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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार: वैश्विक चुनौतियों के लिए एक आवश्यक कदम

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है, क्योंकि वैश्विक समुदाय 21वीं सदी की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने वाली एक अधिक प्रतिनिधि और प्रभावी संस्था की आवश्यकता महसूस कर रहा है। सदस्य देश, विशेष रूप से भारत जैसे उभरते राष्ट्र, स्थायी और गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों में परिषद के विस्तार की वकालत कर रहे हैं ताकि यह वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सके।

2-Minute Summary (TL;DR)

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में 5 स्थायी सदस्य (P5) और 10 गैर-स्थायी सदस्य होते हैं।
  • P5 देश चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका हैं, जिनके पास वीटो शक्ति है।
  • गैर-स्थायी सदस्य महासभा द्वारा दो साल के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं।
  • UNSC की संरचना 1965 में गैर-स्थायी सदस्यों की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 करने के लिए संशोधित की गई थी।
  • भारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील G4 समूह के सदस्य हैं, जो UNSC में स्थायी सदस्यता के लिए एक-दूसरे का समर्थन करते हैं।
  • अफ्रीकी संघ UNSC में स्थायी और गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों में सीटों के विस्तार की मांग करता है, जिसमें अफ्रीका के लिए आरक्षित सीटें शामिल हैं।
  • 'यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस' (UfC) समूह, जिसे 'कॉफी क्लब' भी कहते हैं, स्थायी सदस्यता के विस्तार का विरोध करता है।
  • UNSC सुधारों के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 108 और 109 में संशोधन की आवश्यकता होती है।
  • भारत अपनी बढ़ती आर्थिक शक्ति, लोकतंत्र और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में योगदान के आधार पर स्थायी सदस्यता का दावा करता है।
  • वीटो शक्ति का बार-बार उपयोग UNSC की प्रभावशीलता और विश्वसनीयता को कम करता है।

Why In News

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 2026 के सत्र से पहले, UNSC सुधारों पर अंतर-सरकारी वार्ता (IGN) के एक नए दौर की शुरुआत हुई है। इस दौर में, कई प्रमुख सदस्य देशों ने स्थायी सदस्यता के लिए नए उम्मीदवारों को शामिल करने और वीटो शक्ति के उपयोग को विनियमित करने पर अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं, जिससे इस महत्वपूर्ण विषय पर वैश्विक बहस फिर से तेज हो गई है।

Syllabus Connection

अंतर्राष्ट्रीय संबंध (महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, एजेंसियां और मंच, उनकी संरचना और अधिदेश)

यह लेख संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना, कार्यप्रणाली, सुधारों की आवश्यकता और विभिन्न देशों के रुख को समझने में मदद करता है, जो वैश्विक शासन और भारत की विदेश नीति के लिए महत्वपूर्ण है।

Prelims vs Mains — What to Focus On

Aspect Prelims Mains
संरचना5 स्थायी सदस्य (P5) वीटो शक्ति के साथ, 10 गैर-स्थायी सदस्य (2 वर्ष)।द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की संरचना, वर्तमान भू-राजनीतिक वास्तविकताओं से असंगत।
सुधार की मांगप्रतिनिधित्व का अभाव, वीटो शक्ति का दुरुपयोग, बदलती वैश्विक चुनौतियां।वैश्विक वैधता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए आवश्यक, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का प्रतिबिंब।
भारत का रुखस्थायी सदस्यता का प्रबल दावेदार, G4 का सदस्य, वीटो सुधार का समर्थक।भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, 'ग्लोबल साउथ' की आवाज को मजबूत करने का प्रयास।
चुनौतियांP5 का वीटो, सदस्य देशों के बीच आम सहमति का अभाव।संयुक्त राष्ट्र चार्टर संशोधन की जटिल प्रक्रिया, राष्ट्रीय हितों का टकराव।
समूहों के विचारG4 (विस्तार), UfC (गैर-स्थायी विस्तार), अफ्रीकी संघ (आरक्षित सीटें)।विभिन्न भू-राजनीतिक हितों और क्षेत्रीय आकांक्षाओं का प्रतिबिंब।

