संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधारों पर उच्च-स्तरीय चर्चा: वैश्विक शासन में भारत की भूमिका
12 मई, 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में सुरक्षा परिषद के सुधारों पर एक उच्च-स्तरीय चर्चा आयोजित की गई, जिसमें स्थायी और गैर-स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने तथा वीटो शक्ति के दुरुपयोग को रोकने पर विशेष ध्यान दिया गया। भारत ने इस चर्चा में अपनी स्थायी सदस्यता की दावेदारी को मजबूती से प्रस्तुत किया, वैश्विक चुनौतियों के समाधान में अधिक समावेशी और प्रभावी परिषद की आवश्यकता पर जोर दिया।
2-Minute Summary (TL;DR)
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्थापना 1945 में हुई थी और इसमें 5 स्थायी तथा 10 गैर-स्थायी सदस्य होते हैं।
- स्थायी सदस्यों के पास वीटो शक्ति होती है, जो उन्हें किसी भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव को अवरुद्ध करने की अनुमति देती है।
- सुरक्षा परिषद की संरचना में अंतिम बदलाव 1965 में हुआ था, जब गैर-स्थायी सदस्यों की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 की गई थी।
- 12 मई, 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में सुरक्षा परिषद सुधारों पर एक उच्च-स्तरीय चर्चा आयोजित की गई।
- चर्चा के मुख्य बिंदु स्थायी और गैर-स्थायी सदस्यों की संख्या में विस्तार तथा वीटो शक्ति के उपयोग पर प्रतिबंध थे।
- भारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील (G4 राष्ट्र) स्थायी सदस्यता के लिए प्रमुख दावेदार हैं।
- 'यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस' (UFC) समूह केवल गैर-स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव करता है।
- भारत ने अपनी 1.4 अरब से अधिक आबादी, आर्थिक शक्ति और शांति अभियानों में योगदान के आधार पर स्थायी सदस्यता की मांग की है।
- संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 23, 27, 108 और 109 परिषद की संरचना, मतदान और संशोधन प्रक्रिया से संबंधित हैं।
- अफ्रीकी संघ (AU) ने एज़ुलविनी कंसेंसस के माध्यम से दो स्थायी और पांच गैर-स्थायी सीटों के विस्तार की मांग की है।
- सुधार प्रक्रिया दशकों से अंतर-सरकारी वार्ता (IGN) के माध्यम से चल रही है, लेकिन आम सहमति का अभाव है।
Why In News
संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ (2025) के करीब आने के साथ, वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में आए बड़े बदलावों के मद्देनजर सुरक्षा परिषद के सुधारों की मांग तेज हो गई है। 12 मई, 2026 को महासभा में आयोजित यह विशेष सत्र इन सुधारों को गति देने और सदस्य देशों के बीच आम सहमति बनाने के उद्देश्य से बुलाया गया था, जिससे यह मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
Syllabus Connection
यह समाचार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधारों, वैश्विक शासन में भारत की भूमिका और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के कार्यप्रणाली से संबंधित है। छात्रों को UNSC की संरचना, वीटो शक्ति, विभिन्न सुधार प्रस्तावों और भारत की विदेश नीति में बहुपक्षवाद के महत्व को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | UNSC सुधारों पर उच्च-स्तरीय चर्चा | वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों के संदर्भ में UNSC की प्रासंगिकता और प्रतिनिधित्व का मुद्दा। |
| कब | 12 मई, 2026 | संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ के करीब सुधारों की बढ़ती तात्कालिकता। |
| कौन | संयुक्त राष्ट्र महासभा, G4, UFC समूह, P5 सदस्य | विभिन्न हितधारकों के दृष्टिकोण, उनके तर्क और सुधार प्रक्रिया में उनकी भूमिका। |
| क्यों | 21वीं सदी की वास्तविकताओं का प्रतिनिधित्व, वीटो शक्ति का दुरुपयोग | वैश्विक शासन में वैधता, प्रभावशीलता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता। |
| भारत की स्थिति | स्थायी सदस्यता की मांग, G4 का हिस्सा | भारत की वैश्विक आकांक्षाएं, बहुपक्षवाद के प्रति प्रतिबद्धता और विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Medium | 2–4 | Summits, UN resolutions, and India's foreign policy are included in Railway GK. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties. |
