DRDO द्वारा 'अग्नि-VI' मिसाइल का सफल परीक्षण: भारत की सामरिक क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 5 जून, 2026 को नई पीढ़ी की अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) 'अग्नि-VI' का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह परीक्षण ओडिशा के डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया, जिससे भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अग्नि-VI की मारक क्षमता 8,000 किलोमीटर से अधिक है और यह मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक से लैस है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 5 जून, 2026 को 'अग्नि-VI' मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
- अग्नि-VI एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है जिसकी मारक क्षमता 8,000 से 10,000 किलोमीटर तक है।
- यह मिसाइल मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक से लैस है।
- MIRV तकनीक मिसाइल को एक साथ कई परमाणु हथियार ले जाने और उन्हें अलग-अलग लक्ष्यों पर दागने की क्षमता प्रदान करती है।
- परीक्षण ओडिशा के डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) से किया गया।
- अग्नि-VI एक तीन-चरण वाली ठोस प्रणोदक मिसाइल है और इसे कैनिस्टर-लॉन्च प्रणाली से भी लॉन्च किया जा सकता है।
- इस सफल परीक्षण के साथ, भारत MIRV क्षमता वाले चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल हो गया है।
- यह भारत की 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' (Credible Minimum Deterrence) की नीति को मजबूत करता है।
- अग्नि श्रृंखला की मिसाइलें भारत के एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) का हिस्सा हैं।
- भारत की परमाणु नीति 'नो फर्स्ट यूज' (पहले उपयोग न करना) पर आधारित है।
Why In News
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 5 जून, 2026 को अपनी सबसे उन्नत अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM), 'अग्नि-VI' का पहला सफल विकासात्मक परीक्षण किया। यह परीक्षण भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो देश को MIRV तकनीक से लैस एक लंबी दूरी की मिसाइल प्रदान करता है। इस सफल परीक्षण ने भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर दिया है जिनके पास यह अत्याधुनिक मिसाइल क्षमता है।
Syllabus Connection
यह लेख भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता, विशेष रूप से मिसाइल विकास कार्यक्रम (अग्नि श्रृंखला) और MIRV जैसी उन्नत तकनीकों के महत्व को दर्शाता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक प्रतिरोधक क्षमता के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | DRDO द्वारा अग्नि-VI ICBM का सफल परीक्षण। | भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि, MIRV तकनीक का महत्व। |
| कब | 5 जून, 2026 | भारत के मिसाइल विकास कार्यक्रम की निरंतरता और वैश्विक भू-राजनीतिक संदर्भ। |
| तकनीक | MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल)। | MIRV की सामरिक प्रासंगिकता, दुश्मन की मिसाइल रक्षा प्रणाली को भेदने की क्षमता। |
| मारक क्षमता | 8,000-10,000 किलोमीटर। | भारत की पहुंच का विस्तार, वैश्विक शक्ति संतुलन पर प्रभाव। |
| नीतिगत संबंध | 'नो फर्स्ट यूज' परमाणु नीति। | विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना और भारत की सुरक्षा मुद्रा। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 4–8 | UPSC focuses on strategic aspects: defence policy, Indo-Pacific, border issues, and bilateral defence deals. |
| State PCS / PSC | Medium | 2–4 | State PCS papers test major acquisitions and military exercises involving India. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | Defence acquisitions, military exercises, and appointments appear in SSC GK. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–5 | Army, Navy, and Air Force current events are regularly tested in Railway GK. |
Key Facts to Remember: DRDO द्वारा 'अग्नि-VI' मिसाइल का सफल परीक्षण: भारत की सामरिक क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि
- रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 5 जून, 2026 को 'अग्नि-VI' मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
- अग्नि-VI एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है जिसकी मारक क्षमता 8,000 से 10,000 किलोमीटर तक है।
- यह मिसाइल मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक से लैस है।
- MIRV तकनीक मिसाइल को एक साथ कई परमाणु हथियार ले जाने और उन्हें अलग-अलग लक्ष्यों पर दागने की क्षमता प्रदान करती है।
- परीक्षण ओडिशा के डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) से किया गया।
- अग्नि-VI एक तीन-चरण वाली ठोस प्रणोदक मिसाइल है और इसे कैनिस्टर-लॉन्च प्रणाली से भी लॉन्च किया जा सकता है।
- इस सफल परीक्षण के साथ, भारत MIRV क्षमता वाले चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल हो गया है।
- यह भारत की 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' (Credible Minimum Deterrence) की नीति को मजबूत करता है।
- अग्नि श्रृंखला की मिसाइलें भारत के एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) का हिस्सा हैं।
- भारत की परमाणु नीति 'नो फर्स्ट यूज' (पहले उपयोग न करना) पर आधारित है।
Practice Questions
Q1. अग्नि-VI मिसाइल का सफल परीक्षण किस तिथि को किया गया?
- 15 मई, 2026
- 5 जून, 2026
- 20 जुलाई, 2026
- 10 अगस्त, 2026
Explanation: अग्नि-VI मिसाइल का सफल परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा 5 जून, 2026 को किया गया। यह भारत की रक्षा क्षमताओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
Q2. अग्नि-VI मिसाइल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या है?
- यह केवल पारंपरिक हथियार ले जा सकती है।
- यह मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक से लैस है।
- यह एक एंटी-टैंक मिसाइल है।
- यह केवल पनडुब्बी से लॉन्च की जा सकती है।
Explanation: अग्नि-VI मिसाइल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक है। यह इसे एक साथ कई परमाणु हथियार ले जाने और उन्हें अलग-अलग लक्ष्यों पर दागने की क्षमता प्रदान करती है।
Q3. अग्नि-VI मिसाइल का परीक्षण किस द्वीप से किया गया?
- श्रीहरिकोटा
- अंडमान द्वीप
- डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप)
- लक्षद्वीप
Explanation: अग्नि-VI मिसाइल का सफल परीक्षण ओडिशा तट पर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप (जिसे पहले व्हीलर द्वीप के नाम से जाना जाता था) से किया गया। यह भारत के मिसाइल परीक्षणों के लिए एक प्रमुख स्थल है।
Q4. भारत की परमाणु नीति किस सिद्धांत पर आधारित है?
- पहले उपयोग करना (First Use)
- केवल रक्षात्मक उपयोग
- नो फर्स्ट यूज (No First Use)
- आक्रामक प्रतिरोधक क्षमता
Explanation: भारत की परमाणु नीति 'नो फर्स्ट यूज' (पहले उपयोग न करना) और 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' पर आधारित है। इसका अर्थ है कि भारत पहले परमाणु हमला नहीं करेगा, लेकिन किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पर्याप्त क्षमता रखता है।
Q5. एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) किस वर्ष शुरू किया गया था?
- 1971
- 1983
- 1998
- 2005
Explanation: एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नेतृत्व में 1983 में शुरू किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत को मिसाइल प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाना था और इसने अग्नि श्रृंखला सहित कई महत्वपूर्ण मिसाइलों का विकास किया।
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Chiefs of defence services change periodically. Always keep the current CDS, Army Chief, Navy Chief, and Air Chief up to date.
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