वैश्विक संघर्ष और शांति प्रक्रियाएँ: मध्य पूर्व, यूक्रेन और अफ्रीका में चुनौतियाँ
वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व, यूक्रेन और अफ्रीका के विभिन्न क्षेत्रों में संघर्षों की तीव्रता तथा शांति प्रक्रियाओं में बाधाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय संगठन इन संघर्षों को सुलझाने और मानवीय संकटों को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भू-राजनीतिक जटिलताएँ समाधान में देरी कर रही हैं।
2-Minute Summary (TL;DR)
- मध्य पूर्व में इजरायल-हमास संघर्ष अक्टूबर 2023 से जारी है, जिससे गाजा में गंभीर मानवीय संकट उत्पन्न हुआ है।
- यूक्रेन में रूसी आक्रमण फरवरी 2022 से जारी है, जिसमें हाल ही में रूसी सेना ने नए आक्रामक अभियान शुरू किए हैं।
- सूडान में अप्रैल 2023 से सैन्य संघर्ष जारी है, जिससे 15 मिलियन से अधिक लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है।
- कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) के पूर्वी हिस्से में M23 विद्रोही समूह और सरकारी सेना के बीच संघर्ष जारी है।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में संघर्षों पर चर्चा हुई, लेकिन स्थायी सदस्यों के वीटो अधिकारों के कारण प्रभावी कार्रवाई में बाधाएँ आती हैं।
- भारत ने मध्य पूर्व में दो-राज्य समाधान और यूक्रेन में संवाद तथा कूटनीति का समर्थन किया है।
- भारत संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ताओं में से एक है।
- जेनेवा कन्वेंशन (1949) युद्ध के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने वाले अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का आधार है।
- जिम्मेदारी का सिद्धांत (R2P) राज्यों को अपनी आबादी को नरसंहार जैसे अपराधों से बचाने की जिम्मेदारी देता है।
- अफ्रीकी संघ (AU) और पूर्वी अफ्रीकी समुदाय (EAC) जैसे क्षेत्रीय संगठन अफ्रीकी संघर्षों को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।
Why In News
हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में मध्य पूर्व में बिगड़ती स्थिति, यूक्रेन में नए सिरे से सैन्य वृद्धि और सूडान तथा कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य जैसे अफ्रीकी देशों में मानवीय संकटों पर गहन चर्चा हुई। इन चर्चाओं ने वैश्विक शांति प्रक्रियाओं की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों को फिर से सुर्खियों में ला दिया है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष समाधान खोजने की तात्कालिकता बढ़ गई है।
Syllabus Connection
वैश्विक संघर्षों के मूल कारण, अंतर्राष्ट्रीय कानून और संगठनों की भूमिका, तथा भारत की विदेश नीति के सिद्धांतों को समझना महत्वपूर्ण है, विशेषकर जब ये संघर्ष भारत के भू-राजनीतिक और आर्थिक हितों को प्रभावित करते हैं।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | मध्य पूर्व, यूक्रेन, अफ्रीका में चल रहे संघर्ष और शांति प्रक्रियाएँ। | संघर्षों के मूल कारण, भू-राजनीतिक प्रभाव, अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और मानवीय परिणाम। |
| कौन | संयुक्त राष्ट्र, नाटो, यूरोपीय संघ, अफ्रीकी संघ, भारत, अमेरिका, रूस, चीन। | विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय अभिनेताओं की भूमिका, उनके हित, और संघर्षों को सुलझाने में उनकी प्रभावशीलता। |
| कहाँ | गाजा, पूर्वी यूक्रेन, सूडान, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य। | इन क्षेत्रों की भू-रणनीतिक महत्ता और संघर्षों के क्षेत्रीय तथा वैश्विक विस्तार। |
| क्यों | भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, संसाधन नियंत्रण, जातीय-धार्मिक विभाजन, ऐतिहासिक शिकायतें। | संघर्षों के अंतर्निहित कारण, बाहरी हस्तक्षेप का प्रभाव और स्थायी शांति के लिए चुनौतियाँ। |
| भारत की भूमिका | दो-राज्य समाधान का समर्थन, मानवीय सहायता, संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में योगदान। | भारत की गुटनिरपेक्ष नीति, वैश्विक शांति में योगदान और अंतर्राष्ट्रीय कानून के प्रति प्रतिबद्धता। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties. |
Key Facts to Remember: वैश्विक संघर्ष और शांति प्रक्रियाएँ: मध्य पूर्व, यूक्रेन और अफ्रीका में चुनौतियाँ
- मध्य पूर्व में इजरायल-हमास संघर्ष अक्टूबर 2023 से जारी है, जिससे गाजा में गंभीर मानवीय संकट उत्पन्न हुआ है।
- यूक्रेन में रूसी आक्रमण फरवरी 2022 से जारी है, जिसमें हाल ही में रूसी सेना ने नए आक्रामक अभियान शुरू किए हैं।
