गगनयान मिशन: क्रू मॉड्यूल रिकवरी परीक्षण का सफल समापन
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गगनयान मिशन के लिए क्रू मॉड्यूल रिकवरी परीक्षणों का सफलतापूर्वक समापन किया है। यह परीक्षण मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिसमें विभिन्न समुद्री परिस्थितियों में मॉड्यूल की लैंडिंग और रिकवरी प्रक्रियाओं का अभ्यास शामिल है। यह उपलब्धि भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- ISRO ने गगनयान मिशन के लिए क्रू मॉड्यूल रिकवरी परीक्षणों का सफलतापूर्वक समापन किया है।
- ये परीक्षण भारतीय नौसेना के सहयोग से विभिन्न समुद्री परिस्थितियों में किए गए थे।
- परीक्षणों में क्रू मॉड्यूल रिकवरी मॉडल (CMRM) का उपयोग किया गया, जो वास्तविक मॉड्यूल का प्रतिनिधित्व करता है।
- गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है, जिसकी घोषणा 15 अगस्त, 2018 को हुई थी।
- मिशन का लक्ष्य तीन गगनयात्रियों को 400 किलोमीटर की निचली पृथ्वी कक्षा (LEO) में 3 दिनों के लिए भेजना है।
- मानव-रेटेड GSLV Mk III (LVM3) लॉन्च वाहन का उपयोग किया जाएगा।
- अक्टूबर 2023 में टीवी-डी1 (Test Vehicle Abort Mission-1) का सफल परीक्षण किया गया था।
- मिशन की अनुमानित लागत लगभग 10,000 करोड़ रुपये है।
- यह मिशन भारत को अमेरिका, रूस और चीन के बाद मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता वाला चौथा देश बनाएगा।
- मिशन का लक्ष्य 2025 तक मानव अंतरिक्ष उड़ान को साकार करना है।
Why In News
ISRO ने हाल ही में गगनयान मिशन के क्रू मॉड्यूल रिकवरी परीक्षणों के अंतिम चरण को सफलतापूर्वक पूरा करने की घोषणा की है। ये परीक्षण, जो विभिन्न समुद्री वातावरणों में मॉड्यूल की सुरक्षित लैंडिंग और पुनःप्राप्ति क्षमताओं का मूल्यांकन करते हैं, मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए भारत की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुए हैं। इस घोषणा ने मिशन की प्रगति को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
Syllabus Connection
यह समाचार भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान की प्रगति से संबंधित है, जो अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, लॉन्च वाहनों, जीवन समर्थन प्रणालियों और रिकवरी प्रक्रियाओं के विकास को दर्शाता है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| मिशन का नाम | गगनयान मिशन | भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता और वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थिति। |
| हालिया घटनाक्रम | क्रू मॉड्यूल रिकवरी परीक्षणों का सफल समापन | मानव सुरक्षा प्रोटोकॉल और बहु-एजेंसी सहयोग का महत्व। |
| सहयोगी एजेंसी | भारतीय नौसेना | रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्रों के बीच तालमेल और तकनीकी हस्तांतरण। |
| लॉन्च वाहन | GSLV Mk III (LVM3) | स्वदेशी लॉन्च क्षमता का विकास और आत्मनिर्भरता का लक्ष्य। |
| मिशन का उद्देश्य | 3 गगनयात्रियों को 400 किमी LEO में भेजना | वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देना। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | Space missions, defence acquisitions, and health research appear regularly. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
Key Facts to Remember: गगनयान मिशन: क्रू मॉड्यूल रिकवरी परीक्षण का सफल समापन
- ISRO ने गगनयान मिशन के लिए क्रू मॉड्यूल रिकवरी परीक्षणों का सफलतापूर्वक समापन किया है।
- ये परीक्षण भारतीय नौसेना के सहयोग से विभिन्न समुद्री परिस्थितियों में किए गए थे।
