G20 शिखर सम्मेलन 2026: जलवायु परिवर्तन पर 'दिल्ली घोषणापत्र' का अनावरण और वैश्विक सहयोग का आह्वान
5 जून, 2026 को संपन्न हुए G20 शिखर सम्मेलन में 'दिल्ली घोषणापत्र' का अनावरण किया गया, जिसमें जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों पर जोर दिया गया। घोषणापत्र में नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश बढ़ाने, हरित प्रौद्योगिकियों को अपनाने और विकासशील देशों को जलवायु वित्त प्रदान करने का आह्वान किया गया है। यह वैश्विक जलवायु कार्रवाई को तेज करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- G20 शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन नई दिल्ली में हुआ और 5 जून, 2026 को 'दिल्ली घोषणापत्र' जारी किया गया।
- घोषणापत्र का मुख्य लक्ष्य वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के पेरिस समझौते के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
- G20 देशों ने 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने का संकल्प लिया।
- जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को चरणबद्ध तरीके से कम करने और ऊर्जा दक्षता में सुधार पर सहमति बनी।
- विकसित देशों ने विकासशील देशों को प्रति वर्ष $100 बिलियन के जलवायु वित्त लक्ष्य को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
- घोषणापत्र में हरित प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण को सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया है।
- कार्बन मूल्य निर्धारण तंत्रों की व्यवहार्यता का पता लगाने और कार्बन बाजारों को विकसित करने पर विचार किया जाएगा।
- भारत ने G20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की और 'साझा लेकिन विभेदित जिम्मेदारियों' (CBDR-RC) के सिद्धांत पर जोर दिया।
- G20 दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जो वैश्विक GDP का 85% प्रतिनिधित्व करता है।
- यह घोषणापत्र संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP) वार्ताओं के परिणामों के साथ संरेखित है।
Why In News
G20 शिखर सम्मेलन 5 जून, 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसके परिणामस्वरूप जलवायु परिवर्तन पर एक महत्वपूर्ण 'दिल्ली घोषणापत्र' जारी किया गया। यह घोषणापत्र वैश्विक नेताओं द्वारा जलवायु संकट से निपटने के लिए एक संयुक्त और महत्वाकांक्षी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु वित्त और हरित प्रौद्योगिकी हस्तांतरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस घोषणापत्र का अनावरण वैश्विक जलवायु एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है।
Syllabus Connection
यह लेख G20 जैसे वैश्विक मंचों पर जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत की भूमिका, वैश्विक सहयोग और बहुपक्षीय समझौतों के महत्व को समझने में मदद करता है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | G20 शिखर सम्मेलन 2026 में 'दिल्ली घोषणापत्र' जारी। | जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु वित्त की भूमिका। |
| कब | 5 जून, 2026 | वैश्विक जलवायु एजेंडे में G20 की बढ़ती प्रासंगिकता और COP वार्ताओं के साथ इसका संबंध। |
| लक्ष्य | 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करना; $100 बिलियन जलवायु वित्त। | पेरिस समझौते के 1.5°C लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में ठोस कदम और चुनौतियाँ। |
| भारत की भूमिका | शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की, CBDR-RC सिद्धांत पर जोर। | भारत की जलवायु कूटनीति, राष्ट्रीय प्रतिबद्धताएँ और वैश्विक नेतृत्व की क्षमता। |
| महत्व | जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना, हरित प्रौद्योगिकी हस्तांतरण। | सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में घोषणापत्र का योगदान और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams. |
Key Facts to Remember: G20 शिखर सम्मेलन 2026: जलवायु परिवर्तन पर 'दिल्ली घोषणापत्र' का अनावरण और वैश्विक सहयोग का आह्वान
- G20 शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन नई दिल्ली में हुआ और 5 जून, 2026 को 'दिल्ली घोषणापत्र' जारी किया गया।
- घोषणापत्र का मुख्य लक्ष्य वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के पेरिस समझौते के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
- G20 देशों ने 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने का संकल्प लिया।
- जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को चरणबद्ध तरीके से कम करने और ऊर्जा दक्षता में सुधार पर सहमति बनी।
- विकसित देशों ने विकासशील देशों को प्रति वर्ष $100 बिलियन के जलवायु वित्त लक्ष्य को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
- घोषणापत्र में हरित प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण को सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया है।
- कार्बन मूल्य निर्धारण तंत्रों की व्यवहार्यता का पता लगाने और कार्बन बाजारों को विकसित करने पर विचार किया जाएगा।
- भारत ने G20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की और 'साझा लेकिन विभेदित जिम्मेदारियों' (CBDR-RC) के सिद्धांत पर जोर दिया।
- G20 दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जो वैश्विक GDP का 85% प्रतिनिधित्व करता है।
- यह घोषणापत्र संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP) वार्ताओं के परिणामों के साथ संरेखित है।
Practice Questions
Q1. G20 शिखर सम्मेलन 2026 में जलवायु परिवर्तन पर जारी घोषणापत्र का नाम क्या है?
