सकती हैं।
How to Prepare Government Schemes for Government Exams — ग्रामीण विकास और पंचायती राज: 'ग्राम समृद्धि योजन…
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