ISRO ने अगली पीढ़ी के संचार उपग्रह GSAT-24R का सफल प्रक्षेपण किया: भारत की संचार क्षमताओं को मजबूती
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 23 मई, 2026 को फ्रेंच गुयाना के कौरू से एरियन-5 प्रक्षेपण यान का उपयोग करके अगली पीढ़ी के संचार उपग्रह GSAT-24R का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। यह उपग्रह भारत की संचार आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उच्च-गुणवत्ता वाली टेलीविजन, दूरसंचार और डेटा सेवाएं प्रदान करेगा, जिससे देश की डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।
2-Minute Summary (TL;DR)
- ISRO ने 23 मई, 2026 को फ्रेंच गुयाना के कौरू से एरियन-5 प्रक्षेपण यान का उपयोग करके GSAT-24R का सफल प्रक्षेपण किया।
- GSAT-24R एक अगली पीढ़ी का संचार उपग्रह है जिसका वजन 4,180 किलोग्राम है।
- यह उपग्रह भू-स्थिर कक्षा (Geosynchronous Orbit) में स्थापित किया गया है और इसका जीवनकाल 15 वर्ष होने का अनुमान है।
- GSAT-24R C-बैंड ट्रांसपोंडर से लैस है, जो उच्च-थ्रूपुट संचार सेवाएं प्रदान करता है।
- इसका मुख्य उद्देश्य डायरेक्ट-टू-होम (DTH) टेलीविजन, दूरसंचार नेटवर्क और डेटा संचार सेवाओं को मजबूत करना है।
- यह उपग्रह ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- ISRO की स्थापना 15 अगस्त, 1969 को हुई थी।
- भारत ने 1980 के दशक में इन्सैट (INSAT) श्रृंखला के साथ अपने संचार उपग्रहों का युग शुरू किया था।
- यह प्रक्षेपण भारत की 'डिजिटल इंडिया' पहल और राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति 2023 के अनुरूप है।
- न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) ISRO के वाणिज्यिक शाखा के रूप में कार्य करता है और ऐसे प्रक्षेपणों में भूमिका निभाता है।
Why In News
ISRO ने 23 मई, 2026 को अपने नवीनतम और सबसे उन्नत संचार उपग्रहों में से एक, GSAT-24R का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है। यह प्रक्षेपण भारत की बढ़ती संचार बैंडविड्थ आवश्यकताओं को पूरा करने और देश भर में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए।
Syllabus Connection
यह समाचार भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में नवीनतम प्रगति, विशेष रूप से संचार उपग्रह प्रौद्योगिकी के विकास से संबंधित है। छात्रों को ISRO की भूमिका, विभिन्न प्रकार के उपग्रहों, उनके अनुप्रयोगों और भारत की अंतरिक्ष नीति का अध्ययन करना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | ISRO द्वारा GSAT-24R संचार उपग्रह का सफल प्रक्षेपण। | भारत की संचार अवसंरचना, डिजिटल इंडिया पहल और अंतरिक्ष कूटनीति पर इसका प्रभाव। |
| कब | 23 मई, 2026। | भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में इस प्रक्षेपण के समय और महत्व का विश्लेषण। |
| प्रक्षेपण यान | एरियन-5 (एरियनस्पेस, फ्रेंच गुयाना से)। | भारी उपग्रहों के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रक्षेपण सेवाओं पर भारत की निर्भरता और स्वदेशी क्षमताओं का विकास। |
| उद्देश्य | DTH, दूरसंचार, डेटा सेवाएं, ग्रामीण कनेक्टिविटी। | संचार उपग्रहों की सामाजिक-आर्थिक भूमिका और डिजिटल विभाजन को पाटने में उनका योगदान। |
| तकनीकी पहलू | 4,180 किग्रा, भू-स्थिर कक्षा, C-बैंड ट्रांसपोंडर, 15 वर्ष जीवनकाल। | संचार उपग्रहों की तकनीकी विशिष्टताएं और विभिन्न बैंडविड्थ के अनुप्रयोगों का महत्व। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| Banking (IBPS / SBI) | Low | 1–2 | Occasionally tested via banking technology, fintech, or climate-science crossovers. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | Space missions, defence acquisitions, and health research appear regularly. |
