भारतीय कृषि पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव: सरकार ने नई राष्ट्रीय अनुकूलन रणनीति जारी की
भारत सरकार ने 23 मई 2026 को भारतीय कृषि पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों से निपटने के लिए एक नई 'राष्ट्रीय अनुकूलन रणनीति' (National Adaptation Strategy) जारी की। यह रणनीति जलवायु-लचीली फसलों के विकास, जल प्रबंधन में सुधार, किसानों को बीमा कवरेज प्रदान करने और कृषि पद्धतियों में नवाचार को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के कारण खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले जोखिमों को कम करना और किसानों की आय को स्थिर करना है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत सरकार ने 23 मई 2026 को भारतीय कृषि के लिए नई 'राष्ट्रीय अनुकूलन रणनीति' (NAS) जारी की।
- रणनीति का उद्देश्य भारतीय कृषि पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना है।
- इसे कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय तथा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने संयुक्त रूप से जारी किया।
- रणनीति जलवायु-लचीली फसलों के अनुसंधान और विकास को प्राथमिकता देती है।
- जल प्रबंधन में सुधार के लिए आधुनिक सिंचाई तकनीकों और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दिया जाएगा।
- किसानों को जलवायु जोखिमों से बचाने के लिए फसल बीमा कवरेज बढ़ाया जाएगा।
- रणनीति में सटीक कृषि, एकीकृत कीट प्रबंधन और जैविक खेती जैसी जलवायु-स्मार्ट पद्धतियों को शामिल किया गया है।
- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत जलवायु परिवर्तन अनुसंधान केंद्रों को मजबूत किया जाएगा।
- रणनीति कृषि-वानिकी और समुदाय-आधारित अनुकूलन पहलों को भी बढ़ावा देती है।
- यह रणनीति राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (NAPCC) के 'राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन' (NMSA) का विस्तार है।
- इसका लक्ष्य खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसानों की आय को स्थिर करना है।
- रणनीति संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDG 2 और SDG 13) को प्राप्त करने में योगदान देगी।
Why In News
भारत सरकार ने 23 मई 2026 को भारतीय कृषि पर जलवायु परिवर्तन के गंभीर और बढ़ते प्रभावों पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है, जिसके साथ ही एक नई 'राष्ट्रीय अनुकूलन रणनीति' का अनावरण किया गया है। यह कदम देश की खाद्य सुरक्षा और लाखों किसानों की आजीविका को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता को दर्शाता है।
Syllabus Connection
यह समाचार जलवायु परिवर्तन के कृषि पर पड़ने वाले प्रभावों और भारत की अनुकूलन रणनीतियों पर केंद्रित है। छात्रों को जलवायु परिवर्तन के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों, खाद्य सुरक्षा चुनौतियों और सतत कृषि पद्धतियों को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | राष्ट्रीय अनुकूलन रणनीति (NAS) | जलवायु परिवर्तन के कृषि पर प्रभावों को कम करने के लिए एक व्यापक, बहु-आयामी दृष्टिकोण। |
| कब | 23 मई 2026 को जारी | बढ़ते जलवायु जोखिमों और खाद्य सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर तत्काल नीतिगत प्रतिक्रिया। |
| उद्देश्य | खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय | जलवायु-लचीली कृषि प्रणालियों का निर्माण और ग्रामीण आजीविका की स्थिरता सुनिश्चित करना। |
| प्रमुख घटक | जलवायु-लचीली फसलें, जल प्रबंधन, बीमा | अनुसंधान, बुनियादी ढांचा, क्षमता निर्माण और नीतिगत समर्थन का एक एकीकृत ढांचा। |
| महत्व | जलवायु परिवर्तन अनुकूलन | भारत के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और पेरिस समझौते की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में योगदान। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
Key Facts to Remember: भारतीय कृषि पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव: सरकार ने नई राष्ट्रीय अनुकूलन रणनीति जारी की
- भारत सरकार ने 23 मई 2026 को भारतीय कृषि के लिए नई 'राष्ट्रीय अनुकूलन रणनीति' (NAS) जारी की।
- रणनीति का उद्देश्य भारतीय कृषि पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना है।
