DRDO ने 'अग्नि-VI' इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 23 मई, 2026 को ओडिशा के तट पर डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से अपनी अगली पीढ़ी की इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) 'अग्नि-VI' का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह परीक्षण भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है और देश को लंबी दूरी की मिसाइल प्रौद्योगिकी में अग्रणी देशों की श्रेणी में स्थापित करता है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- DRDO ने 23 मई, 2026 को 'अग्नि-VI' इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का सफल परीक्षण किया।
- परीक्षण ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया।
- अग्नि-VI की अनुमानित मारक क्षमता 8,000 से 12,000 किलोमीटर के बीच है।
- यह मिसाइल मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक से लैस है।
- MIRV तकनीक इसे एक साथ कई वारहेड ले जाने और अलग-अलग लक्ष्यों पर दागने की क्षमता देती है।
- अग्नि-VI एक तीन-चरण वाली ठोस प्रणोदक मिसाइल है, जो त्वरित तैनाती में सक्षम है।
- यह भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है।
- भारत अब 8,000 किमी से अधिक की ICBM क्षमता वाले चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल हो गया है।
- यह परीक्षण भारत की 'नो फर्स्ट यूज' परमाणु नीति और 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' सिद्धांत को मजबूत करता है।
- अग्नि मिसाइल श्रृंखला भारत के एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) का हिस्सा है।
Why In News
भारत अपनी रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने और उन्नत मिसाइल प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत है। 23 मई, 2026 को 'अग्नि-VI' ICBM का सफल परीक्षण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो भारत की रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है और क्षेत्रीय तथा वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में इसकी स्थिति को मजबूत करता है।
Syllabus Connection
यह समाचार भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी में नवीनतम विकास, विशेष रूप से बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं और रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने से संबंधित है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | 'अग्नि-VI' ICBM का सफल परीक्षण। | भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता और वैश्विक शक्ति संतुलन पर प्रभाव। |
| कब | 23 मई, 2026 को। | बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में लंबी दूरी की मिसाइल क्षमताओं का महत्व। |
| विशेषता | 8,000-12,000 किमी मारक क्षमता, MIRV तकनीक। | MIRV तकनीक का महत्व और दुश्मन की मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भेदने की क्षमता। |
| विकासकर्ता | DRDO। | स्वदेशी रक्षा अनुसंधान और विकास में आत्मनिर्भरता का महत्व। |
| नीतिगत संबंध | नो फर्स्ट यूज, विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता। | भारत की परमाणु नीति के सिद्धांतों को मजबूत करना और क्षेत्रीय सुरक्षा भूमिका। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 4–8 | UPSC focuses on strategic aspects: defence policy, Indo-Pacific, border issues, and bilateral defence deals. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | Defence acquisitions, military exercises, and appointments appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Low | 1–2 | Rarely tested in banking exams. |
| State PCS / PSC | Medium | 2–4 | State PCS papers test major acquisitions and military exercises involving India. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–5 | Army, Navy, and Air Force current events are regularly tested in Railway GK. |
Key Facts to Remember: DRDO ने 'अग्नि-VI' इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया
- DRDO ने 23 मई, 2026 को 'अग्नि-VI' इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का सफल परीक्षण किया।
- परीक्षण ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया।
- अग्नि-VI की अनुमानित मारक क्षमता 8,000 से 12,000 किलोमीटर के बीच है।
- यह मिसाइल मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक से लैस है।
- MIRV तकनीक इसे एक साथ कई वारहेड ले जाने और अलग-अलग लक्ष्यों पर दागने की क्षमता देती है।
- अग्नि-VI एक तीन-चरण वाली ठोस प्रणोदक मिसाइल है, जो त्वरित तैनाती में सक्षम है।
- यह भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है।
- भारत अब 8,000 किमी से अधिक की ICBM क्षमता वाले चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल हो गया है।
- यह परीक्षण भारत की 'नो फर्स्ट यूज' परमाणु नीति और 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' सिद्धांत को मजबूत करता है।
- अग्नि मिसाइल श्रृंखला भारत के एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) का हिस्सा है।
Practice Questions
Q1. DRDO द्वारा 'अग्नि-VI' इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किस स्थान से किया गया?
- चांदीपुर, ओडिशा
- श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश
- डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप, ओडिशा
- पोखरण, राजस्थान
Explanation: 'अग्नि-VI' इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया। यह भारत के मिसाइल परीक्षणों के लिए एक प्रमुख स्थल है।
Q2. 'अग्नि-VI' मिसाइल की अनुमानित मारक क्षमता कितनी है?
- 2,000-3,000 किलोमीटर
- 5,000-6,000 किलोमीटर
- 8,000-12,000 किलोमीटर
- 1,000-2,000 किलोमीटर
Explanation: 'अग्नि-VI' की अनुमानित मारक क्षमता 8,000 से 12,000 किलोमीटर के बीच है। यह इसे भारत की सबसे लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल बनाती है, जो वैश्विक पहुंच प्रदान करती है।
Q3. MIRV तकनीक का पूर्ण रूप क्या है, जिसका उपयोग 'अग्नि-VI' मिसाइल में किया गया है?
- मल्टीपल इंटीग्रेटेड रीएंट्री व्हीकल
- मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल
- मॉडर्न इंटरनल रीएंट्री व्हीकल
- मिलिट्री इंटीग्रेटेड रीएंट्री व्हीकल
Explanation: MIRV का पूर्ण रूप मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल है। यह तकनीक एक ही मिसाइल को कई परमाणु वारहेड ले जाने और उन्हें अलग-अलग लक्ष्यों पर निर्देशित करने की अनुमति देती है, जिससे मिसाइल की प्रभावशीलता बढ़ जाती है।
Q4. भारत की परमाणु नीति किस सिद्धांत पर आधारित है?
- पहले हमला करने की नीति (First Strike Policy)
- पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण
- नो फर्स्ट यूज (No First Use) और विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता (Credible Minimum Deterrence)
- केवल रक्षात्मक हथियारों का उपयोग
Explanation: भारत की परमाणु नीति 'नो फर्स्ट यूज' (No First Use) और 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' (Credible Minimum Deterrence) के सिद्धांतों पर आधारित है। इसका अर्थ है कि भारत पहले परमाणु हथियारों का उपयोग नहीं करेगा, लेकिन किसी भी हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई करने की पर्याप्त क्षमता बनाए रखेगा।
Q5. एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) का शुभारंभ किस वर्ष किया गया था?
- 1971
- 1983
- 1998
- 2005
Explanation: एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) का शुभारंभ 1983 में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नेतृत्व में किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत को मिसाइल प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाना था।
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