- पेरिस समझौता 2.0
- दिल्ली घोषणापत्र
- ग्लोबल क्लाइमेट चार्टर
- नई दिल्ली संकल्प
Explanation: G20 शिखर सम्मेलन 2026 में जलवायु परिवर्तन पर जारी घोषणापत्र को 'दिल्ली घोषणापत्र' नाम दिया गया है। यह घोषणापत्र वैश्विक जलवायु कार्रवाई को तेज करने के लिए सदस्य देशों की संयुक्त प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Q2. दिल्ली घोषणापत्र के अनुसार, G20 देशों ने 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को कितना बढ़ाने का संकल्प लिया है?
- दोगुना
- तीन गुना
- चार गुना
- पांच गुना
Explanation: दिल्ली घोषणापत्र में G20 देशों ने 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने का संकल्प लिया है। यह लक्ष्य वैश्विक ऊर्जा मिश्रण को डीकार्बोनाइज करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है।
Q3. जलवायु वित्त के संदर्भ में, विकसित देशों ने विकासशील देशों को प्रति वर्ष कितनी राशि प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है?
- $50 बिलियन
- $75 बिलियन
- $100 बिलियन
- $150 बिलियन
Explanation: दिल्ली घोषणापत्र में विकसित देशों ने विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने और अनुकूलन के लिए आवश्यक प्रति वर्ष $100 बिलियन के जलवायु वित्त लक्ष्य को पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह राशि विकासशील देशों को जलवायु कार्रवाई में मदद करने के लिए महत्वपूर्ण है।
Q4. G20 की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- 1992
- 1999
- 2005
- 2010
Explanation: G20 (ग्रुप ऑफ ट्वेंटी) की स्थापना 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद हुई थी। इसका उद्देश्य वैश्विक आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देना और प्रमुख आर्थिक मुद्दों पर सहयोग करना है।
Q5. भारत का शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्य किस वर्ष तक का है?
- 2030
- 2047
- 2050
- 2070
Explanation: भारत ने 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह भारत की दीर्घकालिक जलवायु प्रतिबद्धता है और वैश्विक जलवायु कार्रवाई में उसके योगदान को दर्शाता है।
How to Prepare International Affairs for Government Exams — G20 शिखर सम्मेलन 2026: जलवायु परिवर्तन पर 'दिल्ली…
Focus on India-centric news — India's bilateral visits, MoUs signed, and positions in international bodies. This is what domestic exams test.
For UPSC, understand geopolitical context: Why does India take a particular position? What is India's strategic interest?
Keep a running note of all G20, SCO, BRICS, and QUAD-related outcomes. These bodies generate 3–5 questions per major exam cycle.
Related Current Affairs
Test Your Knowledge on Today's Current Affairs
10 questions · 10 minutes · Based on today's GK updates. See how prepared you really are.
Start Daily Quiz