G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में 'वैश्विक हरित ऊर्जा संक्रमण फ्रेमवर्क' पर सहमति: सतत भविष्य की ओर एक कदम
25 मई, 2026 को G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में 'वैश्विक हरित ऊर्जा संक्रमण फ्रेमवर्क' पर ऐतिहासिक सहमति बनी। इस फ्रेमवर्क का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने में तेजी लाना, ऊर्जा दक्षता में सुधार करना और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए सहयोग को मजबूत करना है। यह समझौता जलवायु परिवर्तन से निपटने और एक सतत वैश्विक ऊर्जा प्रणाली बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में 25 मई, 2026 को 'वैश्विक हरित ऊर्जा संक्रमण फ्रेमवर्क' पर सहमति बनी।
- यह बैठक ब्राजील की G20 अध्यक्षता के तहत आयोजित की गई थी और इसे 'रियो डी जनेरियो घोषणापत्र 2026' के रूप में जाना जाएगा।
- फ्रेमवर्क का लक्ष्य 2035 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करना है।
- इसका उद्देश्य 2040 तक ऊर्जा दक्षता में दोगुनी वार्षिक सुधार दर प्राप्त करना भी है।
- फ्रेमवर्क हरित हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण और कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (CCUS) प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित है।
- जीवाश्म ईंधन सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए एक समय-सीमा निर्धारित की जाएगी।
- विकासशील देशों को सहायता के लिए $100 बिलियन के प्रारंभिक योगदान के साथ 'हरित ऊर्जा संक्रमण कोष' का प्रस्ताव है।
- यह फ्रेमवर्क पेरिस समझौते के लक्ष्यों और सतत विकास लक्ष्य 7 (किफायती और स्वच्छ ऊर्जा) तथा SDG 13 (जलवायु कार्रवाई) के अनुरूप है।
- भारत ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन और 2030 तक 50% ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है।
- भारत की 'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' (OSOWOG) पहल इस फ्रेमवर्क के लक्ष्यों के साथ संरेखित है।
Why In News
G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक, जो 25 मई, 2026 को संपन्न हुई, में 'वैश्विक हरित ऊर्जा संक्रमण फ्रेमवर्क' को सर्वसम्मति से अपनाया गया। यह सहमति ऐसे समय में आई है जब दुनिया जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों और ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियों का सामना कर रही है। यह फ्रेमवर्क G20 देशों की सामूहिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है कि वे हरित ऊर्जा की ओर संक्रमण को गति दें और पेरिस समझौते के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ठोस कदम उठाएँ। यह वैश्विक जलवायु कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
Syllabus Connection
यह समाचार G20 जैसे वैश्विक समूहों के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए हरित ऊर्जा संक्रमण के महत्व को दर्शाता है। छात्रों को G20 की भूमिका, पेरिस समझौते और सतत विकास लक्ष्यों के साथ-साथ भारत की जलवायु परिवर्तन नीतियों को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | 'वैश्विक हरित ऊर्जा संक्रमण फ्रेमवर्क' पर सहमति | G20 देशों द्वारा जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा हेतु एक समन्वित रणनीति। |
| कब | 25 मई, 2026 को G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में | वैश्विक जलवायु कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर, ब्राजील की अध्यक्षता में। |
| मुख्य लक्ष्य | 2035 तक नवीकरणीय ऊर्जा 3x, 2040 तक ऊर्जा दक्षता 2x | जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और सतत ऊर्जा प्रणाली बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य। |
| प्रमुख घटक | हरित हाइड्रोजन, CCUS, ऊर्जा कोष ($100 बिलियन), जीवाश्म ईंधन सब्सिडी समाप्ति | हरित ऊर्जा संक्रमण के लिए वित्तीय, तकनीकी और नीतिगत उपकरण प्रदान करना। |
| भारत की भूमिका | फ्रेमवर्क का स्वागत, 2070 नेट-जीरो लक्ष्य, OSOWOG पहल | वैश्विक हरित ऊर्जा संक्रमण में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका और प्रतिबद्धता। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Medium | 2–4 | Summits, UN resolutions, and India's foreign policy are included in Railway GK. |