- इसे कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय तथा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने संयुक्त रूप से जारी किया।
- रणनीति जलवायु-लचीली फसलों के अनुसंधान और विकास को प्राथमिकता देती है।
- जल प्रबंधन में सुधार के लिए आधुनिक सिंचाई तकनीकों और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दिया जाएगा।
- किसानों को जलवायु जोखिमों से बचाने के लिए फसल बीमा कवरेज बढ़ाया जाएगा।
- रणनीति में सटीक कृषि, एकीकृत कीट प्रबंधन और जैविक खेती जैसी जलवायु-स्मार्ट पद्धतियों को शामिल किया गया है।
- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत जलवायु परिवर्तन अनुसंधान केंद्रों को मजबूत किया जाएगा।
- रणनीति कृषि-वानिकी और समुदाय-आधारित अनुकूलन पहलों को भी बढ़ावा देती है।
- यह रणनीति राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (NAPCC) के 'राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन' (NMSA) का विस्तार है।
- इसका लक्ष्य खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसानों की आय को स्थिर करना है।
- रणनीति संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDG 2 और SDG 13) को प्राप्त करने में योगदान देगी।
Practice Questions
Q1. भारत सरकार द्वारा 23 मई 2026 को जारी की गई नई 'राष्ट्रीय अनुकूलन रणनीति' का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- केवल औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करना
- भारतीय कृषि पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना
- शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति में सुधार करना
- वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देना
Explanation: नई 'राष्ट्रीय अनुकूलन रणनीति' का मुख्य उद्देश्य भारतीय कृषि पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों से निपटना है। इसका लक्ष्य जलवायु-लचीली फसलों, बेहतर जल प्रबंधन और किसानों को बीमा कवरेज के माध्यम से खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका को सुनिश्चित करना है।
Q2. यह रणनीति किन दो मंत्रालयों के संयुक्त तत्वावधान में जारी की गई है?
- वित्त मंत्रालय और गृह मंत्रालय
- कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय तथा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय
- स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा शिक्षा मंत्रालय
Explanation: यह रणनीति कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय तथा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में जारी की गई है। यह दोनों मंत्रालय जलवायु परिवर्तन के कृषि पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
Q3. नई रणनीति के तहत किस प्रकार की फसलों के अनुसंधान और विकास को प्राथमिकता दी जाएगी?
- केवल नकदी फसलें
- केवल बागवानी फसलें
- जलवायु-लचीली फसलें
- केवल निर्यात-उन्मुख फसलें
Explanation: रणनीति के तहत, सूखा-प्रतिरोधी, बाढ़-सहिष्णु और उच्च तापमान-सहिष्णु जैसी जलवायु-लचीली फसलों और किस्मों के अनुसंधान और विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। यह भारतीय कृषि को बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल बनाने में मदद करेगा।
Q4. भारत में 'राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना' (NAPCC) किस वर्ष शुरू की गई थी?
- 2005
- 2008
- 2010
- 2012
Explanation: भारत में 'राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना' (NAPCC) वर्ष 2008 में शुरू की गई थी। इसमें जलवायु परिवर्तन के विभिन्न पहलुओं से निपटने के लिए आठ राष्ट्रीय मिशन शामिल हैं, जिनमें 'राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन' भी है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सी एक जलवायु-स्मार्ट कृषि पद्धति नहीं है, जिसका उल्लेख रणनीति में किया गया है?
- सटीक कृषि
- एकीकृत कीट प्रबंधन
- जैविक खेती
- झूम खेती
Explanation: सटीक कृषि, एकीकृत कीट प्रबंधन और जैविक खेती जलवायु-स्मार्ट कृषि पद्धतियां हैं जो रणनीति में शामिल हैं। झूम खेती (स्थानांतरण कृषि) एक पारंपरिक पद्धति है जिसे अक्सर वनों की कटाई और मिट्टी के क्षरण से जोड़ा जाता है, और यह जलवायु-स्मार्ट नहीं मानी जाती है।
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