How This Topic is Tested in Competitive Exams

ExamFrequencyApprox. MarksWhat Gets Asked
UPSC / State PCSVery High10–20International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential.
SSC (CGL / CHSL / MTS)Medium2–4International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK.
Banking (IBPS / SBI)Medium2–4G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams.
Railway (RRB NTPC / Group D)Medium2–4Summits, UN resolutions, and India's foreign policy are included in Railway GK.
State PCS / PSCMedium3–5State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties.

What to Memorize from This Topic

  • Summit venue, participating nations, key outcomes, and India's stand
  • Bilateral agreements: India + partner country, subject area, signing date
  • Multilateral organizations: new members, leadership changes, major resolutions
  • India's position on key global issues: UN voting, climate, trade
  • Indices: Global Peace Index, Press Freedom Index, India's rank and change

Practice Questions

Q1. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में कितने स्थायी सदस्य हैं?

  1. 10
  2. 7
  3. 5
  4. 15

Explanation: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं, जिनमें से 5 स्थायी सदस्य (P5) हैं। ये स्थायी सदस्य चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका हैं।

Q2. निम्नलिखित में से कौन सा देश G4 समूह का सदस्य नहीं है, जो UNSC में स्थायी सदस्यता की वकालत करता है?

  1. भारत
  2. जर्मनी
  3. जापान
  4. इटली

Explanation: G4 समूह में भारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील शामिल हैं। ये देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए एक-दूसरे की बोली का समर्थन करते हैं। इटली 'यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस' (UfC) समूह का सदस्य है, जो स्थायी सदस्यता के विस्तार का विरोध करता है।

Q3. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के गैर-स्थायी सदस्यों का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?

  1. 1 वर्ष
  2. 2 वर्ष
  3. 3 वर्ष
  4. 4 वर्ष

Explanation: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 10 गैर-स्थायी सदस्यों को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दो साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है। ये सदस्य क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के आधार पर चुने जाते हैं।

Q4. संयुक्त राष्ट्र चार्टर के किस अनुच्छेद में UNSC सुधारों के लिए संशोधन प्रक्रिया का वर्णन किया गया है?

  1. अनुच्छेद 51
  2. अनुच्छेद 108
  3. अनुच्छेद 27
  4. अनुच्छेद 99

Explanation: संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय XVIII के अनुच्छेद 108 और 109 में चार्टर में संशोधन की प्रक्रिया का वर्णन किया गया है। अनुच्छेद 108 के अनुसार, किसी भी संशोधन को महासभा के दो-तिहाई बहुमत और सभी P5 सदस्यों सहित संयुक्त राष्ट्र के दो-तिहाई सदस्यों द्वारा अनुसमर्थित किया जाना चाहिए।

Q5. 'यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस' (UfC) समूह का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. स्थायी सदस्यता का विस्तार करना
  2. वीटो शक्ति को समाप्त करना
  3. स्थायी सदस्यता के विस्तार का विरोध करना और गैर-स्थायी सीटों को बढ़ाना
  4. संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में अधिक योगदान देना

Explanation: 'यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस' (UfC) समूह, जिसे 'कॉफी क्लब' भी कहा जाता है, स्थायी सदस्यता के किसी भी विस्तार का विरोध करता है। इसके बजाय, वे गैर-स्थायी सीटों की संख्या बढ़ाने और उनके कार्यकाल को लंबा करने का प्रस्ताव करते हैं।

How to Prepare International Affairs for Government Exams

Focus on India-centric news — India's bilateral visits, MoUs signed, and positions in international bodies. This is what domestic exams test.

For UPSC, understand geopolitical context: Why does India take a particular position? What is India's strategic interest?

Keep a running note of all G20, SCO, BRICS, and QUAD-related outcomes. These bodies generate 3–5 questions per major exam cycle.

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