हरित संक्रमण पर दिल्ली घोषणा: भारत की अध्यक्षता में वैश्विक जलवायु एजेंडा को नई दिशा
भारत की अध्यक्षता में आयोजित 'जलवायु परिवर्तन और सतत विकास शिखर सम्मेलन 2026' में 'हरित संक्रमण पर दिल्ली घोषणा' को सर्वसम्मति से अपनाया गया। इस घोषणापत्र का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना, जलवायु वित्तपोषण में वृद्धि करना और विकासशील देशों को हरित प्रौद्योगिकियों तक पहुंच सुनिश्चित कराना है। यह वैश्विक जलवायु कार्रवाई को तेज करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत की अध्यक्षता में 'जलवायु परिवर्तन और सतत विकास शिखर सम्मेलन 2026' नई दिल्ली में संपन्न हुआ।
- 'हरित संक्रमण पर दिल्ली घोषणा' को शिखर सम्मेलन में सर्वसम्मति से अपनाया गया।
- घोषणापत्र का लक्ष्य 2040 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करना है।
- विकसित देशों ने 2030 तक जलवायु वित्तपोषण को 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष तक बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
- विकासशील देशों के लिए हरित प्रौद्योगिकियों तक पहुंच हेतु वैश्विक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव है।
- घोषणापत्र कार्बन मूल्य निर्धारण तंत्रों को लागू करने या मजबूत करने पर जोर देता है।
- भारत का लक्ष्य 2030 तक अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त करना है।
- भारत ने 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- यह घोषणापत्र जलवायु-लचीले बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देता है।
Why In News
भारत ने 1 जून, 2026 को नई दिल्ली में संपन्न हुए 'जलवायु परिवर्तन और सतत विकास शिखर सम्मेलन' की सफलतापूर्वक मेजबानी की, जिसके समापन पर 'हरित संक्रमण पर दिल्ली घोषणा' को अपनाया गया। यह घोषणापत्र वैश्विक जलवायु परिवर्तन से निपटने और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सदस्य देशों की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है, जिससे यह तत्काल चर्चा का विषय बन गया है।
Syllabus Connection
यह समाचार वैश्विक जलवायु परिवर्तन कूटनीति, अंतर्राष्ट्रीय समझौतों (जैसे पेरिस समझौता) और भारत की भूमिका पर केंद्रित है। छात्रों को UNFCCC, COP सम्मेलनों और जलवायु वित्तपोषण जैसे अवधारणाओं को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | 'हरित संक्रमण पर दिल्ली घोषणा' को अपनाया गया। | वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में घोषणा का महत्व और चुनौतियाँ। |
| कब | 1 जून, 2026 को 'जलवायु परिवर्तन और सतत विकास शिखर सम्मेलन' के समापन पर। | ऐतिहासिक जलवायु समझौतों (क्योटो, पेरिस) के संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता। |
| कौन | भारत की अध्यक्षता में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। | विकासशील देशों और विकसित देशों के बीच जलवायु वित्तपोषण पर मतभेद। |
| मुख्य बिंदु | नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करना, जलवायु वित्तपोषण बढ़ाना, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण। | घोषणापत्र के प्रावधानों का वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव। |
| भारत की भूमिका | शिखर सम्मेलन की मेजबानी, ISA जैसी पहलें, 2070 तक शुद्ध-शून्य लक्ष्य। | भारत की जलवायु कूटनीति और वैश्विक नेतृत्व की क्षमता का विश्लेषण। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Medium | 2–4 | Summits, UN resolutions, and India's foreign policy are included in Railway GK. |
Key Facts to Remember: हरित संक्रमण पर दिल्ली घोषणा: भारत की अध्यक्षता में वैश्विक जलवायु एजेंडा को नई दिशा
- भारत की अध्यक्षता में 'जलवायु परिवर्तन और सतत विकास शिखर सम्मेलन 2026' नई दिल्ली में संपन्न हुआ।
- 'हरित संक्रमण पर दिल्ली घोषणा' को शिखर सम्मेलन में सर्वसम्मति से अपनाया गया।
- घोषणापत्र का लक्ष्य 2040 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करना है।
- विकसित देशों ने 2030 तक जलवायु वित्तपोषण को 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष तक बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
- विकासशील देशों के लिए हरित प्रौद्योगिकियों तक पहुंच हेतु वैश्विक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव है।
- घोषणापत्र कार्बन मूल्य निर्धारण तंत्रों को लागू करने या मजबूत करने पर जोर देता है।
- भारत का लक्ष्य 2030 तक अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त करना है।
- भारत ने 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- यह घोषणापत्र जलवायु-लचीले बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देता है।
Practice Questions
Q1. 'हरित संक्रमण पर दिल्ली घोषणा' किस शिखर सम्मेलन में अपनाई गई थी?
