भारत ने 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति 2026' का अनावरण किया: स्वच्छ ऊर्जा भविष्य की ओर एक बड़ा कदम
भारत सरकार ने 24 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति 2026' का अनावरण किया, जिसका उद्देश्य देश को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है। यह रणनीति 2030 तक 5 मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करने और जीवाश्म ईंधन आयात पर निर्भरता कम करने पर केंद्रित है। इसका लक्ष्य भारत को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों को पूरा करना है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत ने 24 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति 2026' का अनावरण किया।
- रणनीति का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन टन (MT) ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है।
- यह रणनीति नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा जारी की गई है।
- लक्ष्य प्राप्ति के लिए लगभग 125 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की आवश्यकता होगी।
- सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलिसिस विनिर्माण के लिए ₹17,490 करोड़ की PLI योजना की घोषणा की है।
- इस पहल से 2030 तक ₹8 लाख करोड़ से अधिक का निवेश और लगभग 6 लाख रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
- ग्रीन हाइड्रोजन का उपयोग मुख्य रूप से उर्वरक, रिफाइनरी, इस्पात और भारी परिवहन जैसे क्षेत्रों में होगा।
- भारत का लक्ष्य 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन प्राप्त करना है, जिसमें यह रणनीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- रणनीति का उद्देश्य भारत को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है।
- भारत 2030 तक ग्रीन हाइड्रोजन की उत्पादन लागत को $1 प्रति किलोग्राम से नीचे लाने का लक्ष्य रखता है।
Why In News
भारत सरकार ने 24 मई, 2026 को औपचारिक रूप से 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति 2026' का अनावरण किया, जो देश के ऊर्जा परिदृश्य को बदलने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत ढांचा प्रस्तुत करती है। यह अनावरण भारत के 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक ठोस कदम है और वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए एक रोडमैप प्रदान करता है।
Syllabus Connection
यह समाचार भारत की ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन शमन लक्ष्यों और नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण से संबंधित है। छात्रों को ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग, आर्थिक प्रभावों और भारत के शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों के साथ इसके संबंध को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति 2026 | भारत को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाने की व्यापक नीति। |
| कब | 24 मई, 2026 को अनावरण | भारत के 2070 शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर। |
| लक्ष्य | 2030 तक 5 MT ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन | ऊर्जा सुरक्षा, जीवाश्म ईंधन आयात में कमी, और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना। |
| निवेश/रोजगार | ₹8 लाख करोड़+ निवेश, 6 लाख रोजगार | हरित अर्थव्यवस्था में बड़े पैमाने पर आर्थिक अवसर और कौशल विकास की आवश्यकता। |
| महत्व | नवीकरणीय ऊर्जा से हाइड्रोजन उत्पादन | डीकार्बोनाइजेशन, ऊर्जा स्वतंत्रता और वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा नेतृत्व में भारत की भूमिका। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–3 | Climate finance, green bonds, and ESG ratings are occasionally tested in banking exams. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
Key Facts to Remember: भारत ने 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति 2026' का अनावरण किया: स्वच्छ ऊर्जा भविष्य की ओर एक बड़ा कदम
- भारत ने 24 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति 2026' का अनावरण किया।
- रणनीति का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन टन (MT) ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है।
- यह रणनीति नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा जारी की गई है।
- लक्ष्य प्राप्ति के लिए लगभग 125 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की आवश्यकता होगी।
- सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलिसिस विनिर्माण के लिए ₹17,490 करोड़ की PLI योजना की घोषणा की है।
- इस पहल से 2030 तक ₹8 लाख करोड़ से अधिक का निवेश और लगभग 6 लाख रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
- ग्रीन हाइड्रोजन का उपयोग मुख्य रूप से उर्वरक, रिफाइनरी, इस्पात और भारी परिवहन जैसे क्षेत्रों में होगा।
- भारत का लक्ष्य 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन प्राप्त करना है, जिसमें यह रणनीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- रणनीति का उद्देश्य भारत को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है।
- भारत 2030 तक ग्रीन हाइड्रोजन की उत्पादन लागत को $1 प्रति किलोग्राम से नीचे लाने का लक्ष्य रखता है।
Practice Questions
Q1. भारत की 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति 2026' का मुख्य लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष कितने मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है?
- 2 मिलियन टन
- 3 मिलियन टन
- 5 मिलियन टन
- 10 मिलियन टन
Explanation: भारत की 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति 2026' का एक प्रमुख लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है। यह लक्ष्य भारत को ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह रणनीति देश की ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक होगी।
Q2. 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति 2026' किस मंत्रालय द्वारा जारी की गई है?
- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- भारी उद्योग मंत्रालय
Explanation: 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति 2026' को नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा तैयार और जारी किया गया है। यह मंत्रालय भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के विकास और कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है, और ग्रीन हाइड्रोजन को स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में देखता है।
Q3. ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन में किस प्रकार की ऊर्जा का उपयोग किया जाता है?
- जीवाश्म ईंधन
- परमाणु ऊर्जा
- नवीकरणीय ऊर्जा
- कोयला आधारित ऊर्जा
Explanation: ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, जैसे सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा, का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया में कोई ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन नहीं होता है, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा वाहक बन जाता है। यह इसे अन्य प्रकार के हाइड्रोजन (जैसे ग्रे या ब्लू हाइड्रोजन) से अलग करता है, जो जीवाश्म ईंधन से उत्पादित होते हैं।
Q4. भारत ने किस वर्ष तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य निर्धारित किया है?
- 2030
- 2040
- 2050
- 2070
Explanation: भारत ने COP26 ग्लासगो शिखर सम्मेलन में प्रधान मंत्री द्वारा घोषित 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति 2026' इस लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, क्योंकि यह जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करने और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
Q5. राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति के तहत, ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए किस प्रकार की प्रोत्साहन योजना की घोषणा की गई है?
- निर्यात-लिंक्ड प्रोत्साहन (ELI)
- आयात-लिंक्ड प्रोत्साहन (ILI)
- उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI)
- उपभोग-लिंक्ड प्रोत्साहन (CLI)
Explanation: सरकार ने 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति 2026' के तहत ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलिसिस विनिर्माण के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं की घोषणा की है। इन योजनाओं का उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना, लागत कम करना और इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना है, जिससे भारत ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सके।
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