- सूडान में अप्रैल 2023 से सैन्य संघर्ष जारी है, जिससे 15 मिलियन से अधिक लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है।
- कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) के पूर्वी हिस्से में M23 विद्रोही समूह और सरकारी सेना के बीच संघर्ष जारी है।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में संघर्षों पर चर्चा हुई, लेकिन स्थायी सदस्यों के वीटो अधिकारों के कारण प्रभावी कार्रवाई में बाधाएँ आती हैं।
- भारत ने मध्य पूर्व में दो-राज्य समाधान और यूक्रेन में संवाद तथा कूटनीति का समर्थन किया है।
- भारत संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ताओं में से एक है।
- जेनेवा कन्वेंशन (1949) युद्ध के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने वाले अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का आधार है।
- जिम्मेदारी का सिद्धांत (R2P) राज्यों को अपनी आबादी को नरसंहार जैसे अपराधों से बचाने की जिम्मेदारी देता है।
- अफ्रीकी संघ (AU) और पूर्वी अफ्रीकी समुदाय (EAC) जैसे क्षेत्रीय संगठन अफ्रीकी संघर्षों को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।
Practice Questions
Q1. इजरायल-हमास संघर्ष के संदर्भ में, गाजा पट्टी में मानवीय संकट को कम करने के लिए भारत ने किस समाधान का समर्थन किया है?
- एक-राज्य समाधान
- दो-राज्य समाधान
- तीन-राज्य समाधान
- संघर्ष विराम के बिना सैन्य समाधान
Explanation: भारत ने ऐतिहासिक रूप से इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के लिए 'दो-राज्य समाधान' का समर्थन किया है, जिसमें इजरायल के साथ-साथ एक स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीनी राज्य का सह-अस्तित्व हो। यह समाधान क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने का एक व्यापक रूप से स्वीकृत अंतर्राष्ट्रीय ढाँचा है।
Q2. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के स्थायी सदस्यों की संख्या कितनी है?
- 3
- 5
- 7
- 10
Explanation: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं, जिनमें से 5 स्थायी सदस्य (चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) हैं। इन स्थायी सदस्यों के पास वीटो शक्ति होती है, जिसका अर्थ है कि वे किसी भी प्रस्ताव को अवरुद्ध कर सकते हैं।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा अंतर्राष्ट्रीय कानून युद्ध के दौरान नागरिकों, युद्धबंदियों और घायल सैनिकों की सुरक्षा के लिए नियम निर्धारित करता है?
- क्योटो प्रोटोकॉल
- जेनेवा कन्वेंशन
- पेरिस समझौता
- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
Explanation: जेनेवा कन्वेंशन अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो युद्ध के दौरान मानवीय व्यवहार और नागरिकों तथा युद्ध में शामिल न होने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमों का एक समूह है। यह चार संधियों और तीन अतिरिक्त प्रोटोकॉल से बना है।
Q4. सूडान में अप्रैल 2023 से चल रहा सैन्य संघर्ष किन दो प्रमुख गुटों के बीच है?
- सूडानी सशस्त्र बल (SAF) और सूडानी लिबरेशन मूवमेंट (SLM)
- रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) और सूडानी पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट (SPLM)
- सूडानी सशस्त्र बल (SAF) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF)
- सूडानी पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट (SPLM) और सूडानी लिबरेशन मूवमेंट (SLM)
Explanation: सूडान में अप्रैल 2023 से चल रहा सैन्य संघर्ष सूडानी सशस्त्र बल (SAF) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच है। यह संघर्ष देश के सैन्य नेतृत्व के भीतर सत्ता संघर्ष का परिणाम है, जिसने एक गंभीर मानवीय संकट को जन्म दिया है।
Q5. जिम्मेदारी का सिद्धांत (Responsibility to Protect - R2P) किस वर्ष संयुक्त राष्ट्र विश्व शिखर सम्मेलन में अपनाया गया था?
- 1995
- 2000
- 2005
- 2010
Explanation: जिम्मेदारी का सिद्धांत (R2P) 2005 में संयुक्त राष्ट्र विश्व शिखर सम्मेलन में अपनाया गया था। यह सिद्धांत यह सुनिश्चित करने के लिए एक वैश्विक प्रतिबद्धता है कि कोई भी राज्य अपनी आबादी को नरसंहार, युद्ध अपराधों, जातीय सफाई और मानवता के खिलाफ अपराधों से बचाने में विफल न हो।
How to Prepare International Affairs for Government Exams — वैश्विक संघर्ष और शांति प्रक्रियाएँ: मध्य पूर्व,…
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