- G20 शिखर सम्मेलन
- जलवायु परिवर्तन और सतत विकास शिखर सम्मेलन 2026
- BRICS शिखर सम्मेलन
- संयुक्त राष्ट्र महासभा
Explanation: 'हरित संक्रमण पर दिल्ली घोषणा' को भारत की अध्यक्षता में आयोजित 'जलवायु परिवर्तन और सतत विकास शिखर सम्मेलन 2026' में सर्वसम्मति से अपनाया गया था। यह घोषणा वैश्विक जलवायु कार्रवाई को तेज करने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
Q2. दिल्ली घोषणा के अनुसार, सदस्य देशों ने 2040 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को कितना गुना करने का लक्ष्य रखा है?
- दो गुना
- तीन गुना
- चार गुना
- पांच गुना
Explanation: घोषणापत्र में सदस्य देशों ने 2040 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है। यह लक्ष्य वैश्विक ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
Q3. भारत ने किस वर्ष तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है?
- 2030
- 2040
- 2050
- 2070
Explanation: भारत ने 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) के लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लिया है। यह लक्ष्य COP26 ग्लासगो शिखर सम्मेलन में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किया गया था, जो भारत की दीर्घकालिक जलवायु रणनीति का हिस्सा है।
Q4. पेरिस समझौता किस वर्ष अपनाया गया था?
- 1992
- 1997
- 2002
- 2015
Explanation: पेरिस समझौता 2015 में UNFCCC के तहत अपनाया गया एक ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है। इसका उद्देश्य वैश्विक औसत तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 2 डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे रखना और 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के प्रयासों को जारी रखना है।
Q5. दिल्ली घोषणा में विकासशील देशों के लिए हरित प्रौद्योगिकियों तक पहुंच और हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाने के लिए किस तंत्र का प्रस्ताव किया गया है?
- क्षेत्रीय व्यापार ब्लॉक
- वैश्विक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तंत्र
- द्विपक्षीय निवेश समझौते
- संयुक्त सैन्य अभ्यास
Explanation: घोषणापत्र में विकासशील देशों को हरित प्रौद्योगिकियों, जैसे उन्नत बैटरी भंडारण, कार्बन कैप्चर और हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों तक पहुंच और हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाने के लिए एक वैश्विक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। यह तंत्र प्रौद्योगिकी अंतर को पाटने में मदद करेगा।
How to Prepare International Affairs for Government Exams — हरित संक्रमण पर दिल्ली घोषणा: भारत की अध्यक्षता म…
Focus on India-centric news — India's bilateral visits, MoUs signed, and positions in international bodies. This is what domestic exams test.
For UPSC, understand geopolitical context: Why does India take a particular position? What is India's strategic interest?
Keep a running note of all G20, SCO, BRICS, and QUAD-related outcomes. These bodies generate 3–5 questions per major exam cycle.
Test Your Knowledge on Today's Current Affairs
10 questions · 10 minutes · Based on today's GK updates. See how prepared you really are.
Start Daily Quiz