भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (ASEAN) के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर नई दिल्ली घोषणा
24 मई, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक शिखर सम्मेलन में भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (ASEAN) ने 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) पर एक ऐतिहासिक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। यह घोषणापत्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए दोनों पक्षों के बीच सहयोग के एक नए युग की शुरुआत करता है, जिसमें आर्थिक, सुरक्षा और सांस्कृतिक आयाम शामिल हैं।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत और आसियान ने 24 मई, 2026 को नई दिल्ली में 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) पर हस्ताक्षर किए।
- इस साझेदारी को 'नई दिल्ली घोषणा' के नाम से जाना जाएगा।
- यह साझेदारी भारत-आसियान संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' से उन्नत करती है।
- शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी और आसियान के 10 सदस्य देशों के नेताओं ने भाग लिया।
- लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 बिलियन डॉलर तक बढ़ाना है।
- प्रमुख सहयोग क्षेत्रों में आर्थिक, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल परिवर्तन और कनेक्टिविटी शामिल हैं।
- दोनों पक्ष हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक खुले, समावेशी और नियम-आधारित व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
- भारत-आसियान कनेक्टिविटी कॉरिडोर के तहत नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की घोषणा की गई।
- यह साझेदारी भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का एक महत्वपूर्ण परिणाम है।
- समुद्री डोमेन जागरूकता और समुद्री डकैती का मुकाबला करने पर विशेष जोर दिया गया है।
Why In News
यह घोषणापत्र 24 मई, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भारत-आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षरित किया गया, जो दोनों पक्षों के बीच संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' से 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' तक उन्नत करता है। यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और आसियान की केंद्रीयता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Syllabus Connection
यह लेख भारत और आसियान के बीच 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' पर केंद्रित है। छात्रों को भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक महत्व, और क्षेत्रीय संगठनों के साथ भारत के संबंधों के विभिन्न आयामों को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | भारत-आसियान व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर 'नई दिल्ली घोषणा' | हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बहुपक्षीय सहयोग का महत्व |
| कब | 24 मई, 2026 | भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति की परिणति और आसियान की केंद्रीयता को मजबूत करने का संकेत |
| उद्देश्य | आर्थिक, सुरक्षा, डिजिटल, कनेक्टिविटी सहयोग | क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं का विविधीकरण, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना और चीन के प्रभाव को संतुलित करना |
| व्यापार लक्ष्य | 2030 तक 200 बिलियन डॉलर | मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा के माध्यम से आर्थिक एकीकरण को गहरा करना |
| महत्व | भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का केंद्र बिंदु | क्षेत्रीय शांति, समृद्धि और नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देने में साझा हित |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams. |
Key Facts to Remember: भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (ASEAN) के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर नई दिल्ली घोषणा
- भारत और आसियान ने 24 मई, 2026 को नई दिल्ली में 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) पर हस्ताक्षर किए।
- इस साझेदारी को 'नई दिल्ली घोषणा' के नाम से जाना जाएगा।
- यह साझेदारी भारत-आसियान संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' से उन्नत करती है।
- शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी और आसियान के 10 सदस्य देशों के नेताओं ने भाग लिया।
- लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 बिलियन डॉलर तक बढ़ाना है।
- प्रमुख सहयोग क्षेत्रों में आर्थिक, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल परिवर्तन और कनेक्टिविटी शामिल हैं।
- दोनों पक्ष हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक खुले, समावेशी और नियम-आधारित व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
- भारत-आसियान कनेक्टिविटी कॉरिडोर के तहत नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की घोषणा की गई।
- यह साझेदारी भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का एक महत्वपूर्ण परिणाम है।
- समुद्री डोमेन जागरूकता और समुद्री डकैती का मुकाबला करने पर विशेष जोर दिया गया है।
Practice Questions
Q1. भारत और आसियान के बीच 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' पर 'नई दिल्ली घोषणा' किस तिथि को हस्ताक्षरित की गई?
- 22 मई, 2026
- 23 मई, 2026
- 24 मई, 2026
- 25 मई, 2026
Explanation: भारत और आसियान के बीच 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' पर 'नई दिल्ली घोषणा' 24 मई, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षरित की गई। यह तिथि दोनों पक्षों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
Q2. भारत और आसियान ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को कितने बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है?
- 100 बिलियन डॉलर
- 150 बिलियन डॉलर
- 200 बिलियन डॉलर
- 250 बिलियन डॉलर
Explanation: नई दिल्ली घोषणा के तहत, भारत और आसियान ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य आर्थिक एकीकरण और व्यापारिक संबंधों को गहरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Q3. भारत की किस नीति को आसियान के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण परिणाम माना जाता है?
- लुक वेस्ट नीति
- नेबरहुड फर्स्ट नीति
- एक्ट ईस्ट नीति
- ग्लोबल आउटरीच नीति
Explanation: आसियान के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का एक महत्वपूर्ण परिणाम है। यह नीति भारत को दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन-सा 'नई दिल्ली घोषणा' के तहत सहयोग का एक प्रमुख क्षेत्र नहीं है?
- आर्थिक सहयोग
- समुद्री सुरक्षा
- डिजिटल परिवर्तन
- ध्रुवीय अन्वेषण
Explanation: 'नई दिल्ली घोषणा' के तहत सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल परिवर्तन और कनेक्टिविटी शामिल हैं। ध्रुवीय अन्वेषण इस साझेदारी का हिस्सा नहीं है, क्योंकि यह सीधे हिंद-प्रशांत क्षेत्र से संबंधित नहीं है।
Q5. भारत आसियान का 'रणनीतिक भागीदार' किस वर्ष बना था?
- 1992
- 1995
- 2012
- 2026
Explanation: भारत 2012 में आसियान का रणनीतिक भागीदार बना था। 2026 की 'नई दिल्ली घोषणा' ने इस साझेदारी को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया है।
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