- परीक्षणों में क्रू मॉड्यूल रिकवरी मॉडल (CMRM) का उपयोग किया गया, जो वास्तविक मॉड्यूल का प्रतिनिधित्व करता है।
- गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है, जिसकी घोषणा 15 अगस्त, 2018 को हुई थी।
- मिशन का लक्ष्य तीन गगनयात्रियों को 400 किलोमीटर की निचली पृथ्वी कक्षा (LEO) में 3 दिनों के लिए भेजना है।
- मानव-रेटेड GSLV Mk III (LVM3) लॉन्च वाहन का उपयोग किया जाएगा।
- अक्टूबर 2023 में टीवी-डी1 (Test Vehicle Abort Mission-1) का सफल परीक्षण किया गया था।
- मिशन की अनुमानित लागत लगभग 10,000 करोड़ रुपये है।
- यह मिशन भारत को अमेरिका, रूस और चीन के बाद मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता वाला चौथा देश बनाएगा।
- मिशन का लक्ष्य 2025 तक मानव अंतरिक्ष उड़ान को साकार करना है।
Practice Questions
Q1. हाल ही में गगनयान मिशन के क्रू मॉड्यूल रिकवरी परीक्षणों में किस भारतीय सशस्त्र बल ने ISRO के साथ सहयोग किया?
- भारतीय सेना
- भारतीय नौसेना
- भारतीय वायु सेना
- भारतीय तटरक्षक बल
Explanation: गगनयान मिशन के क्रू मॉड्यूल रिकवरी परीक्षणों में भारतीय नौसेना ने ISRO के साथ मिलकर काम किया। नौसेना ने समुद्री वातावरण में मॉड्यूल की सुरक्षित रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए अपनी विशेषज्ञता और संसाधनों का उपयोग किया। यह सहयोग मिशन की सुरक्षा प्रोटोकॉल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Q2. गगनयान मिशन में कितने अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की योजना है?
- एक
- दो
- तीन
- चार
Explanation: गगनयान मिशन का लक्ष्य तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों (गगनयात्रियों) को अंतरिक्ष में भेजना है। ये अंतरिक्ष यात्री लगभग तीन दिनों तक 400 किलोमीटर की निचली पृथ्वी कक्षा में रहेंगे, जिसके बाद वे पृथ्वी पर सुरक्षित लौट आएंगे।
Q3. गगनयान मिशन के लिए उपयोग किए जाने वाले मानव-रेटेड लॉन्च वाहन का नाम क्या है?
- PSLV
- ASLV
- GSLV Mk III (LVM3)
- SLV
Explanation: गगनयान मिशन के लिए मानव-रेटेड GSLV Mk III लॉन्च वाहन का उपयोग किया जाएगा, जिसे अब LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) के नाम से भी जाना जाता है। यह ISRO का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है और इसे भारी पेलोड को भू-स्थिर स्थानांतरण कक्षा (GTO) में ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Q4. गगनयान मिशन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किस वर्ष की थी?
- 2014
- 2016
- 2018
- 2020
Explanation: गगनयान मिशन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2018 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की थी। इस घोषणा ने भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को औपचारिक रूप से शुरू किया और इसे राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में स्थापित किया।
Q5. गगनयान मिशन के अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से कितनी ऊंचाई पर निचली पृथ्वी कक्षा (LEO) में यात्रा करेंगे?
- 200 किलोमीटर
- 300 किलोमीटर
- 400 किलोमीटर
- 500 किलोमीटर
Explanation: गगनयान मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री लगभग 400 किलोमीटर की निचली पृथ्वी कक्षा (LEO) में यात्रा करेंगे। यह कक्षा अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की कक्षा के समान है और पृथ्वी के वायुमंडल के ऊपरी किनारे के करीब स्थित है।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — गगनयान मिशन: क्रू मॉड्यूल रिकवरी परीक्षण का सफल स…
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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