Key Facts to Remember: G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में 'वैश्विक हरित ऊर्जा संक्रमण फ्रेमवर्क' पर सहमति: सतत भविष्य की ओर एक कदम
- G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में 25 मई, 2026 को 'वैश्विक हरित ऊर्जा संक्रमण फ्रेमवर्क' पर सहमति बनी।
- यह बैठक ब्राजील की G20 अध्यक्षता के तहत आयोजित की गई थी और इसे 'रियो डी जनेरियो घोषणापत्र 2026' के रूप में जाना जाएगा।
- फ्रेमवर्क का लक्ष्य 2035 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करना है।
- इसका उद्देश्य 2040 तक ऊर्जा दक्षता में दोगुनी वार्षिक सुधार दर प्राप्त करना भी है।
- फ्रेमवर्क हरित हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण और कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (CCUS) प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित है।
- जीवाश्म ईंधन सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए एक समय-सीमा निर्धारित की जाएगी।
- विकासशील देशों को सहायता के लिए $100 बिलियन के प्रारंभिक योगदान के साथ 'हरित ऊर्जा संक्रमण कोष' का प्रस्ताव है।
- यह फ्रेमवर्क पेरिस समझौते के लक्ष्यों और सतत विकास लक्ष्य 7 (किफायती और स्वच्छ ऊर्जा) तथा SDG 13 (जलवायु कार्रवाई) के अनुरूप है।
- भारत ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन और 2030 तक 50% ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है।
- भारत की 'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' (OSOWOG) पहल इस फ्रेमवर्क के लक्ष्यों के साथ संरेखित है।
Practice Questions
Q1. G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में 'वैश्विक हरित ऊर्जा संक्रमण फ्रेमवर्क' पर सहमति किस तारीख को बनी?
- 20 मई, 2026
- 25 मई, 2026
- 30 मई, 2026
- 15 मई, 2026
Explanation: G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में 'वैश्विक हरित ऊर्जा संक्रमण फ्रेमवर्क' पर सहमति 25 मई, 2026 को बनी। यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक समझौता है जो जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए G20 देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Q2. G20 फ्रेमवर्क के तहत, सदस्य देशों ने 2035 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को कितना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है?
- दो गुना
- तीन गुना
- चार गुना
- पांच गुना
Explanation: G20 फ्रेमवर्क के तहत, सदस्य देशों ने 2035 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य वैश्विक ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए है।
Q3. 'वैश्विक हरित ऊर्जा संक्रमण फ्रेमवर्क' को किस अन्य नाम से भी जाना जाएगा?
- पेरिस घोषणापत्र 2026
- नई दिल्ली घोषणापत्र 2026
- रियो डी जनेरियो घोषणापत्र 2026
- रोम घोषणापत्र 2026
Explanation: यह फ्रेमवर्क 'रियो डी जनेरियो घोषणापत्र 2026' के रूप में भी जाना जाएगा, क्योंकि G20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक ब्राजील की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। यह ब्राजील के सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Q4. G20 फ्रेमवर्क के तहत प्रस्तावित 'हरित ऊर्जा संक्रमण कोष' में प्रारंभिक रूप से कितने डॉलर का योगदान होगा?
- $50 बिलियन
- $100 बिलियन
- $200 बिलियन
- $500 बिलियन
Explanation: G20 फ्रेमवर्क के तहत एक 'हरित ऊर्जा संक्रमण कोष' स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिसमें प्रारंभिक रूप से $100 बिलियन का योगदान होगा। इस कोष का उद्देश्य विकासशील देशों को स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश करने में मदद करना है।
Q5. भारत ने किस वर्ष तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है?
- 2030
- 2040
- 2050
- 2070
Explanation: भारत ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य भारत की जलवायु कार्रवाई प्रतिबद्धताओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और वैश्विक हरित ऊर्जा संक्रमण प्रयासों के साथ संरेखित है।
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