Key Facts to Remember: ISRO ने अगली पीढ़ी के संचार उपग्रह GSAT-24R का सफल प्रक्षेपण किया: भारत की संचार क्षमताओं को मजबूती
- ISRO ने 23 मई, 2026 को फ्रेंच गुयाना के कौरू से एरियन-5 प्रक्षेपण यान का उपयोग करके GSAT-24R का सफल प्रक्षेपण किया।
- GSAT-24R एक अगली पीढ़ी का संचार उपग्रह है जिसका वजन 4,180 किलोग्राम है।
- यह उपग्रह भू-स्थिर कक्षा (Geosynchronous Orbit) में स्थापित किया गया है और इसका जीवनकाल 15 वर्ष होने का अनुमान है।
- GSAT-24R C-बैंड ट्रांसपोंडर से लैस है, जो उच्च-थ्रूपुट संचार सेवाएं प्रदान करता है।
- इसका मुख्य उद्देश्य डायरेक्ट-टू-होम (DTH) टेलीविजन, दूरसंचार नेटवर्क और डेटा संचार सेवाओं को मजबूत करना है।
- यह उपग्रह ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- ISRO की स्थापना 15 अगस्त, 1969 को हुई थी।
- भारत ने 1980 के दशक में इन्सैट (INSAT) श्रृंखला के साथ अपने संचार उपग्रहों का युग शुरू किया था।
- यह प्रक्षेपण भारत की 'डिजिटल इंडिया' पहल और राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति 2023 के अनुरूप है।
- न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) ISRO के वाणिज्यिक शाखा के रूप में कार्य करता है और ऐसे प्रक्षेपणों में भूमिका निभाता है।
Practice Questions
Q1. GSAT-24R उपग्रह का प्रक्षेपण किस प्रक्षेपण यान का उपयोग करके किया गया था?
- PSLV
- GSLV-Mk III
- एरियन-5
- फाल्कन 9
Explanation: GSAT-24R उपग्रह का प्रक्षेपण फ्रेंच गुयाना के कौरू से एरियनस्पेस के एरियन-5 प्रक्षेपण यान का उपयोग करके किया गया था। एरियन-5 भारी उपग्रहों को भू-स्थिर कक्षा में स्थापित करने के लिए एक विश्वसनीय विकल्प है।
Q2. GSAT-24R उपग्रह को किस प्रकार की कक्षा में स्थापित किया गया है?
- निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO)
- ध्रुवीय कक्षा (Polar Orbit)
- भू-स्थिर कक्षा (Geosynchronous Orbit)
- सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा (Sun-synchronous Orbit)
Explanation: GSAT-24R एक संचार उपग्रह है, और संचार उपग्रहों को आमतौर पर भू-स्थिर कक्षा (Geosynchronous Orbit) में स्थापित किया जाता है। इस कक्षा में उपग्रह पृथ्वी के एक ही स्थान के ऊपर स्थिर प्रतीत होता है, जिससे लगातार संचार सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं।
Q3. GSAT-24R उपग्रह का अनुमानित जीवनकाल कितने वर्ष है?
- 5 वर्ष
- 10 वर्ष
- 15 वर्ष
- 20 वर्ष
Explanation: GSAT-24R उपग्रह का अनुमानित जीवनकाल 15 वर्ष है। संचार उपग्रहों को आमतौर पर लंबी अवधि के लिए डिज़ाइन किया जाता है ताकि वे विश्वसनीय और निरंतर सेवाएं प्रदान कर सकें।
Q4. ISRO की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- 1959
- 1962
- 1969
- 1972
Explanation: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की स्थापना 15 अगस्त, 1969 को हुई थी। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का विकास और उसके अनुप्रयोगों के माध्यम से राष्ट्र की सेवा करना है।
Q5. GSAT-24R उपग्रह मुख्य रूप से किस प्रकार की सेवाओं को मजबूत करेगा?
- पृथ्वी अवलोकन और मौसम पूर्वानुमान
- नेविगेशन और जीपीएस सेवाएं
- डायरेक्ट-टू-होम (DTH) टेलीविजन और दूरसंचार
- वैज्ञानिक अनुसंधान और खगोल विज्ञान
Explanation: GSAT-24R एक संचार उपग्रह है, और इसका मुख्य उद्देश्य DTH टेलीविजन सेवाओं, दूरसंचार नेटवर्क और डेटा संचार को मजबूत करना है। यह भारत की डिजिटल कनेक्टिविटी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — ISRO ने अगली पीढ़ी के संचार उपग्रह GSAT-24R का सफ…
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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