What to Memorize from This Topic
- Summit venue, participating nations, key outcomes, and India's stand
- Bilateral agreements: India + partner country, subject area, signing date
- Multilateral organizations: new members, leadership changes, major resolutions
- India's position on key global issues: UN voting, climate, trade
- Indices: Global Peace Index, Press Freedom Index, India's rank and change
Practice Questions
Q1. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: <br>1. UNSC में 5 स्थायी सदस्य और 15 गैर-स्थायी सदस्य होते हैं।<br>2. स्थायी सदस्यों के पास वीटो शक्ति होती है।<br>3. गैर-स्थायी सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है।<br>उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 2
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
Explanation: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 5 स्थायी सदस्य और 10 गैर-स्थायी सदस्य होते हैं, न कि 15। गैर-स्थायी सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष का होता है। स्थायी सदस्यों के पास वीटो शक्ति होती है, इसलिए केवल कथन 2 सही है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा देश G4 समूह का सदस्य नहीं है, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग कर रहा है?
- भारत
- जर्मनी
- जापान
- इटली
Explanation: G4 समूह में भारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील शामिल हैं। इटली 'यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस' (UFC) समूह का सदस्य है, जो स्थायी सदस्यता के विस्तार का विरोध करता है।
Q3. संयुक्त राष्ट्र चार्टर का कौन सा अनुच्छेद सुरक्षा परिषद में मतदान प्रक्रिया और स्थायी सदस्यों की वीटो शक्ति से संबंधित है?
- अनुच्छेद 23
- अनुच्छेद 27
- अनुच्छेद 108
- अनुच्छेद 109
Explanation: संयुक्त राष्ट्र चार्टर का अनुच्छेद 27 सुरक्षा परिषद में मतदान प्रक्रिया और स्थायी सदस्यों की वीटो शक्ति से संबंधित है। अनुच्छेद 23 परिषद की सदस्यता को परिभाषित करता है, जबकि अनुच्छेद 108 और 109 चार्टर में संशोधन की प्रक्रिया का वर्णन करते हैं।
Q4. यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस (UFC) समूह, जिसे 'कॉफी क्लब' के नाम से भी जाना जाता है, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधारों के संबंध में किस स्थिति का समर्थन करता है?
- स्थायी और गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार
- केवल गैर-स्थायी सदस्यों की संख्या में विस्तार
- नए स्थायी सदस्यों को वीटो शक्ति प्रदान करना
- स्थायी सदस्यों की संख्या में कमी
Explanation: UFC समूह केवल गैर-स्थायी सदस्यों की संख्या में विस्तार का समर्थन करता है और स्थायी सदस्यों की संख्या में किसी भी वृद्धि का विरोध करता है। उनका तर्क है कि स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने से परिषद की अक्षमता बढ़ेगी।
Q5. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना में अंतिम बार कब बदलाव किया गया था?
- 1945
- 1955
- 1965
- 1975
Explanation: सुरक्षा परिषद की संरचना में अंतिम बार 1965 में बदलाव किया गया था, जब गैर-स्थायी सदस्यों की संख्या छह से बढ़ाकर दस कर दी गई थी। तब से, इसकी संरचना अपरिवर्तित रही है।
How to Prepare International Affairs for Government Exams
Focus on India-centric news — India's bilateral visits, MoUs signed, and positions in international bodies. This is what domestic exams test.
For UPSC, understand geopolitical context: Why does India take a particular position? What is India's strategic interest?
Keep a running note of all G20, SCO, BRICS, and QUAD-related outcomes. These bodies generate 3–5 questions per major exam cycle.
Related Current Affairs
Test Your Knowledge on Today's Current Affairs
10 questions · 10 minutes · Based on today's GK updates. See how prepared you really are.
Start Daily Quiz